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Rajasthan AQI Today Report: राजस्थान के सातों संभाग मुख्यालयों और प्रमुख औद्योगिक शहरों में आज वायु गुणवत्ता ज्यादातर ‘मध्यम’ श्रेणी में दर्ज की गई है. प्रदेश में पीएम10 और पीएम2.5 मुख्य प्रदूषक बने हुए हैं, जिससे शुष्क मौसम के बीच धुंध और धूल का असर दिख रहा है. भिवाड़ी और सीकर जैसे क्षेत्रों में प्रदूषण का स्तर अपेक्षाकृत अधिक दर्ज किया गया, जबकि अजमेर में स्थिति संतोषजनक रही.
Rajasthan AQI Today: राजस्थान के किस शहर में कितनी प्रदूषित है हवा, जयपुर से भिवाड़ी तक जानें AQI का हाल
Jaipur: राजस्थान के सभी प्रमुख शहरों और सातों संभाग मुख्यालयों में आज वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) अधिकांश स्थानों पर ‘मध्यम’ (Moderate) श्रेणी में दर्ज किया गया है. राज्य के विभिन्न हिस्सों में शुष्क मौसम, स्थानीय वाहनों के धुएं और धूल के कणों के कारण हवा में पीएम10 और पीएम2.5 मुख्य प्रदूषक तत्वों के रूप में बने हुए हैं. मौसम विभाग और पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार, राज्य में वर्तमान में साफ और शुष्क मौसम होने से प्रदूषक तत्व हवा में पूरी तरह से विलीन नहीं हो पा रहे हैं, जिससे सुबह और शाम के समय वायु गुणवत्ता में गिरावट देखी जा रही है. हालांकि, आगामी पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम में बदलाव होने और हवा की स्थिति में थोड़ा सुधार आने की संभावना जताई जा रही है.
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) और स्थानीय मॉनिटरिंग स्टेशनों से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, राजस्थान के संभाग मुख्यालयों और औद्योगिक शहरों में आज का AQI स्तर इस प्रकार रहा:
| शहर | AQI | स्तर |
| जयपुर | 124 | (मध्यम) |
| जोधपुर | 110-130 के बीच | (मध्यम) |
| कोटा | 100-120 के बीच | (मध्यम / संतोषजनक) |
| अजमेर | 90 | (संतोषजनक) |
| उदयपुर | 120-140 के बीच | (मध्यम) |
| बीकानेर | 130-160 के बीच | (मध्यम) |
| भरतपुर | 150-180 के बीच | (मध्यम) |
| अलवर | 116 | (मध्यम) |
| भिवाड़ी | 150-180 के बीच | (मध्यम / खराब) |
औद्योगिक क्षेत्रों और जयपुर के विभिन्न इलाकों का हाल
राजस्थान की राजधानी जयपुर में ओवरऑल AQI 124 दर्ज किया गया है, लेकिन शहर के अलग-अलग मॉनिटरिंग स्टेशनों पर भारी अंतर देखा गया. जयपुर का रीको सीतापुरा (RIICO Sitapura) औद्योगिक क्षेत्र सबसे अधिक प्रदूषित स्टेशन रहा, जहां AQI 170 के आसपास दर्ज किया गया. वहीं दूसरी ओर, आदर्श नगर क्षेत्र में हवा की स्थिति अपेक्षाकृत काफी बेहतर रही और वहां AQI केवल 76 दर्ज किया गया. भिवाड़ी, सीकर और भरतपुर जैसे इलाकों में औद्योगिक इकाइयों के संचालन और भारी वाहनों के आवागमन के कारण प्रदूषण का असर ज्यादा देखने को मिल रहा है.