UP में DL बनवाना होगा महंगा, अब ड्राइविंग टेस्ट के लिए भी देने होंगे पैसे, जानें कितनी बढ़ेगी जेब पर मार

UP में DL बनवाना होगा महंगा, अब ड्राइविंग टेस्ट के लिए भी देने होंगे पैसे, जानें कितनी बढ़ेगी जेब पर मार


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Lucknow News : ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए आवेदकों की जेब पर जल्द ही अतिरिक्त बोझ पड़ने वाला है. अब ड्राइविंग टेस्ट देने के लिए ट्रैक इस्तेमाल करने का शुल्क भी देना होगा. शासन स्तर पर इसे लागू करने की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है.

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ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना होगा महंगा.

लखनऊ : ड्राइविंग लाइसेंस (DL) बनवाने की तैयारी कर रहे हैं तो यह खबर आपके काम की है. यूपी में अब स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस के लिए टेस्ट देना भी महंगा हो सकता है. परिवहन विभाग ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक इस्तेमाल करने के लिए अलग से यूजर चार्ज लगाने की तैयारी में है. प्रस्ताव के मुताबिक, दोपहिया वाहन के टेस्ट के लिए 50 रुपये, कार के लिए 100 रुपये और भारी वाहनों के लिए 150 रुपये देने पड़ सकते हैं. शासन स्तर पर इस व्यवस्था को लागू करने की तैयारी लगभग पूरी बताई जा रही है.

टेस्ट के लिए देना होगा अलग शुल्क

अभी लर्नर ड्राइविंग लाइसेंस के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है. लर्नर लाइसेंस मिलने के बाद स्थायी डीएल बनवाने के लिए आवेदक को आरटीओ या एआरटीओ कार्यालय में बायोमीट्रिक कराना होता है और फिर ड्राइविंग टेस्ट देना पड़ता है. टेस्ट पास करने के बाद लाइसेंस डाक से घर भेज दिया जाता है. नई व्यवस्था लागू होने पर टेस्ट ट्रैक इस्तेमाल करने के लिए भी अलग से भुगतान करना होगा.

कहां जाएगा यूजर चार्ज का पैसा?

परिवहन विभाग ने बेहतर ड्राइविंग प्रशिक्षण और सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए प्रत्यायन चालन प्रशिक्षण केंद्र (एडीटीसी) स्थापित किए हैं. ये केंद्र निजी संचालकों की ओर से चलाए जा रहे हैं. लखनऊ के काकोरी स्थित उदितखेड़ा समेत प्रदेश के 20 जिलों में 32 केंद्र संचालित हैं. इन केंद्रों पर बने विशेष ट्रैक पर ड्राइविंग टेस्ट होता है. प्रस्ताव के अनुसार, यूजर चार्ज की पूरी रकम संबंधित केंद्र के संचालक के खाते में जाएगी.

पहले ही 1,350 रुपये है सरकारी शुल्क

फिलहाल लर्नर लाइसेंस के लिए 350 रुपये और स्थायी डीएल के लिए 1,000 रुपये सरकारी शुल्क निर्धारित है. यानी दोनों को मिलाकर कुल 1,350 रुपये देने होते हैं. प्रस्तावित यूजर चार्ज लागू होने के बाद टेस्ट देने वाले आवेदकों का खर्च और बढ़ जाएगा. वहीं, दलालों के जरिए लाइसेंस बनवाने पर 4,000 से 6,000 रुपये तक खर्च होने की बात सामने आती है.

दो बार फेल हुए तो 6,000 रुपये की ट्रेनिंग

ड्राइविंग टेस्ट में फेल होने पर आवेदक को सात दिन बाद दोबारा परीक्षा देने का मौका मिलता है. इसके लिए नया स्लॉट बुक करना पड़ता है. लेकिन अगर कोई आवेदक दो बार टेस्ट में असफल हो जाता है, तो उसे एडीटीसी से ड्राइविंग प्रशिक्षण लेना अनिवार्य होगा. प्रशिक्षण पूरा करने के बाद प्रमाणपत्र दिया जाएगा, जिसके लिए 6,000 रुपये शुल्क निर्धारित है.

ऐसे में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने वालों के लिए जरूरी है कि वे टेस्ट की तैयारी पूरी करके जाएं, ताकि बार-बार परीक्षा देने और अतिरिक्त खर्च से बच सकें. हालांकि, प्रस्तावित यूजर चार्ज लागू होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि आवेदकों पर अतिरिक्त शुल्क का बोझ कब से पड़ेगा.



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