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यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब पर हमले तेज करते हुए राजधानी रियाद स्थित रक्षा मंत्रालय को निशाना बनाया. इससे पहले आज ही अरामको सुविधा केंद्रों और दम्माम एयरपोर्ट पर भी हमले हुए. इन हमलों में दो विदेशी नागरिकों की मौत हो गई और भारतीय-पाकिस्तानी नागरिक घायल हुए हैं. सऊदी रक्षा प्रणाली और विदेशी सहयोग के बावजूद लगातार हो रहे इन मिसाइल व ड्रोन हमलों से मध्य पूर्व में सुरक्षा संकट गहरा गया है.
हूतियों के हमले से सऊदी अरब दहल गया है.
यमन के हूती विरोधियों के सऊदी अरब पर हमले और तेज हो गए हैं. अब राजधानी रियाद में स्थित सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय को हूती विद्रोहियों ने निशाना बनाया. सऊदी सेना देखती रह गई. मक्का पैक्ट के तहत सऊदी पहुंचे पाकिस्तानी आर्मी के जवाब भी कुछ नहीं कर पाए. हवा से आए मिसाइल ने सब धुआं-धुआं कर दिया. इससे पहले आज ही सऊदी की सबसे बड़ी कंपनी अरामको के सुविधा केंद्रों और दम्माम के किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट को निशाना बनाते हुए हूती विद्रोहियों ने हमले किए हैं. दम्माम में हुए हमलों के दौरान दो लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जिसमें नेपाली और फिलिपी नागरिक शामिल हैं, जबकि भारतीय और पाकिस्तानी नागरिक घायल हुए हैं.
रियाद-जेद्दा MEA ने संभाला मोर्चा
सऊदी अरब में सुरक्षा स्थिति बिगड़ने के कारण वहां फंसे भारतीय उमराह तीर्थयात्रियों को सुरक्षित वतन वापस लाने के लिए विदेश मंत्रालय (MEA) ने प्रयास तेज कर दिए हैं. रियाद स्थित भारतीय दूतावास और जेद्दा स्थित वाणिज्य दूतावास संबंधित एयरलाइंस और टूर ऑपरेटरों के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए हैं, ताकि प्रभावित तीर्थयात्रियों की जल्द से जल्द वापसी सुनिश्चित की जा सके.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के अनुसार, पिछले एक सप्ताह में लगभग 3,000 फंसे हुए उमराह तीर्थयात्री उपलब्ध उड़ानों के माध्यम से भारत लौट चुके हैं. इसके अलावा, सामान्य टिकट बुकिंग वाले 10,000 से अधिक अन्य भारतीय उमराह श्रद्धालु भी सुरक्षित स्वदेश वापस आ चुके हैं. शेष बचे तीर्थयात्रियों को भी निकालने के लिए व्यापक इंतजामों पर चर्चा जारी है.
दरअसल, दम्माम के किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए हालिया हमलों के बाद उड़ानों में व्यवधान आया था, जिसके चलते कई श्रद्धालु वहां अटक गए. इसके बाद एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर मक्का और मदीना में लगभग 4,000 भारतीय श्रद्धालुओं के फंसे होने की बात उठाते हुए सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की थी.
24 घंटे एक्टिव हैं कंट्रोल रूम
स्थितियों को देखते हुए रियाद और जेद्दा में विशेष 24×7 कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं. भारतीय दूतावास व वाणिज्य दूतावास स्थानीय वालंटियर्स की मदद से तीर्थयात्रियों को हर संभव कल्याणकारी सहायता मुहैया करा रहे हैं. आपातकालीन सहायता और संपर्क के लिए विदेश मंत्रालय ने हेल्पलाइन नंबर और व्हाट्सएप सेवाएं भी जारी की हैं, ताकि किसी भी नागरिक को असुविधा का सामना न करना पड़े.