8th Pay commission : पिछली बार बढ़ी थी सिर्फ 14% सैलरी, इस बार वेतन में हो सकता है कितना इजाफा?

8th Pay commission : पिछली बार बढ़ी थी सिर्फ 14% सैलरी, इस बार वेतन में हो सकता है कितना इजाफा?


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8th Pay commission : आठवें वेतन आयोग का गठन नवंबर 2025 में हुआ था और इसे अपनी रिपोर्ट देने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है. कर्मचारी संगठन इस बार 3.833 के फिटमेंट फैक्टर की मांग कर रहे हैं. सातवें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्‍टर 2.57 था. लेकिन, डीए में इसका ज्‍यादा हिस्‍सा समाहित होने से वास्‍तविक वेतन में बढ़ोतरी काफी कम हुई थी.

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अगर सरकार 3.833 का फिटमेंट फेक्‍टर दे देती है तो बैसिक सैलरी में बड़ा उछाल आएगा. (Photo : Canva)

नई दिल्‍ली. केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन और भत्‍तों में संसोधन के लिए 8वें वेतन आयोग का गठन हो चुका है. पिछली बार यानी 7वें वेतन आयोग में कर्मचारियों के वास्‍तविक वेतन में केवल 14.3% ही बढ़ोतरी हुई थी. कुल फिटमेंट फैक्टर में से अधिकांश हिस्सा महंगाई भत्ते को समाहित करने में ही चला गया था. यह बढ़ोतरी वेतन आयोगों के इतिहास में सबसे कम थी. यही वजह है कि इस बार कर्मचारी संगठनों ने 3.833 के फिटमेंट फैक्टर की मांग रखी है.

आठवें वेतन आयोग का गठन नवंबर 2025 में हुआ था और इसे अपनी रिपोर्ट देने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है. आयोग की रिपोर्ट आने के बाद कैबिनेट की मंजूरी मिलते ही संशोधित वेतनमान लागू हो जाएगा. न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) रंजना देसाई की अध्यक्षता वाला 8वां वेतन आयोग 22 और 23 अक्टूबर को मुंबई में कर्मचारी व पेंशनभोगी संगठनों के साथ अहम बैठकें करने जा रहा है.

इस बार कितनी बढ़ स‍कती है सैलरी

वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर दो चरणों में लागू होता है. पहला, यह पहले से मिल रहे महंगाई भत्ते (DA) को बेसिक पे में मिलाता है और दूसरा, इसके ऊपर मिलने वाली अतिरिक्त राशि वास्तविक वेतन वृद्धि तय करती है. 7वें वेतन आयोग में 2.57 का फिटमेंट फैक्टर दिया गया था, जिसमें से 2.25 का इस्‍तेमाल उस समय मौजूद 125% डीए को मूल वेतन में मिलाने के लिए हुआ. इस कारण वास्तविक बढ़ोतरी महज 14.3% रह गई थी. अब यदि 8वें वेतन आयोग में वर्तमान 60% DA (फैक्टर 1.60) के मुकाबले 3.833 का फिटमेंट फैक्टर लागू होता है तो प्रभावी फिटमेंट फेक्‍टर लगभग 2.4 बैठता है इससे कर्मचारियों की वास्तविक सैलरी में लगभग 140% का उछाल आ सकता है.

₹18,000 से ₹69,000 होगी बेसिक सैलरी

अगर सरकार 3.833 का फिटमेंट फेक्‍टर दे देती है तो बैसिक सैलरी में बड़ा उछाल आएगा. उदाहरण के लिए, पे बैंड-1 के किसी एंट्री-लेवल कर्मचारी का वर्तमान मूल वेतन ₹18,000 है और उसे 60% की दर से ₹10,800 महंगाई भत्ता मिलता है. 3.833 का फिटमेंट फैक्टर मंजूर होने पर न्यूनतम बेसिक पे ₹18,000 से बढ़कर सीधे लगभग ₹69,000 हो जाएगा. हालांकि, ये गणना अभी अनुमान पर ही आधारित है क्‍योंकि फिटमेंट फैक्‍टर पर अभी फैसला आया नहीं है.

न्यूनतम वेतन तय करने के फॉर्मूले में बदलाव की मांग

कर्मचारी संगठन वेतन निर्धारण करने के फार्मूले में भी बदलाव करने की मांग करर रहे हैं. भारत में वेतन आयोग ‘आयक्रॉयड (Aykroyd) पोषण फॉर्मूले’ के आधार पर सैलरी तय करते हैं. 7वें वेतन आयोग ने इसी आधार पर न्यूनतम वेतन ₹18,000 तय किया था, जिसमें परिवार में केवल 3 उपभोग इकाइयों (पति, पत्नी और दो बच्चे) के खर्च को आधार बनाया गया था.

इस बार कर्मचारी संगठनों ने मांग की है कि परिवार की गणना का दायरा बढ़ाकर 5 इकाइयां किया जाए. इसमें कमाने वाले कर्मचारी के आश्रित बुजुर्ग माता-पिता के खान-पान, रहन-सहन और दवाओं के खर्च को भी अनिवार्य रूप से शामिल करने का तर्क दिया गया है.



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