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Gold-Silver Price : आपने भी अगर पिछले साल दशहरे पर सोने या चांदी में पैसा लगाया होता तो आज आप बढिया मुनाफा अपनी जेब में डाले बैठे होते. शेयर बाजार की उठापटक और भारी उतार-चढ़ाव के बीच गोल्ड-सिल्वर ने निवेशकों को ऐसा रिटर्न दिया है, जिसकी कल्पना उन्होंने नहीं की थी. हालांकि, सोने-चांदी में आई इस तेजी ने ब्याह-शादी के लिए गहने खरीदने वालों का बजट जरूर बिगाड़ दिया है.
बाजार में हाल के दिनों में कई झटके देखने को मिले, मगर इसके बावजूद सोना और चांदी का भाव अब भी मजबूत बना हुआ है. सोना 1.47 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के ऊपर कारोबार कर रहा है. चांदी भी पीछे नहीं है और यह एमसीएक्स पर 2.10 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के करीब पहुंच चुकी है.
बाजार के एक साल के आंकड़ों का विश्लेषण करें तो पिछले दशहरे से लेकर इस दशहरे तक सोने 25 फीसदी रिटर्न दिया है. यानी एक साल पहले अगर आपने एक लाख रुपये का सोना खरीदा होता तो आज आप 25 हजार मुनाफे में होते. दुनिया भर में छाई आर्थिक अनिश्चितता और बढ़ती महंगाई के दौर में सोने ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि संकट में उससे बेहतर और सुरक्षित साथी कोई दूसरा नहीं है.
रिटर्न के मामले में चांदी ने सोने को भी काफी पीछे छोड़ दिया है. पिछले दशहरे से अब तक चांदी ने लगभग 45 फीसदी तक महंगी हो चुकी है. महज एक साल के भीतर 45 फीसदी की भारी बढ़त किसी भी पारंपरिक बैंक एफडी या कई बड़े इक्विटी फंड्स से कहीं ज्यादाहै. यही सबसे बड़ी वजह है कि सुरक्षित और तेज रिटर्न की तलाश कर रहे बड़े-बड़े निवेशकों का रुझान इस समय सफेद धातु की तरफ तेजी से बढ़ा है.
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मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सप्ताह के पहले कारोबारी दिन यानी सोमवार को दिसंबर डिलीवरी वाला सोना मामूली नरमी के साथ बंद हुआ. सोने के भाव में 618 रुपये यानी 0.42 प्रतिशत की हल्की सी गिरावट आई और यह 1,47,300 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बंद हुआ. वहीं दूसरी तरफ दिसंबर डिलीवरी वाली चांदी में ज्यादा हलचल नहीं देखी गई और वह लगभग स्थिर रहते हुए 2,09,825 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव पर बंद हुई.
अगर हाजिर यानी फिजिकल मार्केट की बात करें, तो वहां भी सोने और चांदी के तेवर बेहद आक्रामक और आम आदमी की पहुंच से ऊपर बने हुए हैं. देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के सर्राफा बाजार में 24 कैरेट शुद्ध सोने का भाव 1,47,340 रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर दर्ज किया गया. वहीं जेवराती मांग के लिए सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले 22 कैरेट सोने की कीमत 1,35,062 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई है.
अंतरराष्ट्रीय बाजार में फिलहाल सोना कुछ दबाव और सीमित दायरे में कारोबार करता हुआ दिखाई दे रहा है. वैश्विक स्तर पर स्पॉट गोल्ड करीब 4,144 डॉलर प्रति औंस के आसपास अपनी स्थिति बनाए रखने की जद्दोजहद में जुटा हुआ है. वहीं स्पॉट सिल्वर भी अंतरराष्ट्रीय पटल पर 57.44 डॉलर प्रति औंस के स्तर के आसपास ही कारोबार कर रही है.
वैश्विक बाजार में बने इस दबाव का मुख्य कारण अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी को लेकर जताई जा रही ताजा आशंकाएं हैं. इसके साथ ही अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में आई मजबूती और टेक्नोलॉजी कंपनियों के शेयरों में हुए शानदार सुधार ने भी निवेशकों को कुछ समय के लिए गोल्ड से दूर किया है.
इन तमाम वैश्विक चुनौतियों और दबावों के बावजूद सोने का लगातार 4,100 डॉलर प्रति औंस के ऊपर टिके रहना अपने आप में इसकी आंतरिक ताकत को बयां करता है. भू-राजनीतिक तनाव, दुनिया भर में फैली जिद्दी महंगाई और सुरक्षित निवेश की निरंतर जरूरत ने सोने और चांदी की कीमतों को एक बेहद मजबूत सहारा दे रखा है.