नई दिल्ली. जियो प्लेटफॉर्म्स (Jio Platforms) ने 19 अक्टूबर को आईपीओ खुलने से पहले 212 एंकर निवेशकों से कुल ₹8,109.84 करोड़ जुटा लिए हैं. संस्थागत निवेशकों की ओर से करीब ₹2.5 लाख करोड़ की की डिमाड की गई थी. जियो आईपीओ में दुनिया भर की प्रमुख एसेट मैनेजमेंट कंपनियों, सॉवरेन वेल्थ फंड्स, सरकारी निवेश कोषों, घरेलू म्यूचुअल फंड्स, बीमा कंपनियों और पेंशन फंडों ने रुचि दिखाई.
जियो आईपीओ 21 अक्टूबर को खुलकर 23 अक्टूबर को बंद होगा. कंपनी ने इसके लिए प्रति शेयर ₹1,065 से ₹1,119 का प्राइस बैंड निर्धारित किया है. इश्यू में 27 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे. जियो आईपीओ देश का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ होगा. इसका साइज ₹30,187.6 करोड़ होगा. आईपीओ में कर्मचारियों के लिए ₹500 करोड़ और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरधारकों के लिए ₹2,500 करोड़ के शेयर रिजर्व रखे गए हैं.
वैश्विक फंड्स और सॉवरेन वेल्थ फंड्स ने लगाया पैसा
कंपनी के एंकर राउंड में दुनिया की शीर्ष एसेट मैनेजमेंट कंपनियों ने निवेश किया है. इनमें ब्लैकरॉक, कैपिटल ग्रुप, फिडेलिटी इन्वेस्टमेंट्स, टी. रो प्राइस, श्रोडर्स, जेपीमॉर्गन एसेट मैनेजमेंट, फ्रैंकलिन टेम्पलटन, इनवेस्को और जानूस हेंडरसन शामिल हैं. दुनिया के प्रमुख सॉवरेन वेल्थ फंड्स जैसे GIC (सिंगापुर), नॉर्जेस बैंक निवेश प्रबंधन (नॉर्वे), अबू धाबी निवेश प्राधिकरण (अबू धाबी) और कतर निवेश प्राधिकरण (कतर) शामिल हैं.
घरेलू म्यूचुअल फंड्स और बीमा कंपनियों ने भी खूब लगाया पैसा
नियामकीय फाइलिंग के अनुसार, कुल एंकर आवंटन में से ₹2,784.96 करोड़ मूल्य के 2.48 करोड़ इक्विटी शेयर 25 घरेलू म्यूचुअल फंडों को उनकी 95 योजनाओं के जरिए आवंटित किए गए हैं. इनमें एसबीआई म्यूचुअल फंड, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड, एचडीएफसी म्यूचुअल फंड, आदित्य बिड़ला सन लाइफ, निप्पॉन इंडिया और कोटक महिंद्रा म्यूचुअल फंड जैसे टॉप 10 फंड हाउस शामिल हैं.
इसके अतिरिक्त एलआईसी, एचडीएफसी लाइफ, एसबीआई लाइफ, एसबीआई पेंशन, एचडीएफसी पेंशन और आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल जैसी देश की प्रमुख बीमा कंपनियों और पेंशन फंडों ने कुल ₹1,089.95 करोड़ मूल्य के 97.4 लाख शेयर खरीदे हैं.
कर्ज चुकाने पर फोकस
मेटा, गूगल, केकेआर और सिल्वर लेक जैसी वैश्विक संस्थाओं द्वारा समर्थित जियो प्लेटफॉर्म्स इस आईपीओ से मिलने वाली राशि में से ₹27,500 करोड़ का इस्मेला अपनी प्रमुख सहायक कंपनी रिलायंस जियो इंफोकॉम के कर्ज का एक हिस्सा चुकाने के लिए करेगी. शेष राशि का उपयोग सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए किया जाएगा.
(डिस्क्लेमर – नेटवर्क18 और टीवी18 कंपनियां चैनल/वेबसाइट का संचालन करती हैं, जिनका नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसमें रिलायंस इंडस्ट्रीज एकमात्र लाभार्थी है.)