डोनाल्ड ट्रंप के राज में व्हाइट हाउस में आए दिन कोई न कोई नया बखेड़ा खड़ा हो जाता है. इस बार कोई विवादित फैसला या राजनीतिक बयानबाजी नहीं, बल्कि ट्रंप की नई-नवोली प्रेस सेक्रेटरी केटी जकारिया की वकालत की डिग्री ही कठघरे में आ खड़ी हुई है. अमेरिकी मीडिया की रिपोर्ट्स में ये खुलासा हुआ है कि केटी जकारिया ने अमेरिकी लॉ स्कूल से कानून की पढ़ाई तो पूरी की, लेकिन वकील बनने के लिए सबसे जरूरी माने जाने वाले ‘बार एग्जाम’ में वो फेल हो गईं. जब पत्रकारों ने इस पर उनसे सीधे तीखे सवाल दागे, तो उन्होंने एक ऐसा गोलमोल जवाब दे दिया जिसने मामले को शांत करने के बजाय व्हाइट हाउस में भूचाल ला दिया है.
केटी जकारिया के इस्तीफे की उठी मांग
केटी ने पत्रकारों के सामने दावा ठोका कि जब वो चीन शिफ्ट हुई थीं, तब उन्होंने वहां बार एग्जाम क्लियर किया था. अब सवाल ये उठ रहा है कि क्या कोई अमेरिकी नागरिक चीन में जाकर वहां का बार एग्जाम पास कर सकता है? इसी एक बयान ने पूरे वाशिंगटन के सियासी गलियारों में तहलका मचा दिया है और अब उनके खिलाफ बाकायदा कानूनी जांच के साथ-साथ इस्तीफे की मांग भी जोर पकड़ने लगी है.
क्या है पूरा विवाद? एक सीधा सवाल और गोलमोल जवाब
इस पूरे ड्रामे की शुरुआत केटी जकारिया की पहली व्हाइट हाउस प्रेस ब्रीफिंग के ठीक बाद हुई. जैसे ही वो पत्रकारों से बात करके बाहर निकल रही थीं, एक पत्रकार ने उनसे पूछ लिया कि उन्होंने अमेरिका के किस राज्य से बार परीक्षा पास की है? इस पर केटी ने अमेरिका के किसी भी राज्य का नाम लेने के बजाय बात घुमाते हुए सीधे कहा, ‘जब मैं चीन शिफ्ट हुई थी, तब मैंने बार एग्जाम क्लियर किया था’.
फिर क्या था, अमेरिकी मीडिया ने उनके इस अजीबोगरीब दावो की बाल की खाल निकालनी शुरू कर दी. जांच-पड़ताल में सामने आया कि साल 2011 में पेपरडाइन कारुसो स्कूल ऑफ लॉ से जुरिस डॉक्टर की डिग्री लेने के बाद उन्होंने कैलिफोर्निया में बार परीक्षा दी जरूर थी, लेकिन वो उसमें फेल हो गई थीं. इसके बाद जब अमेरिका के सभी 50 राज्यों और वाशिंगटन डीसी के बार काउंसिल रिकॉर्ड खंगाले गए, तो कहीं भी केटी जकारिया का नाम एक रजिस्टर्ड या लाइसेंस प्राप्त वकील के रूप में दर्ज नहीं मिला.
‘चीन में पास किया बार एग्जाम’: क्या ये सच में मुमकिन है?
केटी जकारिया के ‘चीन कनेक्शन’ वाले दावो ने कानून के जानकारों को भी सोच में डाल दिया है. कानूनी एक्सपर्ट्स और अमेरिकी यूनिवर्सिटीज के प्रोफेसरों का साफ कहना है कि चीन का नेशनल जुडिशल एग्जाम केवल और केवल चीनी नागरिकों के लिए होता है. कोई भी विदेशी नागरिक चाहकर भी वहां ये परीक्षा नहीं दे सकता. ऐसे में बड़ा सवाल ये खड़ा होता है कि केटी आखिर किस ‘बार एग्जाम’ को पास करने का दावा ठोंक रही थीं?
क्या वो केवल इंटरनेशनल ट्रांजैक्शनल लॉ से जुड़ी सलाहकार की भूमिका में काम कर रही थीं या फिर उन्होंने जानबूझकर मीडिया और जनता से सच छिपाया?
अपनी सफाई में केटी ने कहा कि उन्होंने अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक कानूनों पर काम किया है और उनके पास इसके लिए सभी जरूरी कागजात मौजूद हैं. हालांकि, अमेरिका के कड़े कानूनों के मुताबिक, बिना वैलिड एक्टिव लाइसेंस के खुद को सार्वजनिक रूप से ‘वकील’ बताना या प्रमोट करना एक गंभीर अपराध माना जाता है.
कानूनी शिकंजे में केटी: शिकायत दर्ज, कभी भी कस सकता है शिकंजा
इस विवाद के बाद अब केटी जकारिया के लिए मुश्किलें काफी बढ़ चुकी हैं. वाशिंगटन के एक बड़े गैर-सरकारी संगठन ‘कैंपेन फॉर अकाउंटेबिलिटी’ ने स्टेट बार ऑफ कैलिफोर्निया में उनके खिलाफ आधिकारिक शिकायत कर दी है.
कैलिफोर्निया के कानून की मानें तो अगर कोई शख्स बिना एक्टिव लाइसेंस के खुद को वकील के तौर पर पेश करता है या प्रैक्टिस करता है, तो इसे एक गंभीर अपराध माना जाता है. अगर स्टेट बार इस मामले में औपचारिक जांच शुरू कर देता है, तो व्हाइट हाउस की इस नई प्रेस सेक्रेटरी को कुर्सी संभालने के कुछ ही हफ्तों के भीतर अदालती पचड़ों और लीगल चक्करों का सामना करना पड़ेगा, जिससे उनकी कुर्सी पर सीधा खतरा मंडरा रहा है.
