रिलायंस जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ ने भारतीय शेयर बाजार में तेजी का नया रिकॉर्ड बना दिया है. 30,213 करोड़ रुपये का यह आईपीओ खुलने के सिर्फ 100 मिनट के भीतर पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया. खास बात यह है कि जियो का इश्यू साइज में हुंडई मोटर इंडिया, बजाज हाउसिंग फाइनेंस और एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया जैसे बड़े आईपीओ से भी बड़ा है, लेकिन इसे भरने में इन सभी के मुकाबले काफी कम समय लगा. इससे जियो के आईपीओ को लेकर निवेशकों की शुरुआती दिलचस्पी का अंदाजा लगाया जा सकता है.
इससे पहले बजाज हाउसिंग फाइनेंस का आईपीओ खुलने वाले दिन दोपहर करीब 2 बजे तक पूरा सब्सक्राइब हुआ था. एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया का इश्यू पहले दिन कारोबार खत्म होने तक पूरी तरह भर पाया था. वहीं, हुंडई मोटर इंडिया के 27,870 करोड़ रुपये के आईपीओ को पहले दिन सिर्फ 18% सब्सक्रिप्शन मिला था. इसके मुकाबले जियो का 30,213 करोड़ रुपये का आईपीओ दो घंटे से भी कम समय में पूरा भर गया. इस तेजी ने इसे भारत के मेगा आईपीओ में सबसे तेजी से सब्सक्राइब होने वाला इश्यू बना दिया है.
जियो प्लेटफॉर्म्स आईपीओ के सब्सक्रिप्शन की रफ्तार सबसे तेज
तीनों आईपीओ के बीच एक अंतर भी है. हुंडई और एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स के आईपीओ पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) थे, यानी उनमें मौजूदा शेयरधारकों ने अपने शेयर बेचे थे. इसके उलट जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ पूरी तरह फ्रेश इश्यू है. इसमें कंपनी नए शेयर जारी कर रही है और इससे मिलने वाला पैसा कंपनी के पास जाएगा.
संस्थागत निवेशकों ने दिखाई सबसे ज्यादा दिलचस्पी
जियो के आईपीओ में शुरुआती मांग का सबसे बड़ा हिस्सा बड़े संस्थागत निवेशकों (QIB) से आया. आईपीओ खुलने के कुछ ही समय में योग्य संस्थागत खरीदारों की कैटेगरी तीन गुना से ज्यादा सब्सक्राइब हो गई. सुबह 10:39 बजे तक जियो के आईपीओ में बड़े संस्थागत निवेशकों की कैटेगरी 3.25 गुना सब्सक्राइब हो चुका था.
आईपीओ खुलने से पहले भी जियो को एंकर निवेशकों से जोरदार रिस्पांस मिला था. कंपनी ने एंकर बुक के जरिए करीब 8,110 करोड़ रुपये जुटाए. इसके लिए 2.5 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का सब्सक्रिप्शन मिलीं, जो उपलब्ध शेयरों के मुकाबले 30 गुना से अधिक मांग को दिखाता हैं. एंकर निवेशकों में विदेशी निवेश कंपनियों के साथ भारतीय म्यूचुअल फंड भी शामिल थे.
निवेशकों के लिए जरूरी बातें
- जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ का प्राइस बैंड 1,065 से 1,119 रुपये प्रति शेयर रखा गया है.
- रिटेल निवेशकों को कम से कम 12 शेयरों के लिए आवेदन करना होगा.
- अपर प्राइस बैंड पर न्यूनतम निवेश 13,428 रुपये बनता है.
- आईपीओ 21 अक्टूबर को खुला है और 23 अक्टूबर को बंद होगा. शेयरों की लिस्टिंग 28 अक्टूबर को होने की उम्मीद है.
- कंपनी इस इश्यू से जुटाई गई रकम में से 27,500 करोड़ रुपये तक रिलायंस जियो इंफोकॉम का कर्ज चुकाने में इस्तेमाल करेगी.
- वित्त वर्ष 2025-26 में जियो प्लेटफॉर्म्स का रेवेन्यू 1,46,885 करोड़ रुपये और टैक्स के बाद मुनाफा 30,049 करोड़ रुपये रहा. आईपीओ की तेज शुरुआत के बाद अब निवेशकों की नजर शेयरों की लिस्टिंग पर रहेगी.
(डिस्क्लेमर- नेटवर्क18 और टीवी18 कंपनियां चैनल/वेबसाइट का संचालन करती हैं, जिनका नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसमें रिलायंस इंडस्ट्रीज एकमात्र लाभार्थी है.)