शिमला. हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस पार्टी से निष्कासित ज्वाली के पूर्व विधायक नीरज भारती ने फिर से सूक्खु सरकार पर निशाना साधा है. शिमला के रामपुर सराहन में रविवार को वीरभद्र सिंह की मूर्ति के अनावरण कार्यक्रम में नीरज भारती ने शिरकत की और दिवंगत नेता वीरभद्र सिंह को याद किया.
सुक्खू कैबिनेट में मंत्री चंद्रकुमार के बेटे नीरज भारती ने पार्टी कार्यकर्ताओं की सरकर में सुनवाई न होने के आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि उनका हमेशा एक ही मुद्दा रहा है कि पार्टी और सरकार में कार्यकर्ताओं की सुनवाई होनी चाहिए. जब कार्यकर्ताओं की समस्याओं का समाधान नहीं होता, तो केवल अपने निजी फायदे के लिए सरकार की तारीफ करना और चापलूसी करना उनकी राजनीति का हिस्सा नहीं है.
नीरज भारती ने कहा कि उन्होंने हमेशा कार्यकर्ताओं के हितों की बात की है और आगे भी इसी मुद्दे को उठाते रहेंगे. उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी लड़ाई किसी निजी फायदे के लिए नहीं थी, बल्कि उन कार्यकर्ताओं के लिए थी, जिन्होंने पार्टी के लिए मेहनत की और सरकार बनने के बाद उनसे काफी उम्मीदें लगाई थीं.अगर उन्हें केवल अपना निजी फायदा देखना होता, तो वह भी नेताओं के दरवाजों पर जाकर अपनी हाजिरी लगा सकते थे और अपने काम निकलवा सकते थे. लेकिन उन्होंने ऐसा रास्ता नहीं चुना.
हमारे वर्करों को प्रताड़ना झेलनी पड़ी
किसी की तस्वीर हटाने से कुछ नहीं होता
पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरभद्र सिंह की तस्वीर मुख्यमंत्री के दौरों के दौरान पोस्टरों से हटाए जाने और मंचों से उनका नाम नहीं लिए जाने से जुड़े सवाल पर नीरज भारती ने कहा कि किसी नेता की तस्वीर पोस्टर से हटाई जा सकती है, लेकिन लोगों के दिलों से उसकी यादों और उसके योगदान को नहीं मिटाया जा सकता. उन्होंने कहा कि स्वर्गीय वीरभद्र सिंह को प्रदेश की लंबे समय तक अगुवाई करने का अवसर मिला और उन्होंने हिमाचल के लगभग सभी क्षेत्रों के विकास में योगदान दिया.
सभी इलाकों का विकास किया
नीरज भारती ने किन्नौर, बिलासपुर, कांगड़ा, जवाली, नगरोटा, हमीरपुर और ऊना सहित प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों का उल्लेख करते हुए कहा कि वीरभद्र सिंह ने विकास कार्यों में किसी क्षेत्र की अनदेखी नहीं की. उन्होंने कहा कि वीरभद्र सिंह को आधुनिक हिमाचल का निर्माता और विकास पुरुष माना जाता है. ऐसे नेता का योगदान केवल पोस्टरों या मंचों तक सीमित नहीं है, बल्कि उनकी पहचान लोगों के दिलों में बनी हुई है. भारती ने कहा कि मंचों से वीरभद्र सिंह का उल्लेख नहीं करना छोटी सोच को दर्शा सकता है. उन्होंने दोहराया कि किसी नेता के योगदान को नजरअंदाज करने से उसका ऐतिहासिक महत्व समाप्त नहीं हो जाता.
फेसबुक अकाउंट कर दिया था सस्पेंड
गौर रहे कि नीरज भारती ने हाल ही में सीएम सुक्खू पर सीधे आरोप लगाए थे. उन्होंने अपने फेसबुक अकाउंट के जरिये लगातार सरकार और सीएम को टारगेट किया था. बाद में उनका अकाउंट फेसबुक ने सस्पेंड कर दिया था और कहा था कि कानूनी कार्यवाही के तहत यह किया गया है. उन्होंने तो यहां तक कहा था कि उनके पिता कैबिनेट मंत्री से इस्तीफा देंगे.