15 मिनट की मुलाकात, इंसाफ की पुकार: पंजाब के गुरदासपुर में विक्रमजीत सिंह के परिवार से मिले अमित शाह


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15 मिनट मुलाकात, इंसाफ की पुकार: गुरदासपुर में पीड़ित परिवार से मिले अमित शाह

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Amit Shah in Gurdaspur: पंजाब में नशे के मकड़जाल और उससे उपजी हिंसा के खिलाफ सीधे मैदान में उतरते हुए केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने पीड़ित परिवारों का दर्द बांटा है. गुरदासपुर के मारी पन्नवा गांव पहुंचकर अमित शाह ने ड्रग तस्करों का विरोध करने पर गोलियों से भून दिए गए जांबाज विक्रमजीत सिंह के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें ढांढस बंधाया.

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15 मिनट मुलाकात, इंसाफ की पुकार: गुरदासपुर में पीड़ित परिवार से मिले अमित शाहZoom

अमित शाह ने पंजाब में ड्रग्स के खिलाफ लड़ने वाले विक्रमजीत के परिवार से मुलाकात की. (आईएएनएस)

Amit Shah in Gurdaspur: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 20 अक्टूबर को पंजाब के पाकिस्तान सीमा से सटे गुरदासपुर जिले का दौरा किया और ड्रग तस्करी का विरोध करने पर मारे गए विक्रमजीत सिंह के परिवार से मुलाकात की. गृह मंत्री ने परिवार के साथ करीब 15 मिनट बिताए. बताया जा रहा है कि परिवार ने उन्हें मांगों की एक लिस्ट सौंपी, जिसमें निष्पक्ष जांच, सरकारी नौकरी और आर्थिक मदद शामिल है.

यह दौरा गृह मंत्री शाह के पंजाब दौरे का हिस्सा है, जिसके तहत वह तीन ऐसे लोगों के परिवारों से मिल रहे हैं, जिनकी मौतों ने राज्य में नशे के खतरे की ओर सबका ध्यान खींचा है. अन्य दो मुलाकातें मानसा में नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा के परिवार और संगरूर में गुलजार सिंह के परिवार से है.

विक्रमजीत सिंह की 15 अक्टूबर को गुरदासपुर जिले के हरगोबिंदपुर साहिब के मारी पन्नवा गांव इलाके में कथित तौर पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. यह घटना ड्रग्स बिक्री के विरोध के संदर्भ में हुई थी. अमित शाह का यह दौरा नशे से जुड़ी हिंसा पर बढ़ती जन चिंता और नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग के बीच हो रहा है.

बिक्रमजीत सिंह के परिवार से मुलाकात के बाद शाह संगरूर जिले गए जहां वह दलित व्यक्ति गुलजार सिंह के परिवार से मिले. तुरबंजारा गांव के निवासी गुलजार ने सात सितंबर को आत्महत्या कर ली थी. उनके परिवार ने आरोप लगाया कि पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा से अपने इलाके में मादक पदार्थों की आपूर्ति के बारे में सवाल पूछने के कारण उन्हें परेशान किया गया और जातिसूचक टिप्पणियां की गईं, जिसके बाद उन्होंने जहर खा लिया.

इसके बाद शाह मानसा गए, जहां वह नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले परविंदर सिंह झोटा के परिवार से मुलाकात की. झोटा की पिछले सप्ताह एक मेडिकल स्टोर के मालिक ने हत्या कर दी थी. झोटा के पिता भीम सिंह ने 19 अक्टूबर को कहा था कि शाह से मुलाकात के दौरान वह अपने बेटे की हत्या की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच की मांग उठाएंगे. हालांकि, अब यह मामला सीबीआई के हवाले कर दिया गया है. वह दवा की दुकानों पर नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री के खिलाफ आवाज उठाने के लिए जाने जाते थे. उनकी 13 अक्टूबर को मानसा के एक व्यस्त बाजार में स्थित दवा दुकान के भीतर दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.

दवा दुकान में एक बुजुर्ग को नशीले पदार्थ बेचे जाने को लेकर सवाल करने के बाद दुकान के मालिक अश्विनी कुमार ने झोटा पर गोली चला दी थी. कुमार को राजस्थान के सालासर से हिरासत में लिया गया था. घटना उस वक्त हुई जब झोटा फेसबुक पर लाइव थे. इस घटना के बाद पंजाब में राजनीतिक घमासान शुरू हो गया. पंजाब में अगले साल की शुरुआत में चुनाव होने हैं.



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