‘दूसरे से प्यार कर रहीं, अपने पति को मरवा रहीं…’, मुस्कान-साहिल को हुई फांसी पर सुनिए दादी-नानी की राय

‘दूसरे से प्यार कर रहीं, अपने पति को मरवा रहीं…’, मुस्कान-साहिल को हुई फांसी पर सुनिए दादी-नानी की राय


रामपुर: मेरठ के चर्चित नीले ड्रम हत्याकांड में मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद महिलाओं के बीच भी इस फैसले को लेकर चर्चा हो रही है. किसी ने अदालत के फैसले को सही बताया तो किसी ने कहा कि अगर पति-पत्नी के बीच रिश्ता नहीं निभ रहा है तो अलग हो जाना चाहिए. मगर किसी की जान लेना गलत है. गांव की बुजुर्ग महिलाओं और गृहणियों का कहना है कि घर गृहस्थी में मनमुटाव होना आम बात है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि विवाद का अंत हत्या से किया जाए.

60 वर्षीय दादी पार्वती ने कहा कि अगर मुस्कान को सौरभ के साथ नहीं रहना था, तो वह उसे छोड़ सकती थी. किसी रिश्ते में परेशानी होने पर अलग होने का रास्ता भी होता है. इसके लिए किसी की हत्या करना बिल्कुल गलत है. दादी पार्वती बताती हैं कि उनकी अपनी गृहस्थी में भी पति के साथ मनमुटाव होता था. मगर उस समय नाराजगी होने पर वह मायके चली जाती थीं या कुछ दिनों तक बातचीत बंद कर देती थीं. इसके बावजूद उन्होंने कभी किसी को नुकसान पहुंचाने के बारे में नहीं सोचा.

जैसा कर्म किया, वैसी सजा मिले
65 वर्षीय दादी देवकी का कहना है कि मुस्कान और साहिल ने जैसा किया, उन्हें वैसी ही सजा मिलनी चाहिए. दोनों को फांसी होनी चाहिए, ताकि आगे कोई दूसरा ऐसा अपराध करने के बारे में न सोचे. उनके मुताबिक, इस तरह के मामलों में सख्त सजा मिलने से समाज में एक संदेश जाता है और लोगों को कानून का डर रहता है.

जिंदगी खत्म कर देना गलत
वहीं 75 वर्षीय दादी हुस्न जहां भी इस फैसले को सही मानती हैं. उनका कहना है कि मुस्कान और साहिल ने जो किया, उसकी सजा मिलनी चाहिए. उनके मुताबिक, किसी की जिंदगी खत्म कर देना बहुत गलत है और ऐसे अपराधों को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए. उनका कहना है कि आजकल प्रेम संबंधों के चक्कर में पति पत्नी की हत्या जैसी घटनाएं सुनने को मिल रही हैं. पहले के समय में ऐसी घटनाएं कम सुनाई देती थीं. उनके मुताबिक, अगर पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर परेशानी है तो उसे बातचीत से सुलझाना चाहिए या अलग हो जाना चाहिए. किसी की जान लेना किसी भी समस्या का हल नहीं है.

विवाद के कारण हत्या करना गलत
गृहिणी विशाखा का कहना है कि मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा सुनाए जाने का फैसला अच्छा है. उन्हें लगता है कि अदालत के इस फैसले से लोगों को सबक मिलेगा. विशाखा बताती हैं कि उनकी भी गृहस्थी है और घर में कभी कभी मनमुटाव हो जाता है. ऐसी स्थिति में मायके चले जाना या कुछ समय के लिए दूरी बना लेना जैसे विकल्प होते हैं. लेकिन किसी विवाद के कारण किसी की हत्या कर देना सही नहीं है. उनका कहना है कि रिश्तों में परेशानी आने पर समझदारी से काम लेना चाहिए, न कि गुस्से में कोई ऐसा कदम उठाना चाहिए, जिससे किसी की जिंदगी ही खत्म हो जाए.

रिश्ता नहीं निभाना तो अलग हो जाओ
इमराना का कहना है कि मुस्कान ने सौरभ के साथ गलत किया और अब इस मामले में अदालत ने फैसला सुनाया है. वहीं सोनी का कहना है कि अगर किसी को अपने साथी के साथ नहीं रहना है, तो उसे छोड़ देना बेहतर है. लेकिन उसकी हत्या नहीं करनी चाहिए. महिलाओं का कहना है कि अगर किसी महिला को अपने पति के साथ नहीं रहना है या वह किसी वजह से इस रिश्ते को आगे नहीं निभाना चाहती, तो उसके पास अलग होने का रास्ता है.

फैसले से लोग लें सबक
महिलाओं ने कहा कि वह अपने पति को छोड़कर अपनी जिंदगी का फैसला ले सकती हैं. लेकिन किसी की जान लेना बिल्कुल गलत है. सोनी का कहना है कि किसी को पसंद करना या किसी के साथ जिंदगी बिताना अपनी जगह है, लेकिन इसके लिए किसी की जिंदगी खत्म कर देना कहां तक सही है. अगर साथ नहीं रहना है तो बेहतर है कि रिश्ता खत्म कर अलग हो जाओ. मगर किसी को मारकर उसकी जिंदगी छीन लेना सही नहीं है. इस फैसले से लोगों को सबक लेना चाहिए.



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