350 KMPH की स्‍पीड से पुष्‍पक विमान की तरह उड़ेगी देसी बुलेट ट्रेन – india indigenous high speed bullet train run 350 kmph speed delhi patna 3 hour

350 KMPH की स्‍पीड से पुष्‍पक विमान की तरह उड़ेगी देसी बुलेट ट्रेन – india indigenous high speed bullet train run 350 kmph speed delhi patna 3 hour


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350 KMPH की रफ्तार से दौड़ेगी देसी बुलेट ट्रेन, 3 घंटे में दिल्‍ली-टू-पटना

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India Bullet Train: भारत इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर पर हजारों-लाखों रुपये खर्च कर रहा है. रोड से लेकर रेल और प्‍लेन तक में व्‍यापक पैमाने पर निवेश किया जा रहा है. बुलेट ट्रेन उसी महत्‍वाकांक्षी प्रोजेक्‍ट में से एक है. देश की पहली बुलेट ट्रेन मुंबई से अहमदाबाद के बीच चलाने की योजना है. इस प्रोजेक्‍ट पर तेजी से काम चल रहा है. इस बीच, एक और गुड न्‍यूज सामने आई है.

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भारत में 350 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली बुलेट ट्रेन का प्रोडक्‍शन किया जाएगा. (फाइल फोटो/Reuters)

India Bullet Train: भारत हाई-स्‍पीड ट्रेन चलाने की योजना पर बुलेट की रफ्तार से काम चल रहा है. मुंबई-अहमदाबाद के बीच अगले साल यानी 2027 में एक सेक्‍शन पर बुलेट ट्रेन चलाने की संभावना है. जापान के सहयोग से बुलेट ट्रेन चलाने के प्रोजेक्‍ट पर काम चल रहा है. बताया जा रहा है कि इसकी रफ्तार अधिकतम 250 किलोमीटर प्रति घंटे की हो सकती है. इस बीच, बुलेट ट्रेन को लेकर अच्‍छी खबर सामने आई है. भारत अब खुद ही बुलेट ट्रेन का प्रोडक्‍शन करेगा. खास बात यह है कि देसी बुलेट ट्रेन 350 KMPH की रफ्तार से पटरियों पर दौड़ेगी. इस ट्रेन के लॉन्‍च होने से दिल्‍ली से पटना की दूरी 3 घंटे से भी कम समय में तय की जा सकेगी. अहमदाबाद से मुंबई की यात्रा तो डेढ़ घंटे से भी कम समय में पूरी की जा सकेगी. बता दें कि दिल्‍ली-वाराणसी और दिल्‍ली-हावड़ा वाया पटना समेत देश के अन्य हिस्‍सें में बुलेट ट्रेन चलाने की योजना है.

जानकारी के अनुसार, भारत 2030 तक 350 किलोमीटर प्रति घंटे की डिजाइन स्पीड वाली स्वदेशी हाई-स्पीड ट्रेन विकसित करने की तैयारी में है. रेलवे मंत्रालय की ओर से मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल (MAHSR) परियोजना की संशोधित लागत को लेकर कैबिनेट के सामने रखे गए प्रस्ताव में यह जानकारी दी गई है. मंत्रालय के मुताबिक, भारत में विकसित की जाने वाली B35 हाई-स्पीड ट्रेन जापान की अगली पीढ़ी की E10 सीरीज के बराबर डिजाइन स्पीड हासिल करने का लक्ष्य रखती है. बता दें कि मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्‍ट की संशोधित लागत को कैबिनेट ने 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक करने की मंजूरी दी है. यह 2015 में तैयार किए गए करीब 1.1 लाख करोड़ रुपये के शुरुआती अनुमान से लगभग दोगुनी है. मौजूदा लागत के आधार पर परियोजना की प्रति किलोमीटर लागत करीब 399 करोड़ रुपये बैठती है.

क्‍या है फ्यूचर प्‍लानिंग

रेलवे मंत्रालय ने कैबिनेट को बताया कि जापान ने दिसंबर 2024 में जानकारी दी थी कि मौजूदा E5 सीरीज ट्रेनों का उत्पादन बंद किया जा रहा है. जापान ने संकेत दिया था कि E10 ट्रेनों का प्रोडक्‍शन 2030 से शुरू होगा और इन्हें 2034 तक ऑपरेशन के लिए तैयार किया जाएगा. ऐसे में भारत में भी B35 ट्रेन विकसित करने की प्रक्रिया शुरू की गई है. अधिकारियों के अनुसार, भविष्य में जापान की E10 ट्रेन उपलब्ध होने पर उन्हें मुंबई-अहमदाबाद कॉरिडोर पर चलाने की संभावना तलाश की जाएगी. फिलहाल भारत ने B28 हाई-स्पीड ट्रेन के स्वदेशी निर्माण पर काम शुरू कर दिया है. इन ट्रेनों की डिजाइन स्पीड 280 किमी प्रति घंटा होगी, जबकि मुंबई-अहमदाबाद कॉरिडोर पर इनकी अधिकतम ऑपरेशनल रफ्तार 250 किलोमीटर प्रति घंटा रखी जाएगी. BEML को 32 B28 ट्रेनों के निर्माण का ठेका दिया गया है. इनमें से दो प्रोटोटाइप ट्रेनें 2027 की पहली तिमाही में परीक्षण के लिए तैयार होने की उम्मीद है. BEML ने शुक्रवार को बीएसई को दी जानकारी में बताया कि उसे 15 अतिरिक्त B28 ट्रेनों के निर्माण के लिए 5,400 करोड़ रुपये का अलग अनुबंध भी मिला है.

क्‍यों बढ़ी लागत

‘टाइम्‍स ऑफ इंडिया’ की रिपोर्ट के अनुसार, रेलवे मंत्रालय हाई-स्पीड ट्रेनों के साथ अपना स्वदेशी भारत ट्रेन कंट्रोल सिस्टम (BTCS) भी विकसित कर रहा है. यह सिस्टम ट्रेनों की गति, उनके बीच सुरक्षित दूरी और ऑपरेशनल सिक्‍योरिटी को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. इसका विकास चीन के स्वदेशी CTCS ट्रेन कंट्रोल और सिग्नलिंग सिस्टम की तर्ज पर किया जा रहा है. परियोजना की लागत बढ़ने की प्रमुख वजहों में भूमि अधिग्रहण, बुनियादी ढांचे और ट्रेनों व सिग्नलिंग सिस्टम पर खर्च में वृद्धि शामिल है. भूमि अधिग्रहण की लागत 2015 के अनुमान की तुलना में तीन गुने से अधिक बढ़कर करीब 19,700 करोड़ रुपये हो गई है. वहीं बुनियादी ढांचे की लागत करीब 50 प्रतिशत बढ़कर 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गई है. ट्रेनों और सिग्नलिंग सिस्टम पर खर्च में करीब 100 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. 508 किलोमीटर लंबे मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर को दिसंबर 2030 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. शुरुआत में इस मार्ग पर B28 ट्रेनें चलेंगी, जबकि आगे चलकर अधिक गति वाली स्वदेशी B35 ट्रेनें और जापान की E10 ट्रेनें भी संभावित विकल्प हो सकती हैं.



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