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450 Year Old Balaji Rath: मध्य प्रदेश के बुरहानपुर में भगवान बालाजी महाराज का करीब 450 साल पुराना और 22 फीट ऊंचा ऐतिहासिक रथ अपनी प्राचीनता और परंपरा के लिए प्रसिद्ध है. इस रथ को भक्त अपने हाथों से खींचकर नगर भ्रमण कराते हैं.
450 Year Old Balaji Rath: मध्य प्रदेश के बुरहानपुर में भगवान बालाजी महाराज की आस्था और परंपरा से जुड़ा करीब साढ़े चार सौ साल पुराना ऐतिहासिक रथ आज भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. सागवान की लकड़ी से तैयार करीब 22 फीट ऊंचा यह रथ शहर की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है. खास बात यह है कि आधुनिक दौर में भी इस प्राचीन रथ को भक्त अपने हाथों से खींचकर नगर भ्रमण कराते हैं. साल में एक बार निकलने वाली इस भव्य रथयात्रा के दर्शन के लिए लाखों श्रद्धालु बुरहानपुर पहुंचते हैं.
सागवान की लकड़ी से तैयार हुआ ऐतिहासिक रथ
लोकल 18 की टीम को मंदिर समिति के चंद्रकांत बालाजी वाले मोहन बालाजी वाले ने बताया कि भगवान बालाजी महाराज का यह रथ अपनी प्राचीनता और बनावट के लिए विशेष पहचान रखता है. करीब 22 फीट ऊंचे इस रथ को सागवान की लकड़ी से तैयार किया गया है. सैकड़ों साल बीत जाने के बाद भी रथ के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था कम नहीं हुई है. पीढ़ी दर पीढ़ी चली आ रही इस परंपरा में आज भी बड़ी संख्या में भक्त उत्साह के साथ भाग लेते हैं.
साल में एक बार निकलते हैं नगर भ्रमण पर
परंपरा के अनुसार वर्ष में एक बार भगवान बालाजी महाराज इसी ऐतिहासिक रथ पर सवार होकर नगर भ्रमण के लिए निकलते हैं. इस दौरान शहर में उत्सव जैसा माहौल रहता है. मार्ग में श्रद्धालु भगवान के दर्शन कर पूजा-अर्चना करते हैं और सुख-समृद्धि की कामना करते हैं. विजया दहशमी के अवसर पर बालाजी महाराज इस रथ में सवार होते हैं. रथयात्रा को देखने के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों से भी लोग पहुंचते हैं. श्रद्धालुओं के लिए यह आयोजन केवल धार्मिक उत्सव नहीं. बल्कि पीढ़ियों से चली आ रही परंपरा से जुड़ने का अवसर भी है.
आज भी भक्तों के हाथों से खिंचता है रथ
आधुनिक सुविधाओं के दौर में भी इस रथयात्रा की सबसे खास बात यह है कि रथ को भक्त स्वयं खींचते हैं. मंदिर के पुजारी चंद्रकांत बालाजी वाले और मोहन बालाजी वाले ने रथ की प्राचीनता और इससे जुड़ी परंपरा की जानकारी दी. उनके अनुसार, यह रथ बुरहानपुर की धार्मिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है.
करीब साढ़े चार सौ साल पुराना यह रथ आज भी श्रद्धा, विश्वास और परंपरा का संदेश दे रहा है. भगवान बालाजी महाराज की रथयात्रा बुरहानपुर की ऐसी ऐतिहासिक पहचान है जिसमें आस्था के साथ शहर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत भी दिखाई देती है.