फरक्का पर नीतीश संवाद के बाद जदयू का नया प्लान बना, ‘व्यापक बदलाव’ का टारगेट लेकर पूरे बिहार घूमेगी पार्टी

फरक्का पर नीतीश संवाद के बाद जदयू का नया प्लान बना, ‘व्यापक बदलाव’ का टारगेट लेकर पूरे बिहार घूमेगी पार्टी


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JDU Nitish Samvad new Plan: जदयू के ‘नीतीश संवाद’ का पूरा प्लान बन गया है. पार्टी 2 अक्टूबर को बिहार के सभी जिलों में एक साथ बड़ा कार्यक्रम करेगी. इस कार्यक्रम का लक्ष्य है कि जीविका से महिलाओं के जीवन में आए व्यापक बदलाव को घर-घर तक पहुंचाया जाए. खास बात यह कि जदयू ने बीते दिनों फरक्का जल संधि के मुद्दे पर भी ‘नीतीश संवाद’ की शुरुआत की थी, और अब इसी बैनर के तले महिलाओं की बात करने को पार्टी आगे आ रही है. पूरी खबर विस्तार से आगे पढ़िए.

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जदयू का 2 अक्टूबर से पूरे बिहार में नीतीश संवाद कार्यक्रम.

बिहार में जदयू अब नीतीश कुमार के काम और विशेषकर महिलाओं की जिंदगी में आए बदलाव को लेकर सीधे संवाद के मैदान में उतरने जा रही है. 2 अक्टूबर को एक साथ बिहार के सभी जिलों में ‘नीतीश संवाद’ होगा. इस कार्यक्रम का लक्ष्य होगा जीविका के 20 साल के सफर पर और यह बताने पर कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर किस तरह बड़ी संख्या में महिलाएं आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत हुई हैं. इसके लिए प्रदेश कार्यालय में जिलों से आईं महिला नेताओं और पदाधिकारियों की समीक्षा बैठक कर तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया है.

पार्टी दफ्तर में हुई बड़ी बैठक

बता दें कि शनिवार को पटना में जेडीयू प्रदेश कार्यालय में इसको लेकर बड़ी समीक्षा बैठक हुई. सभी जिलों से आई महिला नेता और पदाधिकारी पहुंची थीं. बैठक में ग्रामीण विकास और सूचना जनसंपर्क मंत्री श्रवण कुमार, प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा, महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष और विधान पार्षद शिवरानी देवी मौजूद रहीं. श्रवण कुमार ने कहा कि नीतीश संवाद के जरिए अधिक से अधिक महिलाओं को जोड़ना है और इसकी ऐतिहासिक सफलता सुनिश्चित करनी है.

2 अक्टूबर से पूरे बिहार में संवाद

जदयू ने इस बार नीतीश संवाद को किसी एक इलाके या सीमित जिलों तक रखने के बजाय बिहार के सभी जिलों तक पहुंचाने का प्लान बनाया है. कार्यक्रम की थीम ‘जीविका के 20 साल बेमिसाल’ रखी गई है. ग्रामीण विकास एवं सूचना जनसंपर्क मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि इस संवाद के जरिए महिलाओं तक यह संदेश पहुंचाया जाएगा कि नीतीश कुमार द्वारा शुरू की गई जीविका ने उनके जीवन में कितना व्यापक बदलाव लाया है.

1.88 करोड़ महिलाओं तक पहुंचा जीविका का दावा

प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा के मुताबिक, नीतीश कुमार ने 2006 में जीविका कार्यक्रम की शुरुआत की थी. आज 13 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से 1.88 करोड़ से अधिक महिलाएं जीविका से जुड़ी हैं. पार्टी इसे महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तीकरण से जोड़कर पेश कर रही है.पार्टी की कोशिश होगी कि योजनाओं के आंकड़ों के साथ उन महिलाओं की कहानियां और अनुभव भी सामने आएं, जिनकी आर्थिक गतिविधियों में जीविका के जरिए बदलाव आया है.

महिला संगठन को जिम्मेदारी, जिलों तक पहुंचेगा संदेश

नीतीश संवाद की तैयारियों में जदयू के महिला संगठन की भूमिका अहम रखी गई है. प्रदेश कार्यालय में हुई समीक्षा बैठक में सभी जिलों से महिला नेता और पदाधिकारी पहुंचे. बैठक में कार्यक्रम को ज्यादा से ज्यादा महिलाओं तक ले जाने और इसकी सफलता सुनिश्चित करने पर चर्चा हुई. जदयू महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष एवं विधानपार्षद शिवरानी देवी ने कहा कि पिछले 20 वर्षों में महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक उत्थान के लिए कई महत्वपूर्ण काम हुए हैं और जीविका की इसमें अहम भूमिका रही है.

पहले फरक्का, अब जीविका… बढ़ रहा संवाद का दायरा

जदयू ने हाल में फरक्का जल संधि के मुद्दे पर भी नीतीश संवाद की शुरुआत की थी. इसके तहत गंगा किनारे के 12 जिलों में संवाद कार्यक्रम चलाया गया. अब उसी नाम के तहत जीविका और महिला सशक्तीकरण को केंद्र में रखकर कार्यक्रम को पूरे बिहार तक ले जाने की तैयारी है. इस तरह पार्टी के संवाद कार्यक्रमों का दायरा अलग-अलग मुद्दों तक बढ़ता दिख रहा है. इस बार ग्रामीण महिलाओं और जीविका के दो दशक के काम को केंद्र में रखकर संगठन को जिलों और गांवों तक सक्रिय करने की तैयारी है.

‘व्यापक बदलाव’ को लेकर मैदान में जदयू

जदयू के लिए यह कार्यक्रम सिर्फ 20 साल की जीविका यात्रा बताने का मंच नहीं है. कार्यक्रम के जरिए जदयू यह बताने की कोशिश करेगी कि महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में जीविका ने किस तरह काम किया और इसका असर ग्रामीण समाज पर किस रूप में पड़ा. 2 अक्टूबर से शुरू होने वाला नीतीश संवाद में मंच पर सिर्फ नेता नहीं होंगे, बल्कि जीविका से जुड़ी महिलाओं के अनुभव और बदलाव की कहानी को भी केंद्र में रखने की तैयारी है.



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