छत्तीसगढ़: दशहरे के पावन अवसर पर छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में एक अलग ही नजारा देखने को मिला. जिले की तेज-तर्रार एसपी और चर्चित आईपीएस अधिकारी अंकिता शर्मा ने शस्त्र पूजन के बाद पारंपरिक साड़ी में ही अत्याधुनिक एके-47 राइफल थाम ली और फायरिंग कर हथियारों की मारक क्षमता को परखा. लेडी सिंघम के नाम से मशहूर अंकिता शर्मा का यह धाकड़ और बेखौफ अंदाज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. भारत में दशहरे के दिन शस्त्र पूजन की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है. पुलिस और सुरक्षा बलों में भी इस अवसर पर हथियारों की पूजा की जाती है.
कौन हैं IPS अंकिता शर्मा?
अंकिता शर्मा छत्तीसगढ़ कैडर की 2018 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं. उनका नाम सख्त पुलिसिंग और कानून-व्यवस्था से जुड़े कामों को लेकर चर्चा में रहा है. उन्हें लेडी सिंघम भी कहा जाता है. उनके कामकाज और सोशल मीडिया पर सक्रिय उपस्थिति के कारण वह अक्सर चर्चा में रहती हैं. छत्तीसगढ़ की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और नक्सल प्रभावित जिलों में अपनी पोस्टिंग के दौरान उन्होंने अपराधियों और नक्सलियों के खिलाफ कई कड़े ऑपरेशन चलाए. जनता के बीच बेहतरीन संवाद और सख्त प्रशासनिक फैसलों के कारण उन्हें पुलिस महकमे में लेडी सिंघम के नाम से जाना जाता है.
कहां की रहने वाली हैं अंकिता शर्मा?
अंकिता शर्मा का जन्म 25 जून 1990 को छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में हुआ. संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा 2017 में अंकिता शर्मा ने ऑल इंडिया स्तर पर 203वीं रैंक हासिल की थी और उन्हें होम कैडर छत्तीसगढ़ मिला. अंकिता शर्मा का यह यूपीएससी में तीसरा प्रयास था. शर्मा ने अपने पहले प्रयास में मुख्य परीक्षा तक पहुंची थीं, जबकि दूसरे प्रयास में प्रारंभिक परीक् भी पास नहीं कर सकीं. अंकिता शर्मा को छत्तीसगढ़ के भाटापारा में पहली पोस्टिंग मिली. वह रायपुर के आजाद चौक की सीएसपी भी रहीं. मई 2022 में उन्हें खैरागढ़ का पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया, जहां उन्हें खैरागढ़ की पहली महिला एसपी बनने का गौरव प्राप्त हुआ. इसके अलावा, उन्होंने नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र में नक्सल विरोधी ऑपरेशन्स की कमान भी सफलतापूर्वक संभाली. फिलहाल अंकिता राजनांदगांव जिले की पुलिस कप्तान हैं.
दशहरे पर शस्त्र पूजन की क्या है परंपरा?
दशहरे पर शस्त्र पूजन की परंपरा का संबंध शक्ति, सुरक्षा और कर्तव्य के प्रतीकात्मक सम्मान से है. पुलिस विभाग में भी इस अवसर पर हथियारों और उपकरणों की पूजा की जाती है. इसका उद्देश्य परंपरा का निर्वाह करने के साथ सुरक्षा बलों के दायित्वों को याद करना भी है.
कुल मिलाकर, दशहरे पर अंकिता शर्मा का यह वीडियो पुलिस सेवा की एक अधिकारी के पारंपरिक परिधान और पेशेवर भूमिका के मेल को सामने लाता है. हालांकि, वायरल वीडियो से आगे उनकी पहचान उनके पुलिसिंग कार्य, जिम्मेदारियों और सेवा रिकॉर्ड से भी जुड़ी है.