21 चौके 10 छक्के… हैरी ब्रूक ने वनडे इतिहास का सबसे तेज दोहरा शतक जड़ा
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Harry Brook Fastest Double Hundred: इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने महज 114 गेंदों में दोहरा शतक जड़कर इतिहास रच दिया. उन्होंने भारत के शुभमन गिल (117 गेंद) का रिकॉर्ड तोड़ते हुए वनडे क्रिकेट का सबसे तेज दोहरा शतक बनाया. ब्रूक की 116 गेंदों पर 202 रनों की विस्फोटक पारी और विल जैक्स की तूफानी फिफ्टी के दम पर इंग्लैंड ने 50 ओवर में 429/4 का विशाल स्कोर खड़ा किया.
हैरी ब्रूक ने वनडे इतिहास का सबसे तेज दोहरा शतक जड़ा.
नई दिल्ली. इंग्लैंड के कप्तान और स्टार बल्लेबाज हैरी ब्रूक ने इतिहास रच दिया है. श्रीलंका के खिलाफ रावलपिंडी में ट्राई सीरीज के मुकाबले में ब्रूक ने वनडे क्रिकेट इतिहास का सबसे तेज दोहरा शतक जड़कर नया कीर्तिमान स्थापित किया. हैरी ब्रूक ने महज 114 गेंदों में अपना दोहरा शतक पूरा किया और इस मामले में दुनिया के तमाम बल्लेबाजों को पीछे छोड़ दिया.
इस ऐतिहासिक पारी के साथ ही हैरी ब्रूक (Harry Brook) ने हाल ही में बने रिकॉर्ड को भी ध्वस्त कर दिया. उनसे ठीक पहले भारत के कप्तान शुभमन गिल (Shbuman Gill) ने वेस्टइंडीज के खिलाफ 30 सितंबर 2026 को 117 गेंदों में दोहरा शतक जड़कर यह रिकॉर्ड अपने नाम किया था, जिसे ब्रूक ने एक महीने के भीतर ही तोड़ दिया है. वनडे क्रिकेट के इतिहास में सबसे तेज दोहरे शतकों की सूची में अब हैरी ब्रूक का नाम सबसे ऊपर दर्ज हो गया है. इस खास लिस्ट में ईशान किशन (126 गेंद, बनाम बांग्लादेश, 10 दिसंबर 2022), ग्लेन मैक्सवेल (128 गेंद, बनाम अफगानिस्तान, 7 नवंबर 2023), पाथुम निसंका (136 गेंद, बनाम अफगानिस्तान, 9 फरवरी 2024) और क्रिस गेल (138 गेंद, बनाम जिम्बाब्वे, 24 फरवरी 2015) जैसे दिग्गज बल्लेबाज शामिल हैं.
इंग्लैंड की मजबूत शुरुआत और शुरुआती झटके
मुकाबले की बात करें तो टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की टीम ने निर्धारित 50 ओवरों में 4 विकेट के नुकसान पर 429 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया. इंग्लैंड की शुरुआत सधी हुई रही थी. ओपनर टॉम बैंटन ने 51 गेंदों पर 9 चौकों की मदद से 50 रनों की अर्धशतकीय पारी खेली. उनका साथ देते हुए बेन डकेट ने 39 गेंदों पर 29 रन बनाए. इसके बाद क्रीज पर आए अनुभवी जो रूट ने संभलकर खेलते हुए 66 गेंदों पर 8 चौकों की सहायता से 69 रनों का अहम योगदान दिया.
कप्तान ब्रूक और विल जैक्स की तूफानी साझेदारी
असली आतिशबाजी कप्तान हैरी ब्रूक और विल जैक्स की ओर से देखने को मिली. कप्तान ब्रूक ने मैदान के चारों तरफ चौकों और छक्कों की बरसात कर दी. उन्होंने 116 गेंदों का सामना करते हुए 202 रनों की नाबाद और ऐतिहासिक पारी खेली, जिसमें 21 शानदार चौके और 10 गगनचुंबी छक्के शामिल रहे. उनका स्ट्राइक रेट 174.14 का रहा. हालांकि, स्कोरकार्ड के अनुसार वह जानिथ लियानेगे की गेंद पर सहन अराच्चिगे के हाथों कैच आउट दर्शाए गए, लेकिन उनकी यह ताबड़तोड़ पारी इंग्लैंड को पहाड़ जैसे स्कोर तक पहुंचाने के लिए काफी थी. उनका साथ देते हुए विल जैक्स ने अंतिम ओवरों में तबाही मचा दी और मात्र 30 गेंदों पर 8 चौकों और 3 छक्कों की मदद से नाबाद 66 रनों की तूफानी पारी खेली, जिससे टीम का रन रेट 8.58 पर पहुंच गया. अतिरिक्त रनों के रूप में इंग्लैंड के खाते में 13 रन जुड़े.
श्रीलंकाई गेंदबाजी का लाचार प्रदर्शन
श्रीलंका की गेंदबाजी इस मुकाबले में पूरी तरह बेअसर नजर आई. श्रीलंकाई गेंदबाजों को इंग्लैंड के बल्लेबाजों के खिलाफ संघर्ष करना पड़ा. असाथा फर्नांडो ने 10 ओवरों में 68 रन देकर 1 विकेट हासिल किया, जबकि दिलशान मदुशंका काफी महंगे साबित हुए और उन्होंने 10 ओवरों में 89 रन खर्च किए. इशान मलिंगा ने भी 10 ओवरों में 91 रन लुटाए. श्रीलंका की तरफ से सबसे किफायती गेंदबाजी दुनिथ वेलालागे ने की, जिन्होंने अपने 10 ओवरों के कोटे में 56 रन देकर 2 महत्वपूर्ण विकेट चटकाए. दासन शनाका ने 6 ओवरों में 74 रन दिए और उन्हें कोई सफलता नहीं मिली. कामिंदु मेंडिस ने 2 ओवरों में 17 रन दिए, वहीं जानिथ लियानेगे ने 2 ओवरों में 32 रन खर्च कर 1 विकेट अपने नाम किया. इंग्लैंड के बल्लेबाजों के इस आक्रामक प्रदर्शन के आगे श्रीलंकाई गेंदबाजी आक्रमण पूरी तरह से बिखर गया और रावलपिंडी के मैदान पर रनों का यह महाकुंभ क्रिकेट प्रेमियों के लंबे समय तक याद रहेगा.