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12000 Alien Viruses Found undersea: अगर अंतरिक्ष की दुनिया में रहस्य छिपे हुए हैं, तो समंदर भी कम राज नहीं समेटे है. वैज्ञानिकों को कुछ ऐसा ही रहस्य तलहटी में से मिला है, जहां ऐसे एलियन वायरस छिपे हुए हैं, जिन्हें आज तक किसी भी साइंटिस्ट ने न देखा है और न इसके बारे में सुना है.
समंदर के अंदर मिले रहस्यमय वायरस, वैज्ञानिक भी नहीं पहचानते. (AI Generated Image)
Mysterious Viruses Found undersea: धरती पर मौजूद कई रहस्य आज भी इंसान की पहुंच से दूर हैं. समुद्र की अथाह गहराइयों में ऐसी दुनिया छिपी है, जिसके बारे में वैज्ञानिक अब तक बहुत कम जान पाए हैं. अब प्रशांत महासागर में कई फीट नीचे से एक ऐसी खोज सामने आई है, जिसने रिसर्चर्स का ध्यान खींचा है. यहां एक-दो नहीं बल्कि वैज्ञानिकों को करीब 12 हजार तरह के एलियन वायरस मिले हैं. इन्हें एलियन इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि इनमें से 99 प्रतिशत से ज्यादा को वैज्ञानिक पहचानते तक नहीं.
चीन की चोंगकिंग यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने प्रशांत महासागर के क्लेरियन-क्लिपर्टन जोन में अभी 11662 नए वायरल समूहों की पहचान की है. यह विशाल समुद्री क्षेत्र मैक्सिको और हवाई के बीच स्थित है. यहां की गहराई लगभग 6000 मीटर तक पहुंचती है. सूरज की रोशनी से दूर इस अंधेरी दुनिया में जीवन किस तरह पनपता है, यह वैज्ञानिकों के लिए लंबे समय से दिलचस्प सवाल रहा है.
समुद्र के नीचे छिपा खजाना
इस क्षेत्र की तलहटी पर आलू के आकार जैसी लाखों धातुओं से भरी हुई चट्टानें बिखरी हुई हैं. इन्हें पॉलीमेटैलिक नोड्यूल कहा जाता है. इनमें कोबाल्ट, निकेल और मैंगनीज जैसी धातुएं मौजूद हैं, जिनकी जरूरत इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरियां बनाने में पड़ती है. यही वजह है कि इस समुद्री इलाके में खनन को लेकर दुनिया की दिलचस्पी बढ़ रही है लेकिन इन चट्टानों के आसपास एक ऐसा माइक्रोवर्ल्ड भी मौजूद है, जिसका बड़ा हिस्सा अभी तक अनजाना है.
समंदर के अंदर मिली रहस्यमय वायरसों की दुनिया.
एलियन वायरस की दुनिया
वैज्ञानिकों ने समुद्र की तलहटी से जुटाए गए 60 से ज्यादा सीबेड नमूनों का विश्लेषण किया. जांच में सामने आया कि इन वायरसों की आनुवंशिक बनावट पहले से उपलब्ध वैज्ञानिक आंकड़ों से काफी अलग है. इनके प्रोटीन समूहों में से केवल लगभग 4 प्रतिशत का ही ग्लोबल डेटाबेस में मौजूद जानकारी से मेल मिला. बात साफ है कि अब भी बहुत से ऐसे वायरस वहां हैं, जो वैज्ञानिकों के लिए एलियन हैं. वैज्ञानिकों को चिंता है कि बड़े पैमाने पर समुद्री खनन से तलहटी की मिट्टी उखड़ सकती है और वहां रहने वाले सूक्ष्म जीवों और उनसे जुड़े प्राकृतिक चक्रों पर असर पड़ने की आशंका है.
समुद्र के अंदर मिले हैं ऐसे वायरस, जिन्हें वैज्ञानिकों ने कभी देखा-सुना नहीं था.
क्या इंसानों के लिए है खतरा?
अगर सीधे-सीधे कहें तो इन वायरसों को फिलहाल इंसानों की सेहत के लिए खतरा नहीं माना जा रहा है. हालांकि इससे इनकार नहीं कर सकते हैं कि समुद्र के इकोसिस्टम में इनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो सकती है. ये माइक्रोऑर्गेनिज्म की संख्या नियंत्रित करने और कार्बन, नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और सल्फर जैसे नेचुरल साइकल को बनाए रखने में मदद करते हैं. कुछ वायरस ऐसे जीन भी रखते हैं, जो सूक्ष्म जीवों को कठिन वातावरण में जीवित रहने में सहायता कर सकते हैं. यह खोज याद दिलाती है कि समुद्र की गहराइयों में अभी भी अनगिनत रहस्य छिपे हैं, जहां तक इंसान पहुंच नहीं सका है.