जयपुर. राजस्थान के शहरों में सड़क, परिवहन, साफ-सफाई, जल निकासी और दूसरी बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने की तैयारी है. विश्व बैंक ने इसके लिए ‘सस्टेनेबल अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन इन राजस्थान एक्सीलरेटेड’ (सूत्रा) परियोजना का प्रस्ताव तैयार किया है. इस परियोजना की अनुमानित लागत 38 करोड़ 57 लाख अमेरिकी डॉलर यानी करीब 3,500 करोड़ रुपये से अधिक है. इसका उद्देश्य शहरों के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना, नागरिकों को बेहतर सुविधाएं देना और पर्यटन को बढ़ावा देना है.
सड़क, परिवहन और जल निकासी के इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर
सूत्रा परियोजना के तहत शहरों में परिवहन व्यवस्था और कनेक्टिविटी सुधारने के लिए काम किए जाने प्रस्तावित हैं. इसका उद्देश्य लोगों का आवागमन आसान बनाना और शहरी परिवहन को बेहतर करना है. इसके साथ ही ठोस कचरा प्रबंधन और दूसरी नागरिक सुविधाओं को मजबूत करने पर भी ध्यान दिया जाएगा. शहरों में गर्मी के दौरान जल संकट और बारिश के समय जलभराव जैसी समस्याओं से निपटने के लिए भी काम किए जाने की योजना है. इससे शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है.
ऐतिहासिक धरोहरों और पर्यटन स्थलों का होगा विकास
नगर निकायों की आर्थिक स्थिति सुधारने की तैयारी
परियोजना में केवल निर्माण और बुनियादी सुविधाओं पर ही नहीं, बल्कि नगर निकायों की वित्तीय और प्रशासनिक क्षमता मजबूत करने पर भी जोर दिया गया है. इसके तहत नगर निकायों की आय बढ़ाने, राजस्व व्यवस्था सुधारने और कर्ज प्रबंधन को बेहतर बनाने के उपाय प्रस्तावित हैं. इसके अलावा, शहरों में विकास कार्यों के लिए निजी क्षेत्र और वाणिज्यिक संस्थानों से पूंजी जुटाने की क्षमता बढ़ाने पर भी ध्यान दिया जाएगा. इससे शहरी विकास से जुड़ी परियोजनाओं के लिए वित्तीय संसाधन जुटाने में मदद मिल सकती है.
विश्व बैंक देगा 27 करोड़ डॉलर का ऋण
परियोजना की कुल प्रस्तावित लागत 38 करोड़ 57 लाख अमेरिकी डॉलर है. इसमें अंतरराष्ट्रीय पुनर्निर्माण एवं विकास बैंक (IBRD) से 27 करोड़ डॉलर का ऋण और राजस्थान सरकार की ओर से 11 करोड़ 57 लाख डॉलर का वित्तपोषण प्रस्तावित है. परियोजना की कार्यान्वयन एजेंसी राजस्थान अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट प्रोजेक्ट होगी. दस्तावेज में परियोजना की तकनीकी डिजाइन की समीक्षा 10 दिसंबर 2026 और विश्व बैंक के बोर्ड से मंजूरी 2 जुलाई 2027 तक मिलने की संभावना जताई गई है. फिलहाल यह एक प्रस्तावित परियोजना है. इसके तहत शहरों में होने वाले कार्यों और उनके क्रियान्वयन की आगे की प्रक्रिया मंजूरी के बाद स्पष्ट होगी.