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Netarhat School Ranking: झारखंड के प्रतिष्ठित नेतरहाट आवासीय विद्यालय ने सीफोर स्कूल रैंकिंग 2026 में देश भर में संयुक्त दूसरा स्थान प्राप्त किया है. विद्यालय को 1300 में से 1039 अंक मिले है. रैंकिंग में नेतरहाट विद्यालय का सबसे उल्लेखनीय प्रदर्शन प्रबंधन एवं नेतृत्व के क्षेत्र में रहा. इस मानक पर विद्यालय को 125 में से 115 अंक मिले, जो करीब 92 प्रतिशत है. यह संस्थान के प्रबंधन और नेतृत्व व्यवस्था के सकारात्मक पक्ष को दर्शाता है. वहीं, शिक्षकों की दक्षता एवं विद्यार्थियों के साथ संबंध के मानक पर 150 में से 127 अंक प्राप्त हुए. शिक्षण पद्धति एवं प्रासंगिक पाठ्यक्रम में 150 में से 116 अंक और शैक्षणिक गुणवत्ता में 100 में से 86 अंक मिले.
पलामूः झारखंड के गौरव और देश के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों में शामिल नेतरहाट आवासीय विद्यालय ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान और मजबूत की है. करीब सात दशकों के बाद विद्यालय की व्यवस्था में आधुनिक जरूरतों के अनुरूप बदलाव की तैयारी भी की जा रही है. गुरुकुल परंपरा, अनुशासन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए प्रसिद्ध इस संस्थान के लिए इसे महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है.
सीफोर रैंकिंग 2026 में संयुक्त दूसरा स्थान
नेतरहाट आवासीय विद्यालय ने सीफोर (Cfore) स्कूल रैंकिंग 2026 में भारतीय पाठ्यक्रम वाले देश के सर्वश्रेष्ठ सरकारी आवासीय विद्यालयों की श्रेणी में संयुक्त दूसरा स्थान प्राप्त किया है. विद्यालय को कुल 1300 में से 1039 अंक मिले हैं. हरियाणा के सोनीपत स्थित मोतीलाल नेहरू स्कूल ऑफ स्पोर्ट्स ने 1043 अंकों के साथ पहला स्थान हासिल किया. वहीं, नेतरहाट विद्यालय और बिहार के जमुई स्थित सिमुलतला आवासीय विद्यालय संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर रहे. इस तरह नेतरहाट विद्यालय प्रथम स्थान से महज चार अंक पीछे रहा. देहरादून के ओक ग्रोव स्कूल को 1006 अंकों के साथ तीसरा स्थान मिला.
प्रबंधन एवं नेतृत्व में 92 प्रतिशत अंक
रैंकिंग में नेतरहाट विद्यालय का सबसे उल्लेखनीय प्रदर्शन प्रबंधन एवं नेतृत्व के क्षेत्र में रहा. इस मानक पर विद्यालय को 125 में से 115 अंक मिले, जो करीब 92 प्रतिशत है. यह संस्थान के प्रबंधन और नेतृत्व व्यवस्था के सकारात्मक पक्ष को दर्शाता है. वहीं, शिक्षकों की दक्षता एवं विद्यार्थियों के साथ संबंध के मानक पर 150 में से 127 अंक प्राप्त हुए. शिक्षण पद्धति एवं प्रासंगिक पाठ्यक्रम में 150 में से 116 अंक और शैक्षणिक गुणवत्ता में 100 में से 86 अंक मिले.
खेलकूद और छात्रावास सुविधाओं का भी मूल्यांकन
विद्यालय को खेलकूद में 100 में से 82 अंक तथा सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में 81 अंक मिले. प्लेसमेंट एवं पूर्ववर्ती छात्र संबंधी मानक पर 80 अंक, शिक्षकों की देखभाल एवं विकासपरक वातावरण में 79 अंक और आधारभूत संरचना एवं सुविधाओं में 77 अंक प्राप्त हुए. छात्रावास सुविधाओं एवं विद्यार्थियों की देखभाल के लिए निर्धारित 75 अंकों में से विद्यालय को 63 अंक मिले, यानी 84 प्रतिशत. जीवन कौशल एवं सामाजिक समझ में 67 अंक तथा विद्यार्थियों की व्यक्तिगत जरूरतों के अनुरूप शिक्षा में 66 अंक हासिल हुए.
1954 से कायम है गौरवशाली परंपरा
नेतरहाट आवासीय विद्यालय की स्थापना वर्ष 1954 में तत्कालीन बिहार सरकार ने की थी. झारखंड गठन के बाद यह राज्य सरकार के अधीन है. नेतरहाट की खूबसूरत वादियों में स्थित इस विद्यालय को झारखंड का गुरुकुल भी कहा जाता है. यहां से शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थी प्रशासनिक सेवा, इंजीनियरिंग, चिकित्सा, शोध और राजनीति सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बना चुके हैं. राष्ट्रीय रैंकिंग में संयुक्त दूसरा स्थान और नई नियमावलियों के जरिए व्यवस्था में बदलाव की पहल विद्यालय की गौरवशाली परंपरा को आधुनिक जरूरतों के साथ आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है.