MLC का चुनाव सपा Vs BJP नहीं, EVM और बैलेट पेपर की लड़ाई, भाजपा ने 11 सीटों पर झोंकी ताकत


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UP MLC Election News: उत्तर प्रदेश की 11 एमएलसी सीटों पर 23 अक्टूबर को वोटिंग होगी. इसके लिए भारतीय जनता पार्टी ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है. वहीं समाजवादी पार्टी कुछ खास रुझान नहीं दिख रहा है. इस बार का एमएलसी चुनाव में वोटिंग बैलेट पेपर के जरिए होगी. ऐसे में सपा के लिए जीत हासिल करना साख की बात होगी. क्योंकि इससे पहले ईवीएम को लेकर लगातार सवाल उठाती रही है. ऐसे में अगर एमएलसी चुनाव में सपा को हार मिलती है तो फिर किसके माथे हार का ठीकरा फोड़ेगी.

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MLC का चुनाव सपा Vs BJP नहीं, EVM और बैलेट पेपर की लड़ाई, भाजपा ने झोंकी ताकतZoom

यूपी में एमएलसी चुनाव पर सपा और भाजपा के बीच चुनावी जंग तेज.

लखनऊः उत्तर प्रदेश विधान परिषद का चुनाव सूबे के राजनीतिक दलों के लिए दूसरी अग्नि परीक्षा है. पहली अग्नि परीक्षा राज्यसभा चुनाव था, जिसे समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी ने आसानी से पास कर लिया. क्योंकि विधायकों का आंकड़ा उतना था, जितना हर एक उम्मीदवार को जरूरत थी. लेकिन विधान परिषद यानी कि एमएलसी चुनाव में बकायदा वोटिंग होगी, जिसमें लोग वोट डालेंगे. एमएलसी चुनाव के लिए वोटिंग बैलेट पेपर से होती है. ऐसे में विपक्ष के लिए यह बड़ी परीक्षा होगी. क्योंकि ईवीएम को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठाता रहा है. ऐसे में बैलेट पेपर से वोटिंग विपक्ष की साख की बात है.

ईवीएम से नहीं बैलेट पेपर से होगी वोटिंग
हाल ही में एक जनसभा को संबोधित करते हुए खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया है कि यह एमएलसी चुनाव ईवीएम से नहीं बल्कि बैलेट पेपर से हो रहे हैं. जो लोग ईवीएम पर सवाल उठाते थे. अब बैलेट पेपर से होने वाले इस चुनाव में भी जनता के फैसले से स्पष्ट हो जाएगा कि जनादेश किसके साथ है. सीएम योगी ने मतदाताओं से न्याय के पक्ष में मतदान करने की अपील की है. बता दें कि सूबे की 11 एमएलसी सीटों पर हो रहे इस चुनाव को 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले एक बड़ी अग्नि परीक्षा के तौर पर देखा जा रहा है.

किन-किन सीटों पर हो रहा चुनाव, कब होगी वोटिंग
राज्य निर्वाचन आयोग के मुताबिक यूपी में 11 सीटों में से आगरा क्षेत्र स्नातक, मेरठ क्षेत्र स्नातक, आगरा क्षेत्र शिक्षक, मेरठ क्षेत्र शिक्षक, बरेली-मुरादाबाद क्षेत्र शिक्षक, लखनऊ क्षेत्र स्नातक, वाराणसी क्षेत्र स्नातक, इलाहाबाद-झांसी क्षेत्र स्नातक, लखनऊ क्षेत्र शिक्षक, वाराणसी क्षेत्र शिक्षक और गोरखपुर-फैजाबाद क्षेत्र शिक्षक शामिल हैं. यानी कि कुल 11 सीटं पर चुनाव होंगे. 23 अक्तूबर को वोट डाले जाएंगे.

बीजेपी ने झोंक दी है ताकत
एमएलसी चुनाव को लेकर बीजेपी काफी गंभीर नजर आ रही है. यही वजह है कि शीर्ष नेतृत्व चुनावी प्रचार में जुटा हुआ है. सीएम योगी से लेकर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य तक पार्टी उम्मीदवारों के पक्ष में माहौल बना रहे हैं. खुद सीएम योगी गोरखपुर से लेकर बरेली, वाराणसी, प्रयागराज और गाजियाबाद तक शिक्षक सम्मेलन कर चुके हैं. सीएम योगी के साथ-साथ केशव प्रसाद मौर्य भी लगातार चुनावी कार्यक्रमों को संबोधित कर रहे हैं. उन्होंने तो अपना पेरिस दौरा तक रद्द कर दिया. हाल में चल रहे भारत निर्वाचन आयोग, मुख्य निर्वाचन आयुक्त, ईवीएम, एसआईआर जैसे मसलों को लेकर विपक्ष हमलावर है. ऐसे में सरकार एमएलसी चुनाव में जीत हासिल कर विपक्ष को बड़ा मैसेज भी देना चाहती है.

अखिलेश यादव नहीं दे रहे जोर
सूबे में हो रहे एमएलसी चुनाव को लेकर विपक्ष का चुनावी अभियान बिल्कुल सामान्य है. 11 सीटों में से अधिकांश सीटों पर सपा-भाजपा के बीच सीधी टक्कर है. लेकिन सपा सीधा 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटी है. हाल ही में हुए राज्यसभा की 10 विधानसभा सीटों पर हुए चुनाव में जिस गहमा-गहमी से सपा के तीसरे उम्मीदवार की चर्चा चल रही थी, वह नजर नहीं आया. सपा ने अपना तीसरा उम्मीदवार नहीं उतारा. अखिलेश यादव ने 3 नहीं 403 वाला ट्वीट कर अपनी मंशा जाहिर कर दी थी. राज्यसभा के बाद एमएलसी चुनाव में भी सपा ठंडी नजर आ रही है.



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