कौन हैं केटी जकारिया? रिपब्लिकन पार्टी से है पुराना और गहरा नाता
केटी जकारिया केवल कोई टीवी एंकर या अचानक उभरा मीडिया चेहरा नहीं हैं, बल्कि वो रिपब्लिकन पार्टी और डोनाल्ड ट्रंप की पुरानी वफादार रही हैं. खुद ट्रंप भी उन्हें कई मौकों पर अपनी ‘शुरुआती दौर से ही वफादार और बेहद टैलेंटेड समर्थक’ कहकर तारीफों के पुल बांध चुके हैं.
- करियर की शुरुआत: पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू. बुश के कार्यकाल के दौरान व्हाइट हाउस ऑफिस ऑफ पॉलिटिकल अफेयर्स से अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत करने वाली केटी ने रिपब्लिकन नेशनल कमेटी (RNC) में भी अहम भूमिका निभाई.
- बीजिंग से टीवी स्टूडियो तक: 2011 से 2013 के बीच वो बीजिंग की प्रसिद्ध ‘झोंग लुन’ लॉ फर्म में एसोसिएट रहीं. इसके बाद वो अमेरिका लौटकर फॉक्स न्यूज, न्यूजमैक्स और सीएनएन जैसे बड़े न्यूज चैनलों पर सीनियर पॉलिटिकल एक्सपर्ट के रूप में छाई रहीं.
- ट्रंप मीडिया से व्हाइट हाउस का सफर: व्हाइट हाउस प्रेस सेक्रेटरी बनने से ठीक पहले वो ट्रंप मीडिया एंड टेक्नोलॉजी ग्रुप, जो ट्रुथ सोशल चलाता है, उसमें सीनियर मीडिया एडवाइजर थीं. इससे पहले वो होमलैंड सिक्योरिटी विभाग में क्रिस्टी नोएम के मातहत प्रवक्ता के रूप में भी जिम्मेदारी संभाल चुकी हैं.
चार बच्चों की मां और काम का दबाव: कैसे संभालेंगी दोहरी जिम्मेदारी?
सियासी और कानूनी घमासान के बीच केटी जकारिया की पर्सनल लाइफ भी अमेरिकी मीडिया में खूब सुर्खियां बटोर रही है. वो चार छोटे बच्चों की मां हैं और फिलहाल अपने पूरे परिवार को कैलिफोर्निया से वाशिंगटन डीसी शिफ्ट करने में जुटी हैं.
जब मीडिया ने उनसे काम और परिवार के बीच बैलेंस बनाने को लेकर सवाल किया, तो उन्होंने दोटूक लहजे में कहा, ‘मेरा काम भले ही बेहद तनावपूर्ण और जिम्मेदारी भरा हो, लेकिन मेरे बच्चे हमेशा मेरी पहली प्राथमिकता रहेंगे. अपने बच्चों के साथ शाम न बिता पाने का ख्याल मेरे लिए किसी भी हाल में मंजूर नहीं है.’ उन्होंने ये भी बताया कि वो कई बार अपने बच्चों को जरूरी मीटिंग्स और ऑफिस लंच में भी अपने साथ ले जाती हैं.
ट्रंप की रणनीति और प्रेस सेक्रेटरी की भूमिका
केटी जकारिया का मानना है कि व्हाइट हाउस प्रेस सेक्रेटरी का रोल उनके लिए कोई बिल्कुल नया काम नहीं है, बल्कि ये उसी मीडिया वकालत और बचाव का विस्तार है जो वो सालों से बाहर रहकर करती आ रही हैं. उनका मानना है कि उनका टारगेट राष्ट्रपति ट्रंप की नीतियों और सफलताओं को आक्रामक अंदाज में जनता के सामने रखना है.
उन्होंने बेहद बेबाकी से कहा, ‘राष्ट्रपति ट्रंप खुद अपने सबसे बेहतरीन प्रवक्ता हैं’. लेकिन वाशिंगटन के गलियारों में अब सबसे बड़ा सवाल यही तैर रहा है कि जो प्रेस सेक्रेटरी खुद अपनी ही वकालत की डिग्री और बयानों के भंवर में फंस चुकी हो, क्या वह मीडिया के तीखे तीरों से ट्रंप प्रशासन को बचाव कर पाएगी?
व्हाइट हाउस के लिए नई सिरदर्दी, क्या देना पड़ेगा इस्तीफा?
डोनाल्ड ट्रंप का मीडिया के साथ हमेशा से ही छत्तीस का आंकड़ा रहा है. ऐसे में नई प्रेस सेक्रेटरी की डिग्री और बार एग्जाम से जुड़ा ये नया बखेड़ा ट्रंप की कोर टीम के लिए एक बड़ा सिरदर्द बन चुका है. एक तरफ जहां विपक्षी डेमोक्रेट्स और कानूनी संस्थाएं केटी के तुरंत इस्तीफे और जांच की मांग पर अड़ी हैं, वहीं व्हाइट हाउस फिलहाल इस पूरे मामले को एक मामूली सी बात बताकर दबाने की कोशिश कर रहा है.
लेकिन जिस तरह से कैलिफोर्निया स्टेट बार में शिकायत दर्ज हुई है और चीनी डिग्री का विवाद गहराया है, उसने केटी जकारिया की कुर्सी को हिलाकर रख दिया है. आने वाले दिनों में अगर कानूनी शिकंजा कसता है, तो व्हाइट हाउस को फजीहत से बचाने के लिए केटी जकारिया को वक्त से पहले ही अपने पद से इस्तीफा देना पड़ सकता है.