Sheikh Hasina Bangladesh return Date। Bangladesh News in Hindi। ‘मौत आनी है तो वहां आए जहां पिता का खून बहा’, बांग्‍लादेश लौटने पर अड़ी हसीना

Sheikh Hasina Bangladesh return Date। Bangladesh News in Hindi। ‘मौत आनी है तो वहां आए जहां पिता का खून बहा’, बांग्‍लादेश लौटने पर अड़ी हसीना


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‘मौत आनी है तो वहां आए जहां पिता का खून बहा’, बांग्‍लादेश लौटने पर अड़ी हसीना

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Bangladesh News in Hindi: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने घोषणा की है कि मौत और गिरफ्तारी के भारी जोखिम के बावजूद वह दिसंबर में अपने देश वापस लौटेंगी. वाशिंगटन में आयोजित एक वर्चुअल कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि डर उनके कर्तव्य और फैसलों को प्रभावित नहीं कर सकता. शेख हसीना का यह बयान ऐसे समय में आया है जब बांग्लादेश की अदालत ने उन्हें मृत्युदंड की सजा सुनाई है और उनके प्रत्यर्पण की मांग की जा रही है. हसीना का कहना है कि अगर उन्‍हें मौत आनी है तो उस जगह आए जहां उनके माता-पिता का खून बहा था.

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शेख हसीना ने खुलकर अपनी बात कही. (PTI)

सोचो, एक 79 साल की महिला, जिसपर देशद्रोह का ठप्पा, कोर्ट से डेथ पेनल्टी का फरमान और अरेस्ट वारंट की तलवार लटकी हो, वो दुनिया के सामने आकर फुल स्वैग में बोलती है कि दिसंबर में आ रही हूं, जो करना है कर लो. शेख हसीना का ये मूव हर किसी के लिए हैरान करने वाला है. ढाका में उनके नाम पर बवाल मचा हुआ है, और मैडम वाशिंगटन के वर्चुअल इवेंट में बैठकर कहती हैं, “मुझे मार दो, टॉर्चर कर लो, डर नहीं लगता. मौत आनी है तो वहां आए जहां माता-पिता की समाधी है, जहां उनका खून बहा.” वाशिंगटन के एक इवेंट में वर्चुअली एंट्री मारते हुए उन्होंने बिना किसी हिचकिचाहट के सीधे कैमरे में देखकर कहा, “दिसंबर में ढाका लौट रही हूं.” अरेस्ट का डर? जीरो. मौत का खौफ? बिल्कुल भी नहीं. जब हर कोई सोच रहा था कि उनका गेम ओवर हो चुका है, मैडम ने फुल-ऑन ‘मेन कैरेक्टर स्वैग’ के साथ ऐसा रिटर्न प्लान अनाउंस किया है कि उनके दुश्मनों के पसीने छूट गए हैं.

‘जहां मेरे माता-पिता का खून बहा, वहीं आए मुझे भी मौत’
कार्यक्रम के दौरान शेख हसीना ने साफ शब्दों में कहा, “मुझे पता है कि वे मुझे मार सकते हैं, गिरफ्तार कर सकते हैं और प्रताड़ित कर सकते हैं. बावजूद इसके मुझे डर नहीं है.” उन्होंने दोहराया कि वह पहले भी गिरफ्तारी और प्रताड़ना का सामना कर चुकी हैं, लेकिन मौजूदा हालात में अपने देश और लोगों के पास वापस लौटना उनकी नैतिक जिम्मेदारी है. 5 अगस्त 2024 को छात्र आंदोलन के बाद सत्ता गंवाने के बाद से वह भारत में रह रही हैं. शेख हसीना का कहना है कि बांग्‍लादेश में जहां उनके माता-पिता की हत्‍या की गई, जो उनकी मतृभूमि है, वहां ही उन्‍हें मौत आनी चाहिए. लिहाजा वो वापस स्‍वदेश लौटेंगी. हसीना का कहना है कि मेरे जीवन में चाहे जो भी लिखा हो, जब मेरे प्‍यारे देशवासियों दुख और तकलीफ झेल रहे हों तो मैं उनसे दूर नहीं रह सकती.

राजनीतिक मकसद और भ्रष्टाचार के आरोप
हसीना ने स्पष्ट किया कि उनकी और अवामी लीग की दिसंबर में संभावित वापसी का उद्देश्य सत्ता हासिल करना नहीं है बल्कि देश में विकास, धर्मनिरपेक्षता और स्थिरता की बहाली करना है. इसके साथ ही उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों की सराहना करते हुए USAID की फंडिंग रोकने के फैसले का स्वागत किया. उन्होंने तारिक रहमान के नेतृत्व वाली बांग्लादेश सरकार को भ्रष्ट करार देते हुए उस पर बेरोजगारी, महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार और जबरन वसूली के गंभीर आरोप लगाए.

कानूनी पेच और फांसी की सजा का सामना
बांग्लादेश के अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण ने नवंबर 2025 में 2024 के प्रदर्शनों के दौरान हुई कार्रवाई के सिलसिले में शेख हसीना को उनकी अनुपस्थिति में मृत्युदंड (फांसी की सजा) सुनाई है. ढाका की ओर से भारत से उनके प्रत्यर्पण की आधिकारिक मांग भी की गई है, जिस पर नई दिल्ली का कहना है कि वह अपनी आंतरिक कानूनी और न्यायिक प्रक्रियाओं के तहत इस अनुरोध की समीक्षा कर रहा है. हसीना इन तमाम आरोपों को राजनीति से प्रेरित बता चुकी हैं.



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