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Asim Munir Iran Visit: तेल की कीमत 110 डॉलर प्रति बैरल पहुंचते ही पाकिस्तान की हालत बिन पानी की मछली जैसी हो गई. फील्ड मार्शल आसिम मुनीर आनन-फानन में ईरान पहुंच गए, पर तेहरान ने इस बार उनकी ऐसी बेइज्जती की है कि वे ताउम्र उसे याद रखेंगे. अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी जंग ने इंटरनेशनल एनर्जी मार्केट का दम फुला रखा है.
ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सेक्रेटरी मोहसिन रेजाई ने आसिम मुनीर से मिलने से ही इनकार कर दिया. (फाइल फोटो/@IranNuances)
Asim Munir Iran Visit: ईरान जंग बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गई है. होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों में धमाके थमने का नाम नहीं ले रहे हैं. उधर, अमेरिका और इजरायल ईरान पर नए सिरे से हमला करने की प्लानिंग कर रहे हैं. इस तरह पूरा वेस्ट एशिया बारूद की ढेर पर बैठा हुआ है. इसमें कब धमाका होगा और उसकी आग कहां तक जाएगी इसका किसी को पता नहीं. इन सबका असर एनर्जी मार्केट पर पड़ रहा है. क्रूड ऑयल की कीमत रिकॉर्ड 110 अमेरिकी डॉलर तक पहुंच चुकी है. तेल और गैस की आसमान छूती कीमतों से पहले से ही परेशान पाकिस्तान की हालत और भी खराब हो गई है. ऐसे में पाकिस्तान के फील्ड मार्शल आसिम मुनीर दलाल करने के लिए एक बार ईरान पहुंच गए. लेकिन इस बार तेहरान ने उनकी ऐसी बेइज्जती की है, जिसे वे उम्रभर भूल नहीं सकेंगे. ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सेक्रेटरी मोहसिन रेजाई ने आसिम मुनीर से मिलने से ही इनकार कर दिया. साथ ही कहा कि एनरिच्ड यूरेनियम किसी भी हालत में पाकिस्तान से बाहर नहीं जाएगा.
ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव मोहसिन रेजाई ने तेहरान पहुंचे पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर से मुलाकात करने से इनकार कर दिया है. मुनीर अमेरिका और ईरान के बीच समझौते की दिशा में प्रगति कराने के प्रयासों के तहत ईरान के दौरे पर हैं. ‘तबनाक’ की रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है.‘फार्स’ के हवाले से एक वरिष्ठ सूत्र ने बताया कि मुनीर की यात्रा रविवार शाम तक लगभग टल गई थी, लेकिन सोमवार दोपहर तक इसे अचानक अंतिम रूप दे दिया गया. यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ, जब कच्चे तेल की कीमतें 110 डॉलर प्रति बैरल के स्तर की ओर बढ़ रही थीं. सूत्र के मुताबिक, पहले भी मध्यस्थों के तेहरान दौरे से तेल की कीमतों में गिरावट आई, लेकिन बातचीत में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई. इस बार यात्रा का उद्देश्य बाजार को भरोसा दिलाना हो सकता है. ब्रेंट क्रूड की कीमत 110 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई, जो 19 मई के बाद का उच्चतम स्तर है.
पाकिस्तान पर क्यों नहीं रहा भरोसा
ईरान और अमेरिका के बीच जारी संघर्ष को समाप्त कराने के लिए मध्यस्थता की कोशिशों के बीच पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर को तेहरान में झटका लगा है. रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के वरिष्ठ अधिकारियों ने मुनीर के बार-बार अनुरोध करने के बावजूद उनसे मुलाकात करने से इनकार कर दिया. ईरानी अधिकारियों को संदेह है कि पाकिस्तान अमेरिका के समर्थन में काम कर रहा है. इस कारण उन्होंने शांति वार्ता में इस्लामाबाद की मध्यस्थता की भूमिका पर भी अविश्वास जताया है.
ईरान का रुख सिर्फ आसिम मुनीर के लिए नहीं, बल्कि पाकिस्तान के भी झटका है. (फाइल फोटो)
ईरान के रुख में सख्ती
इस घटनाक्रम के बीच ईरान के रुख में और सख्ती आने के संकेत मिल रहे हैं. ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने कथित तौर पर कहा है कि संघर्ष का समाधान निकालने से पहले अमेरिका को ईरान की सात प्रमुख शर्तें स्वीकार करनी होंगी. वहीं, ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव मोहसेन रेजाई ने स्पष्ट किया है कि देश का अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम का एक ग्राम भी बाहर नहीं भेजा जाएगा. ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन की हाल के सप्ताहों में सार्वजनिक कूटनीतिक सक्रियता भी कम बताई जा रही है. इससे संकेत मिल रहे हैं कि तेहरान के भीतर बातचीत के जरिए समाधान निकालने की संभावनाएं कमजोर पड़ सकती हैं.
तेहरान के रुख में हो रहा बदलाव
संघर्ष के विश्लेषण के मुताबिक, ईरान ने अब तक खाड़ी क्षेत्र में हमलों का दायरा बढ़ाने और कुछ संवेदनशील समुद्री एवं कम्यूनिकेश सेंटर्स को निशाना बनाने जैसे कदमों से परहेज किया है. इसके पीछे अमेरिका की ओर से बड़े सैन्य हमले किए जाने की आशंका को वजह माना जा रहा है. हालांकि, अब ईरान में एक वर्ग के बीच यह धारणा मजबूत होने का दावा किया जा रहा है कि युद्ध समाप्त कराने के लिए अमेरिका पर अधिक दबाव बनाना जरूरी है. ऐसे में गालिबाफ और पेजेशकियन के कूटनीतिक दृष्टिकोण की जगह रेजाई जैसे सख्त रुख वाले नेताओं का प्रभाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है. फिलहाल, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संघर्ष के समाधान की संभावनाएं अनिश्चित बनी हुई हैं.