Festive Fever on Fare : आसमान पर हवाई किराया, त्योहारी सीजन में डेढ़ से दोगुना बढ़ गई कीमत

Festive Fever on Fare : आसमान पर हवाई किराया, त्योहारी सीजन में डेढ़ से दोगुना बढ़ गई कीमत


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Airlines Fare : त्योहारी सीजन शुरू होने से पहले ही हवाई किराया आसमान पर पहुंच गया है. हवाई कंपनियों ने कई रूट पर तीन गुना तक कराया बढ़ा दिया है. उपभोक्ताओं पर पड़ने वाले बोझ को देखते हुए उद्योग संगठन सीटीआई ने केंद्रीय मंत्री को पत्र लिखकर किराये पर लगाम कसने की मांग की है.

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त्योहारी सीजन में हवाई किराया दोगुना से ज्यादा बढ़ चुका है.

नई दिल्ली. त्योहारी सीजन की अभी शुरुआत भी नहीं हुई है और हवाई किराया आसमान पर पहुंच गया है. कुछ रूट पर तो विमानों का किराया दो से तीन गुना तक बढ़ चुका है. इसे देखते हुए दिल्ली और देश में व्यापारियों और उद्यमियों के शीर्ष संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को पत्र लिखा है. उन्होंने विमान कंपनियों की मनमानी पर नकेल कसने की मांग की है और कहा है कि त्योहारी सीजन में आम आदमी की सुविधा का ख्याल रखा जाए.

CTI चेयरमैन बृजेश गोयल ने बताया कि CTI की रिसर्च में सामने आया है कि कुछ दिनों पहले जो हवाई टिकटें सस्ती थीं, वही टिकटें अब दोगुने से ज्यादा दाम पर बेची जा रही हैं. पिछले कुछ दिनों में अचानक से इंडिगो, एयर इंडिया सहित तमाम विमानन कंपनियों ने 50% से 100% तक हवाई किराया बढ़ा दिया है जिससे मध्य वर्ग और उच्च मध्य वर्ग की कमर टूट गई है. चूंकि, गणपति महोत्सव के साथ ही देश में त्योहारी सीजन शुरू हो गया है जो कि दिवाली और छठ पूजा तक चलेगा. ऐसे में लोगों की हवाई यात्रा की फ्रीक्वेंसी भी बढ़ेगी. ऐसे समय में हवाई किराये में 100% उछाल आना विमानन कंपनियों की मनमानी है.

किस रूट पर ज्यादा बढ़ा किराया

  • दिल्ली-मुंबई का आने जाने का हवाई किराया पहले 10,000 रुपये था, जो अब 18 से 25 हजार रुपये हो गया है.
  • दिल्ली-अहमदाबाद का किराया 10 से 12 हजार था, जो अब 18 से 20 हजार रुपये कर दिया गया है.
  • दिल्ली-बैंगलुरु का किराया पहले 12 से 15 हजार रुपये था, जो अब 30 से 35 हजार रुपये कर दिया गया है.
  • दिल्ली-कोलकाता का किराया भी पहले 11 हजार रुपये था, जो अब 20 हजार रुपये हो गया है.

छोटे बच्चों का भी बढ़ा किराया
इंडिगो ने शिशुओं (3 दिन से 2 साल) का शुल्क भी 2,000 से बढ़ाकर 3,000 रुपये कर दिया है, जबकि शिशु को सीट भी नहीं मिलती. बृजेश गोयल ने कहा कि एविएशन डेटा एजेंसी OAG के अनुसार, कंपनियों ने सितंबर में ही घरेलू क्षमता 5.6% घटा दी है. इंडिगो ने 4.5% और एयर इंडिया ने 8.8% सीटें कम की हैं, जबकि दोनों कंपनियों का 90% से ज्यादा मार्केट पर कब्जा है. त्योहार पर सीटें घटाकर किराया बढ़ाना लूट है. CTI ने केन्द्र सरकार से मांग की है कि तुरंत विमानन कंपनियों पर नकेल कसे और हवाई किरायों में कटौती के लिए दबाव डाले.



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