40 फीट के रावण से लेकर जय श्रीराम के जयकारों तक, रावण दहन पर खास परंपरा
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Purnia Ravana Dahan 2026: पूर्णिया के मरंगा में विजयादशमी पर 40 फीट ऊंचे रावण का दहन किया गया. 14 दिनों की मेहनत से बने इस रावण को देखने के लिए लाखों दर्शकों की भीड़ जुटी. सुरक्षा के कड़े इंतजाम के बीच यह 7 साल पुरानी परंपरा धूमधाम से निभाई गई.
पूर्णिया: नवरात्रि को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखने को मिलता है. सनातन धर्म के लोग नौ दिनों तक मां दुर्गा की पूजा-अर्चना करते हैं. माता से सुख-समृद्धि व मनोकामना पूर्ण होने का आशीर्वाद मांगते हैं. नवरात्रि और विजयादशमी का पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है. यही वजह है कि दशहरा के मौके पर विभिन्न स्थानों पर रावण दहन का आयोजन किया जाता है. इसी कड़ी में पूर्णिया शहर के मरंगा स्थित वार्ड नंबर-8 के सार्वजनिक दुर्गा मंदिर परिसर में विजयादशमी के अवसर पर भव्य रावण दहन कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस दौरान करीब 40 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया. रावण के साथ मेघनाद और कुंभकरण के पुतलों को भी एक साथ जलाया गया.
14 दिनों की मेहनत से तैयार हुआ 40 फीट का रावण
आयोजन समिति के अनुसार करीब 40 फीट ऊंचे रावण के पुतले को तैयार करने में कारीगरों को लगभग 14 दिनों का समय लगा. मरंगा सार्वजनिक दुर्गा मंदिर में रावण दहन की यह परंपरा पिछले सात वर्षों से स्थानीय लोगों के सहयोग से जारी है. रावण दहन कार्यक्रम को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मंदिर परिसर में पहुंचे. आयोजकों के अनुसार इस दौरान लाखों की संख्या में दर्शकों की भीड़ जुटी. लोगों ने रावण, मेघनाद और कुंभकरण के पुतलों को जलते हुए देखने के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आनंद लिया.
1985 में हुई थी मंदिर की स्थापना
मरंगा स्थित सार्वजनिक दुर्गा मंदिर काफी पुराना और ऐतिहासिक माना जाता है. मंदिर कमेटी के सदस्यों के मुताबिक मंदिर की स्थापना वर्ष 1985 में आम लोगों के सहयोग से कराई गई थी. शहर के बीचो-बीच स्थित होने के कारण यहां गांव और शहर के लोग बड़ी संख्या में मां दुर्गा के दर्शन के लिए पहुंचते हैं. हर वर्ष इस मंदिर परिसर में स्थानीय लोगों के सहयोग से दुर्गा पूजा का आयोजन धूमधाम से किया जाता है. विजयादशमी के दिन रावण दहन भी इसी आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहता है.
सांसद पप्पू यादव सहित कई लोग रहे मौजूद
विजयादशमी के मौके पर रावण दहन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने को देखते हुए पूर्णिया जिला प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे. कार्यक्रम के दौरान प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर मौजूद रही, ताकि किसी तरह की अप्रिय स्थिति न हो. रावण दहन कार्यक्रम में पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए. उन्होंने अपने हाथों से रावण दहन किया. इस मौके पर मंदिर कमेटी के अध्यक्ष पोरस यादव, कमेटी सचिव एवं वार्ड पार्षद ऋतुराज यादव, नागेंद्र कुमार, कोषाध्यक्ष कुमार वशिष्ठ, कमेटी सदस्य एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रभारी मनोज कुमार शर्मा, दिवाकर यादव सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे. आयोजकों ने बताया कि रावण दहन का उद्देश्य केवल परंपरा का निर्वहन करना नहीं, बल्कि लोगों को बुराई पर अच्छाई की जीत, आपसी सद्भाव और सामाजिक एकता का संदेश देना भी है.