हीट-रे से दुश्मनों की चमड़ी खाक करेंगे ट्रंप? अमेरिका का ये ब्रह्मास्त्र क्या
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Heat Ray हथियार का टेस्ट अमेरिका-मैक्सिको बॉर्डर पर अवैध तौर पर आए इमिग्रेंट्स यानी प्रवासियों की भीड़ को तितर-बितर करने के लिए किया जा सकता है. पेंटागन के इस फैसले के बाद मानवाधिकार संगठनों और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार एक्सपर्ट्स के बीच तेज बहस छिड़ गई है.
हीट रे हथियार
अमेरिका के डिफेंस डिपार्टमेंट एक बार फिर से विवादित और खतरनाक तकनीक को चर्चा में ला खड़ा किया है. अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने देश के होमलैंड सिक्योरिटी विभाग (DHS) को सैन्य ग्रेड के ‘डायरेक्टेड-एनर्जी हथियार’ का परीक्षण करने की मंजूरी दे दी है. इसे आम भाषा में हीट रे (Heat Ray) कहा जाता है. इस हथियार का टेस्ट अमेरिका-मैक्सिको बॉर्डर पर अवैध तौर पर आए इमिग्रेंट्स यानी प्रवासियों की भीड़ को तितर-बितर करने के लिए किया जा सकता है. पेंटागन के इस फैसले के बाद मानवाधिकार संगठनों और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार एक्सपर्ट्स के बीच तेज बहस छिड़ गई है. आइए जानते हैं कि आखिर यह ‘हीट रे’ क्या है, यह कैसे काम करता है और क्यों इसे मानव शरीर के लिए इतना खतरनाक माना जा रहा है.
क्या है एक्टिव डिनायल सिस्टम या ‘हीट रे’?
तकनीकी भाषा में इस हथियार को एक्टिव डिनायल सिस्टम (ADS) कहा जाता है. अमेरिकी सेना ने इसको भीड़ को कंट्रोल करने वाले एक गैर-घातक हथियार के तौर पर विकसित किया था. इस हथियार के काम करने का तरीका बहुत अनोखा है. यह हथियार 95 गीगाहर्ट्ज (GHz) की फ्रीक्वेंसी वाली एक अदृश्य इलेक्ट्रोमैगनेटिक तरंगों की बीम फेंकता है. इसका असर माइक्रोवेव जैसा होता है. जब यह बीम किसी इंसान पर पड़ती है, तो स्किन के अंदर केवल 1/64 इंच की गहराई तक घुसती है और त्वचा के नमी कणों को तुरंत अत्यधिक गर्म कर देती है.
कैसा महसूस होता है?
पेंटागन के अधिकारियों के अनुसार इसका अहसास ऐसा होता है जैसे किसी ने बहुत गर्म ओवन का दरवाजा अचानक खोल दिया हो और स्किन पर भयानक जलन महसूस होने लगे. इससे पीड़ित इंसान में उस जगह से तुरंत भागने की स्वाभाविक और अदम्य इच्छा पैदा होती है.
कितना खतरनाक है यह हथियार?
अमेरिकी सैन्य ऑफिसर्स का दावा है कि यह एक गैर-घातक हथियार है और इसका असर 10 से 15 मिनट में खत्म हो जाता है, जिससे त्वचा को कोई स्थायी नुकसान या गंभीर जलने के निशान नहीं पड़ते. हालांकि, मानवाधिकार एक्सपर्ट्स और डॉक्टर्स ने इस पर कई गंभीर सवाल उठाए हैं.
- दर्द और शारीरिक नुकसान: अगर किसी इंसान को इस बीम के सामने लंबे समय तक रखा जाए या फिर वह भाग ना सके, तो उसकी स्किन पर गहरे छाले पड़ सकते हैं.
- आंखों को खतरा: एक्सपर्ट्स का मानना है कि यदि यह अदृश्य बीम सीधे किसी व्यक्ति की आंखों पर केंद्रित हो जाए, तो इससे स्थायी अंधापन होने का खतरा रहता है.
- भीड़ में भगदड़: प्रवासियों या प्रदर्शनकारियों की भीड़ पर इस हथियार के प्रयोग से भयानक भगदड़ मच सकती है, जिससे बच्चों और बुजुर्गों की कुचलकर मौत भी हो सकती है.
मेमो में क्या सामने आया है?
लीक हुए पेंटागन के मेमो के अनुसार रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने DHS को एक वेहिकल माउंटेड ADS यूनिट सात महीने के लोन पर टेस्ट के लिए सौंपी है. मेमो में यह स्पष्ट किया गया है कि आर्मी का कोई भी जवान इसे ऑपरेट नहीं करेगा, बल्कि इसका इस्तेमाल और संचालन पूरी तरह से DHS और नागरिक सीमा सुरक्षा बल (CBP) के अधिकार क्षेत्र में होगा. इससे किसी भी कानूनी या मानवाधिकार विवाद की स्थिति में डिफेंस मिनिस्ट्री पर सीधा दायित्व नहीं आएगा.
क्यों हमेशा विवादों में रहा है ‘हीट रे’?
‘हीट रे’ हथियार का इतिहास विवादों से भरा रहा है. अफगानिस्तान से लेकर अमेरिका तक इसके कारनामे विवादों के घेरे में रहे हैं. अब 2026 में पीट हेगसेथ की तरफ से इसके परीक्षण की मंजूरी देने के फैसले ने अंतरराष्ट्रीय कानून, प्रवासी सुरक्षा और मानवाधिकारों को लेकर ग्लोबल लेवल पर एक नई बहस को जन्म दे दिया है.
- 2010: अमेरिकी सेना ने पहली बार अफगानिस्तान में सैन्य ठिकानों की सुरक्षा के लिए इस हथियार को तैनात किया था. हालांकि स्थानीय नागरिकों में अमानवीय हथियार के खिलाफ आक्रोश भड़कने की आशंका से इसका इस्तेमाल किए बिना ही इसे वापस बुला लिया गया था.
- 2018: डोनाल्ड ट्रंप के पहले कार्यकाल की बात है. अमेरिकी सीमा अधिकारियों ने प्रवासियों को रोकने के लिए ‘हीट रे’ का सुझाव दिया था, लेकिन तत्कालीन होमलैंड सिक्योरिटी सचिव कर्स्टजेन नील्सन ने इसे यह कहकर खारिज कर दिया था कि ‘प्रवासियों को दुश्मन लड़ाकों की तरह नहीं देखा जा सकता’.
- 2020: जॉर्ज फ्लॉयड प्रदर्शन भी इस लिस्ट में शामिल है. वाशिंगटन डीसी में नागरिक अधिकारों के विरोध प्रदर्शनों को दबाने के लिए भी इसके इस्तेमाल पर विचार हुआ था, जिसे बाद में खारिज कर दिया गया.