फरीदाबाद: नवरात्रि में मां दुर्गा की पूजा के साथ जौ बोने की भी परंपरा है. मान्यता है कि नवरात्रि में जौ की वृद्धि और उनका रंग घर में सुख-समृद्धि से जुड़े संकेत देते हैं. ऐसे में कई लोगों के मन में सवाल रहता है कि जौ हरे रहें, तेजी से बढ़ें या उनका रंग बदलने लगे तो इसका क्या मतलब होता है. जौ सूखने लगें तो उनकी देखभाल कैसे करनी चाहिए. इन सवालों के जवाब जानना जरूरी है, ताकि पूजा के दौरान जौ की सही देखभाल की जा सके.
जौ के अलग-अलग रंगों का क्या है धार्मिक महत्व?
Local18 से बातचीत में फरीदाबाद के ज्योतिषाचार्य पंडित उमा चंद्र मिश्रा बताते हैं कि जौ के अलग-अलग रंगों को देवी के अलग-अलग स्वरूपों से जोड़कर देखा जाता हैं. भूरे रंग के जौ माता पार्वती का स्वरूप माने जाते हैं, जबकि कालेपन वाले जौ को मां काली का स्वरूप माना जाता है. वहीं, सफेद रंग के जौ को मां सरस्वती का स्वरूप माना जाता है.
जौ हरे रहें तो किस बात का संकेत माना जाता है?
पंडित उमा चंद्र मिश्रा बताते हैं कि नवरात्रि में जौ का हरा रहना घर में सुख-समृद्धि, शांति और धन की वृद्धि का संकेत माना जाता है. इसे माता के शांत स्वरूप में घर आने और उनकी कृपा बने रहने से जोड़कर देखा जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जौ का हरा रहना शुभ माना जाता है.
जौ तेजी से बढ़ें तो क्या माना जाता है?
पंडित उमा चंद्र मिश्रा बताते हैं कि जिस साल घर में बोए गए जौ तेजी से बढ़ते हैं, उसे धन की वृद्धि और माता की कृपा से जोड़कर देखा जाता है. जौ की अच्छी वृद्धि को माता के प्रसन्न होकर घर आने का संकेत माना जाता है. इसे देवी के जया स्वरूप से भी जोड़ा जाता है.
जौ पीले पड़ने लगें तो क्या समझना चाहिए?
पंडित उमा चंद्र मिश्रा बताते हैं कि जौ का रंग बदलने पर घबराने की जरूरत नहीं है. भूरे रंग के जौ को माता पार्वती का स्वरूप माना जाता है. देवी अलग-अलग स्वरूपों में पूजी जाती हैं और इसे माता की कृपा से जोड़कर देखा जाता है.
जौ सूखने लगें तो कैसे करें उनकी देखभाल?
पंडित उमा चंद्र बताते हैं कि नवरात्रि में जौ बोने के बाद रोज देखभाल करना जरूरी है. प्रतिदिन पूजा करने बैठें तो लोटे से जौ पर जल का छींटा जरूर लगाएं. अगर जौ को पानी नहीं मिलेगा, तो वे प्राकृतिक रूप से सूखने लग सकते हैं.
जौ बोते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
पंडित उमा चंद्र मिश्रा बताते हैं कि जौ बोने के लिए मिट्टी स्वच्छ और साफ होनी चाहिए. इन्हें रेत में भी बोया जा सकता है. जौ की अच्छी वृद्धि के लिए प्रतिदिन पानी का छींटा लगाते रहें और उनकी देखभाल करें. धार्मिक मान्यता के अनुसार…जौ का हरा रहना माता की कृपा, घर में सुख-शांति और समृद्धि से जुड़ा शुभ संकेत माना जाता है.