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पाकिस्तान के आर्मी चीफ असीम मुनीर की ईरान यात्रा को लेकर मीडिया रिपोर्ट्स में कई दावे किए गए हैं. बताया गया कि उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का संदेश ईरान के सुरक्षा परिषद प्रमुख मोहसेन रेजाई तक पहुंचाया और परमाणु कार्यक्रम पर ज्यादा लचीलापन दिखाने की बात कही. जवाब में ईरान ने अमेरिका से अपनी सात शर्तें स्वीकार करने को कहा. बाद में आसिम मुनीर को प्लेन में बैठकर वापस लौट जाने को कहा गया.
आसिम मुनीर और ईरान के राष्ट्रपति.
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान के आर्मी चीफ असीम मुनीर ईरान को बातचीत के लिए मनाने पहुंचे, लेकिन वहां उन्हें वैसा स्वागत नहीं मिला, जिसकी उम्मीद की जा रही थी. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान के नए सुरक्षा परिषद प्रमुख मोहसेन रजाई के साथ उनकी मुलाकात बेहद औपचारिक रही. दरअसल आसिम मुनीर अमेरिका का मैसेज लेकर ईरान पहुंचे थे. लेकिन ईरान ने उनकी एक भी बात न सुनी. ईरान ने साफ संकेत दिया कि वह अपनी शर्तों से पीछे हटने को तैयार नहीं है. कुछ रिपोर्ट्स में तो यहां तक कहा गया कि मुनीर का न ही ढंग से स्वागत हुआ, बल्कि उन्हें अपने प्लेन में बैठकर वापस जाने के लिए कह दिया गया.
लेबनान के अखबार अल-अखबार के मुताबिक, मुनीर ने रेजाई को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक सख्त संदेश दिया. इसमें ईरान से अपना पूरा परमाणु कार्यक्रम छोड़ने की मांग की गई थी. ईरान इंटरनेशनल की रिपोर्ट के अनुसार, मुनीर ने कथित तौर पर कहा कि परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत में तेहरान को ज्यादा लचीलापन दिखाना होगा. लेकिन ईरान की ओर से भी जवाब साफ था. ईरानी अधिकारियों ने कहा कि अमेरिका को ईरान की सात शर्तें स्वीकार करनी होंगी. यानी पाकिस्तान के आर्मी चीफ के जरिए अमेरिकी मांगें पहुंचाने के बावजूद दोनों पक्षों के बीच सहमति बनती नजर नहीं आई.
मुलाकात में नहीं दिखी गर्मजोशी
सीएनएन-न्यूज18 ने मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं के हाव-भाव का विश्लेषण किया. इसमें बातचीत संक्षिप्त और औपचारिक दिखाई दी. आमतौर पर दोस्ताना कूटनीतिक मुलाकातों में जिस तरह की गर्मजोशी नजर आती है, वह यहां नहीं दिखी. आसिम मुनीर जब रेजाई से मिलने पहुंचे तो वह एकदम सावधान की मुद्रा में थे, जबकि मुनीर बातचीत के दौरान उनकी ओर झुके हुए दिखाई दिए. जो वीडियो सामने आए उसमें न तो लंबे समय तक हाथ मिलाने की तस्वीर है और न ही गले मिलने जैसी कोई गर्मजोशी नजर आई.
मुनीर ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकेर गालिबाफ से भी हाईलेवल बातचीत की. रिपोर्ट के मुताबिक, गालिबाफ ने उनसे कहा कि ईरान के पास कहने के लिए कुछ नया नहीं है. अल-अखबार की एक अन्य रिपोर्ट में दावा किया गया कि मुनीर ने रेजाई को अमेरिका की ओर से आखिरी चेतावनी भी दी. इसमें कहा गया कि अगर ईरान ने अमेरिका की मांगें नहीं मानीं, तो उसके परमाणु ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हमला हो सकता है. इन ठिकानों में पिकैक्स माउंटेन का नाम भी शामिल बताया गया. हाल ही में ऐसी खबर आई है कि ईरान पर हमले की तैयारी की जा रही है.
ईरान जाने से पहले पाकिस्तान ने दी थी सफाई
ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान को अपने ही देश से जुड़ी एक खबर पर सफाई भी देनी पड़ी. पाकिस्तान के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर किए जा रहे उन दावों को खारिज किया, जिनमें कहा गया था कि इस्लामाबाद की मंजूरी से अमेरिकी नौसेना ईरान के खिलाफ पाकिस्तानी जमीन का इस्तेमाल कर रही है. मंत्रालय ने अपने फैक्ट-चेक अकाउंट पर कहा कि यह दावा उत्तर अमेरिका स्थित एक सोशल मीडिया अकाउंट से शुरू हुआ और बाद में फैलाया गया. पाकिस्तान ने इसे बेबुनियाद प्रचार बताते हुए कहा कि इससे भ्रम और गलतफहमी फैलाने की कोशिश की जा रही है.