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Pradhan Mantri Matsya Sampada Yojana: सरगुजा की चंपा मंडल ने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत 8.40 लाख रुपये का अनुदान लेकर खाली जमीन पर बायोफ्लॉक तालाब बनाया. चार महीने पहले डाली गई मछलियां अब बिक्री के लिए तैयार हो रही हैं.
Machli Palan: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले की महिलाएं अब आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं और कुछ कर गुजरने का जज्बा लेकर चल रही हैं. ऐसे में पहले जिस जमीन में कुछ नहीं होता था अब उस जमीन में मछली उत्पादन हो रहा है. दरअसल, प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए दिए जा रहे अनुदान से जिले के हितग्राही आधुनिक तकनीक अपनाकर मछली पालन को आय का बेहतर माध्यम बना रहे हैं. चंपा मंडल भी इसी योजना का लाभ लेकर बायोफ्लॉक तालाब में मछली पालन कर रही हैं और अब उनकी खाली पड़ी जमीन आय के नए स्रोत में बदल गई है, देखिए ये रिपार्ट…
परिवार की आमदनी बढ़ाने का बना नया जरिया
चंपा मंडल के परिवार के सदस्य पहले से ही अलग-अलग कार्यों में लगे हुए हैं. अब बायोफ्लॉक तालाब के माध्यम से मछली पालन परिवार के लिए आय का एक अतिरिक्त स्रोत बन गया है. खाली पड़ी जमीन का उपयोग कर उन्होंने स्वरोजगार की दिशा में कदम बढ़ाया है. उन्हें उम्मीद है कि आने वाले समय में मछलियों की बिक्री से परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी.
चार महीने पहले डाली गई थीं मछलियां, अब बिक्री की तैयारी
अनुदान से बायोफ्लॉक तालाब तैयार होने के बाद उसमें मछलियों का संचयन किया गया. चंपा मंडल के मुताबिक, करीब चार महीने पहले तालाब में मछलियां डाली गई थीं, जो अब अच्छी तरह बढ़ रही हैं. लगभग डेढ़ महीने बाद मछलियों की बिक्री शुरू करने की तैयारी है. उन्हें बाजार में मछलियों का थोक भाव करीब 120 रुपये प्रति किलोग्राम मिलने की उम्मीद है बिक्री शुरू होने के बाद इससे होने वाली आमदनी का वास्तविक आकलन किया जा सकेगा.
14 लाख की इकाई, 8.40 लाख रुपये का अनुदान
बायोफ्लॉक तालाब इकाई की कुल लागत 14 लाख रुपये बताई गई है योजना के प्रावधानों के अनुसार महिला, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के हितग्राहियों को 60 प्रतिशत तक अनुदान, जबकि अन्य पिछड़ा वर्ग और सामान्य वर्ग के हितग्राहियों को 40 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है चंपा मंडल को इस इकाई के लिए 8 लाख 40 हजार रुपये का अनुदान प्राप्त हुआ, जिससे तालाब निर्माण और मछली पालन की शुरुआत करने में मदद मिली.
आधुनिक तकनीक से स्वरोजगार को मिल रहा बढ़ावा
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के माध्यम से आधुनिक मत्स्य पालन को प्रोत्साहन दिया जा रहा है. बायोफ्लॉक जैसी तकनीक अपनाकर हितग्राही उपलब्ध जमीन और संसाधनों का बेहतर उपयोग कर रहे हैं. चंपा मंडल की पहल भी इसी दिशा में एक उदाहरण है, जहां सरकारी अनुदान और मत्स्य विभाग के मार्गदर्शन से खाली जमीन को आय के संभावित नए स्रोत में बदला गया है.