DAP की किल्लत से जूझ रहे किसान अपनाए ये फॉर्मूला, फसल से मिलेगा बंपर उत्पादन, कृषि एक्सपर्ट ने बताया तरीका

DAP की किल्लत से जूझ रहे किसान अपनाए ये फॉर्मूला, फसल से मिलेगा बंपर उत्पादन, कृषि एक्सपर्ट ने बताया तरीका


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DAP की किल्लत से जूझ रहे किसान अपनाए ये फॉर्मूला, फसल से मिलेगा बंपर उत्पादन

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सागर जिले में डीएपी की किल्लत से जूझ रहे किसानों के लिए कृषि विभाग के उपसंचालक डॉक्टर राजेश त्रिपाठी ने विकल्प के रूप में अन्य खादों को मिलाकर डीएपी जैसा उर्वरक तैयार करने का तरीका बताया है. किसान एसएसपी या डीएसपी में यूरिया मिलाकर इसका उपयोग कर सकते हैं.

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अक्टूबर महीने से रवि सीजन की शुरुआत हो जाती है और जिन क्षेत्रों में पानी की कमी होती है या जिन किसानों के पास सिंचाई के संसाधन उपलब्ध नहीं होते हैं वे प्राय प्राय अक्टूबर महीने के अंत तक अपनी फसलों की बुवाई कर लेते हैं. इस समय भी चना, मसूर, मटर, गेहूं, अरहर जैसी फसलों की बुवाई शुरू हो गई है लेकिन किसी भी फसल की बुवाई करने के लिए उसके साथ या उससे पहले उर्वरक डाले जाते हैं, यही नहीं जब इनमें अंकुरण हो जाता है तो भी कुछ फसलों में समय-समय पर जरूरी उर्वरक देने की आवश्यकता होती है. इन्हीं की वजह से फसलों से अच्छा उत्पादन मिल पाता है जिससे किसानों की मेहनत का फल निकलता है.

सागर जिले सहित बुंदेलखंड में किसान यूरिया और डीएपी जैसे उर्वरक पर ही सबसे अधिक भरोसा दिखता है. यूरिया तो इस समय कहीं-कहीं पर उपलब्ध है लेकिन डीएपी की बहुत ज्यादा किल्लत चल रही है. क्योंकि डीएपी ही पैदावार को बढ़ाता है. ऐसे में किसान भाई परेशान चल रहे हैं. लेकिन कृषि अधिकारी ने इससे निपटने का भी फार्मूला बताया है. उन्होंने बताया है किस तरह से दो खाद की कांबिनेशन का निश्चित मात्रा में मिलाकर डीएपी जैसा उर्वरक तैयार किया जा सकता है जो डीएपी की तरह ही फसल के लिए काम करता है.
सागर में कृषि विभाग के उपसंचालक डॉक्टर राजेश त्रिपाठी बताते हैं कि हमारे जिले में लगभग 5 लाख हेक्टेयर का क्षेत्रफल है. सभी 11 विकासखंड में रवि सीजन के लिए खाद के लिए तेजी से व्यवस्था करनी पड़ेगी. हालांकि, इस बार खरीफ में बृहद रूप से पर्याप्त मात्रा में खाद की व्यवस्था कराई गई है, किसान भाई अच्छी मात्रा में खाद लेकर गए हैं.

खाद मिलाकर किस तरह करें उपयोग
रवि सीजन के लिए हमारे पास 40 लाख मैट्रिक टन खाद जिले में उपलब्ध है. जिसमें लगभग 20000 टन यूरिया है शेष बाकी NPK, डीएपी का रैक लगा हुआ है. चार-पांच दिन के अंदर एक इफको का आने वाला है. तो अभी डीएपी आ गया है. किसान भाइयों से निवेदन है कि जहां पर डीएपी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है वहां पर डीएसपी खाद और ट्रिपल सुपर फास्फेट का उपयोग कर सकते हैं. एनपीके खाद है उसका उपयोग कर सकते हैं. साथ में एसएसपी का उपयोग कर सकते हैं. तीन बोरी एसएसपी में अगर 20 किलो यूरिया मिलाकर के बेसल डोज में देते हैं, तो डीएपी का कार्य करता है. एक बोरी डीएसपी है उसमें 20 किलो यूरिया मिलाकर के अगर आप बेसल डोज दे देते हैं तो वह भी डीएपी का ही काम करता है.



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