पाकिस्तान में खुलेआम बंदूक लेकर घूमे लड़ाके, मुनीर की फौज को चुनौती, TTP को देख मचा हड़कंप

पाकिस्तान में खुलेआम बंदूक लेकर घूमे लड़ाके, मुनीर की फौज को चुनौती, TTP को देख मचा हड़कंप


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Pakistan News: पाकिस्तान के दक्षिण वजीरिस्तान के माकीन इलाके से एक कथित वीडियो सामने आया है, जिसमें हथियारबंद लोगों को बाजार में घूमते दिखाया गया है. दावा है कि वे टीटीपी से जुड़े हैं और इलाके में संगठन की मौजूदगी की बात कर रहे हैं. उन्होंने सशस्त्र अभियान जारी रखने की बात भी कही.

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पाकिस्तान में धमकी देते दिखे हथियारबंद लोग.

दक्षिण वजीरिस्तान के माकीन इलाके से सामने आए एक कथित वीडियो ने पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं. वीडियो में हथियारबंद लोगों का एक ग्रुप कस्बे के मेन बाजार से गुजरता दिखाई दे रहा है. दावा किया जा रहा है कि ये लोग तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) से जुड़े हैं. वीडियो में मौजूद लोग इलाके में अपनी मौजूदगी का दावा करते हुए कहते हैं कि उन्हें यहां आने से कोई नहीं रोक सकता.

बाजार में हथियारबंद लोग पहुंचे

वीडियो के साथ जारी किए गए बयानों में कथित TTP लड़ाके कहते नजर आते हैं कि संगठन की माकीन में मौजूदगी बनी हुई है. उन्होंने अपनी सशस्त्र गतिविधियां जारी रखने की बात भी कही है. एक व्यक्ति ने पाकिस्तानी सेना के खिलाफ अभियान को ‘जिहाद’ बताया और सुरक्षा बलों पर शांति के नाम पर आतंकवाद फैलाने का आरोप लगाया. कथित लड़ाकों ने यह भी दावा किया कि इलाके के कुछ हिस्सों से कबायली लोगों को विस्थापित होना पड़ा है.

वीडियो कितना पुराना है?

वीडियो की विश्वसनीयता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. शुरुआती जानकारी के मुताबिक इसकी तारीख, सही स्थान और इसके सही होने की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है. इसलिए वीडियो में दिखाई दे रहे लोगों की पहचान या उनके दावों को स्वतंत्र रूप से न्यूज-18 इंडिया पुष्टि नहीं कर सकता. फिर भी अगर माकीन जैसे इलाके में हथियारबंद ग्रुप खुले तौर पर अपनी मौजूदगी दिखा रहा है, तो यह दक्षिण वजीरिस्तान की सुरक्षा स्थिति को लेकर चिंता बढ़ाने वाला घटनाक्रम हो सकता है.

टीटीपी के फिर उभरने का डर क्यों?

दक्षिण वजीरिस्तान पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा का वह इलाका है, जहां लंबे समय से टीटीपी और पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के बीच संघर्ष चलता रहा है. टीटीपी की गतिविधियों में बढ़ोतरी का असर सिर्फ सुरक्षा बलों तक सीमित नहीं रहता. दूरदराज के इलाकों में अगर पुलिस या प्रशासन की पकड़ कमजोर होती है, तो आम लोगों की जिंदगी भी प्रभावित होती है. स्थानीय लोगों के सामने आवाजाही, कारोबार और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े खतरे बढ़ सकते हैं.

CPEC और दूसरे प्रोजेक्ट भी चिंता का कारण

टीटीपी की संभावित सक्रियता पाकिस्तान के बड़े बुनियादी ढांचा प्रोजेक्टों के लिए भी सुरक्षा चुनौती बन सकती है. खास तौर पर चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे यानी CPEC से जुड़े इलाकों में काम करने वाले विदेशी कर्मचारियों की सुरक्षा महत्वपूर्ण मुद्दा है. दूसरी ओर, बलूचिस्तान में सक्रिय अलगाववादी संगठनों और अन्य हथियारबंद गुटों के साथ संभावित तालमेल की आशंका भी पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती बन सकती है.



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