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खेती-किसानी बड़ी मेहनत का काम है. इसमें एक तरफ सबकुछ प्रकृति के भरोसे होता है तो दूसरी तरफ फसलों को कीट-पतंगों से बचाने की जरूरत होती है. फसलों को कीट-पतंगों से बचाने के लिए उनपर केमेकिल युक्त स्प्रे और दवाओं का छिड़काव किया जाता है. इससे वह फसल, अनाज और सब्जी जहरीली हो जाती है. इसका लोगों की सेहत पर भी गलत प्रभाव पड़ता है.
विक्रम कुमार झा/पूर्णिया: खेती-किसानी में पैसा और मेहनत के साथ लगन की भी जरूरत होती है. जब तक आप पेड़-पोधों को और फसलों को महसूस नहीं करेंगे और अनाज को सिर्फ कमाने का एक माध्यम समझेंगे तब तक आपको यह भारी काम लगेगा. यदि पेड़-पोधों में और प्रकृति से आपको लगाव है तब आप इन फसलों पर बारीक नजर रखेंगे. आप देखते ही समझ जाएंगे कि फसल का विकास किस गति से हो रहा है और इसमें रुकावट कहां है. दरअसल, फसलों में कीट बहुत लगते हैं. ये कीट खेत की पूरी फसल बर्बाद कर देते हैं. इससे किसानों को उनकी फसल का बेहतर उत्पादन नहीं मिलता और किसान निराश हो जाते हैं. इन कीटों के नियंत्रण के लिए कई तरह के केमिकल और दवाइयां हैं. इन केमिकल और दवाओं के असर से आपका फसल, अनाज और सब्जी जहरीला हो जाता है जो सेहत के लिए नुकसानदायक भी है. ऐसे में आज हम आपको कीटों से बचाव का एक ऐसा उपाय बताने जा रहे हैं जो आपकी फसल को बिना जहरीला बनाए उससे कीड़े मकोड़ों को दूर कर देगा.
बिहार सरकार की पौधा संरक्षण उपादान वितरण योजना के तहत किसानों को फसल सुरक्षा के फेरोमेन ट्रैप, स्टिकी ट्रैप , फ्रूट फ्लाई कीट नियंत्रण उपकरण के लिए सरकार 75% तक अनुदान देती है. पूर्णिया जिले के रानीपतरा के रहने वाले किसान शशि भूषण सिंह ने ऐसा तरीका बताया है जिसमें बिना किसी केमिकल और दवा के छिड़काव के फसल और सब्जी को कीड़ों से बचाने में मदद मिलती है. एक प्लास्टिक के डिब्बे यानी फेरोमेन ट्रैप के जरिए किसान दवा में होने वाला हर महीने का हजारों का खर्च बचा सकते हैं. उन्होंने कहा कि सरकार की तरफ से फसल सुरक्षा की योजना का लाभ पिछले कई वर्षों से लेकर वह सालाना लाखों रुपए की बचत करते हैं. इससे उन्हें बेहतर उत्पादन और तगड़ा मुनाफा होता है.
उन्होंने कहा कि यह फेरोमेन ट्रैप पीले कलर होने के कारण खेत में लगा देते हैं. इसके बाद इसका पीला रंग देखकर मादा कीड़ा इसकी तरफ आकर्षित होता है और इस डिब्बे में बने छेद में घुस जाता है. इसकी खास बात यह है कि सिर्फ मादा कीड़ा ही इसकी तरफ आकर्षित होता है. इसमें लकड़ी या प्लाई का एक सुगंध भरा टुकड़ा होता है जो मादा कीड़े को अपनी तरफ आकर्षित करता है. इसकी महक और पीले रंग से मादा कीड़ा खिंचा चला आता है जहां आकर वह फंस जाता है. मादा कीड़ा के फंस जाने से प्रजनन रुक जाता है. इससे सब्जी में कीट नहीं लगता और फिर सभी कीड़े एक-एक करके इस डिब्बे में फंस जाते हैं और फिर यह डिब्बा खोलकर वह इन कीड़ों को निकाल देते हैं. इसके बाद खेत में दोबारा इस डिब्बे को लगा देते हैं.
हालांकि, उन्होंने कहा कि इस डिब्बे से उन्हें बहुत फायदा हो रहा है और कीट प्रबंधन करने के लिए कीटनाशी का स्प्रे नहीं करना पड़ता है. उन्होंने जिले के किसान भाइयों से भी सरकार की इस योजना का लाभ लेकर अपने फसल की कीट सुरक्षा के लिए इस फेरोमेन ट्रैप का प्रयोग करने की सलाह दी है.