Demanding Medical Courses: मेडिकल के इन 5 कोर्स की है गजब डिमांड, पढ़ाई खत्म करते ही मिलती है शानदार सैलरी

Demanding Medical Courses: मेडिकल के इन 5 कोर्स की है गजब डिमांड, पढ़ाई खत्म करते ही मिलती है शानदार सैलरी


नई दिल्ली (Demanding Medical Courses). चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवा का क्षेत्र सबसे सम्मानित और भरोसेमंद करियर ऑप्शंस में शामिल है. मेडिकल कोर्स के नाम पर दिमाग में सबसे पहले एमबीबीएस आता है. बदलते वक्त के साथ मेडिकल सेक्टर का दायरा बहुत बड़ा हो चुका है. अब एमबीबीएस के साथ ही कई अन्य मेडिकल कोर्स की डिमांड भी आसमान छू रही है. ये मेडिकल कोर्स पूरा करने के बाद नौकरी के लिए भटकना नहीं पड़ता है और सैलरी भी जबरदस्त मिलती है.

अक्सर स्टूडेंट्स के मन में भ्रम रहता है कि मेडिकल सेक्टर में जाने के लिए नीट परीक्षा पास करना अनिवार्य है. मेडिकल कोर्स की अवधि, कॉलेजों में एडमिशन की प्रक्रिया और सैलरी को लेकर भी मन में सवाल रहते हैं. सही गाइडेंस न होने की वजह से कई बार स्टूडेंट्स असमंजस में पड़ जाते हैं. जानिए मेडिकल क्षेत्र के उन 5 सबसे लोकप्रिय और डिमांडिंग कोर्स के बारे में, जो मौजूदा दौर में युवाओं की पहली पसंद बने हुए हैं. इनकी डिग्री लेकर करियर सेट कर सकते हैं.

गजब डिमांड में हैं मेडिकल के ये 5 कोर्स

मेडिकल की दुनिया एमबीबीएस या बीडीएस तक सीमित नहीं है. ये मेडिकल के सबसे पॉपुलर कोर्स हैं लेकिन इनके अलावा भी इस क्षेत्र में कई जबरदस्त ऑप्शन उपलब्ध हैं. शानदार कमाई के लिए जानिए मेडिकल के 5 सबसे डिमांडिंग कोर्स के बारे में.

1. बैचलर ऑफ मेडिसिन एंड बैचलर ऑफ सर्जरी (MBBS)

मेडिकल की दुनिया का सबसे प्रतिष्ठित और लोकप्रिय कोर्स आज भी एमबीबीएस ही माना जाता है. डॉक्टर बनने का सपना देखने वाले हर स्टूडेंट की पहली पसंद यही कोर्स है.

  • कोर्स की अवधि: यह 5.5 साल का कोर्स है, जिसमें 1 साल की अनिवार्य इंटर्नशिप भी शामिल है.
  • एडमिशन प्रक्रिया: एमबीबीएस में एडमिशन के लिए राष्ट्रीय स्तर की नीट यूजी परीक्षा पास करना अनिवार्य है.
  • कमाई: शुरुआती दौर में सरकारी या प्राइवेट हॉस्पिटल में डॉक्टर आसानी से 60,000 से 1,50,000 रुपये प्रति माह या उससे अधिक कमा सकते हैं.

2. बैचलर ऑफ फार्मेसी (B.Pharmacy)

फार्मेसी का क्षेत्र दवाओं के निर्माण, रिसर्च और उनकी कार्यप्रणाली से जुड़ा हुआ है. मेडिकल स्टोर चलाने से लेकर बड़ी फार्मास्युटिकल कंपनियों में नौकरी पाने तक के लिए यह कोर्स बेहतरीन विकल्प है.

  • कोर्स की अवधि: यह 4 साल का अंडरग्रेजुएट कोर्स होता है.
  • नीट जरूरी है या नहीं: इस कोर्स में एडमिशन के लिए आमतौर पर नीट अनिवार्य नहीं होता. 12वीं में फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी या मैथ (PCB/PCM) के अंकों के आधार पर दाखिला मिलता है. हालांकि कुछ राज्य प्रवेश परीक्षाएं भी कराते हैं.
  • कमाई: इस क्षेत्र में फ्रेशर्स की शुरुआती कमाई 25,000 से 50,000 रुपये प्रति माह तक हो सकती है, जो अनुभव के साथ तेजी से बढ़ती है.

3. बैचलर ऑफ फिजियोथेरेपी (BPT)

भागदौड़ भरी जिंदगी और गलत लाइफस्टाइल के कारण जोड़ों के दर्द, मांसपेशियों की समस्या और शारीरिक विकलांगता के मामले बढ़ गए हैं. ऐसे में फिजियोथेरेपिस्ट की मांग भी बहुत ज्यादा बढ़ गई है.

  • कोर्स की अवधि: यह कोर्स 4.5 साल का होता है, जिसमें 6 महीने की इंटर्नशिप भी होती है.
  • एडमिशन प्रक्रिया: ज्यादातर संस्थानों में 12वीं (बायोलॉजी) के अंकों के आधार पर एडमिशन मिलता है. हालांकि कुछ यूनिवर्सिटी अपनी खुद की प्रवेश परीक्षा आयोजित करती हैं.
  • कमाई: ट्रेन्ड फिजियोथेरेपिस्ट शुरुआत में 30,000 से 60,000 रुपये महीने आसानी से कमा लेता है. खुद का क्लिनिक होने पर यह कमाई लाखों में पहुंच सकती है.

4. बीएससी नर्सिंग (B.Sc Nursing)

नर्सिंग को मेडिकल रीढ़ की हड्डी कहा जाता है. बिना नर्सों के किसी भी हॉस्पिटल की कल्पना नहीं की जा सकती. देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी ट्रेन्ड नर्स की भारी डिमांड हमेशा बनी रहती है.

  • कोर्स की अवधि: यह 4 साल का फुल-टाइम डिग्री कोर्स है.
  • नीट जरूरी है या नहीं: कई बड़े संस्थान और राज्य स्तरीय नर्सिंग प्रवेश परीक्षाएं (जैसे AIIMS Nursing) नीट स्कोर या अपनी अलग परीक्षा के जरिए एडमिशन देती हैं.
  • कमाई: सरकारी हॉस्पिटल में नर्सिंग स्टाफ की शुरुआती सैलरी 50,000 से 80,000 रुपये प्रति माह तक होती है. विदेश जाने पर यह पैकेज कई गुना बढ़ जाता है.

5. बैचलर ऑफ ऑक्यूपेशनल थेरेपी (BOT)

ऑक्यूपेशनल थेरेपी ऐसा उभरता हुआ मेडिकल कोर्स है, जिसमें मानसिक या शारीरिक रूप से असक्षम लोगों को उनकी दैनिक गतिविधियां करने के लिए प्रशिक्षित और आत्मनिर्भर बनाया जाता है.

  • कोर्स की अवधि: यह 4 से 4.5 साल का प्रोफेशनल कोर्स है.
  • एडमिशन प्रक्रिया: इसमें 12वीं विज्ञान वर्ग (बायोलॉजी) के अंकों और यूनिवर्सिटी स्तर की प्रवेश परीक्षाओं के माध्यम से दाखिला मिलता है.
  • कमाई: इस सेक्टर में शुरुआती सैलरी 30,000 से 55,000 रुपये प्रति माह के आस-पास होती है. स्पेशलाइजेशन के बाद इसमें अपार संभावनाएं हैं.



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