रंगदारों के रंगदार… काली फॉर्च्यूनर, काली स्कॉर्पियो, अभय सिंह की 1500 गाड़ियों का काफिला, लोग बोले- के जात हओ


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भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए गोसाईगंज विधानसभा सीट से विधायक अभय सिंह के काफिले का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. दावा किया जा रहा है कि अभय सिंह अमेठी के गौरीगंज में 1500 गाड़ियों के काफिले के साथ कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे थे.

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अयोध्या से अमेठी तक अभय सिंह की दिखी ताकत, 1500 गाड़ियों के साथ पहुंचेZoom

गोसाईगंज से विधायक अभय सिंह के काफिले का वीडियो वायरल.

लखनऊः उत्तर प्रदेश की सियासत में बीते बुधवार को एक तरफ जहां भारतीय जनता पार्टी की ताकत बढ़ी तो वहीं दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी को बड़ा झटका लगा है. क्योंकि सपा के तीन विधायकों ने प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और अमेठी की पूर्व सांसद व पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की मौजूदगी में बीजेपी का दामन थाम लिया. बीजेपी में शामिल होने वाले तीनों विधायकों के नाम अभय सिंह, राकेश सिंह और विनोद चतुर्वेदी हैं. लेकिन इन तीनों विधायकों में से जिसकी सबसे अधिक चर्चा हुई है, वह हैं गोसाईगंज विधानसभा सीट से विधायक अभय सिंह.

ब्लैक फार्च्युनर, ब्लैक स्कार्पियों का निकला काफिला
अभय सिंह का जब काफिला गोसाईंगंज से अमेठी के गौरीगंज के लिए रवाना हुआ तो लोग देखते रह गए. अभय सिंह के काफिले के अलग-अलग वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं. काफिले में ब्लैक फार्च्युनर, ब्लैक स्कार्पियो, ब्लैक थार, सफेद स्कार्पियो व अन्य गाड़ियों की लंबी कतार सड़कों पर देखने को मिली. दावा किया जा रहा है कि अभय सिंह के काफिले में 1500 गाड़ियां शामिल थीं. जिन-जिन रास्तों से अभय सिंह का काफिला गुजरा, लोग देखते रह गए. कहा जा रहा है कि अभय सिंह न केवल बीजेपी में शामिल होने गए थे. बल्कि इसी बहाने अपना शक्ति प्रदर्शन भी दिखा आए. वैसे अगर देखा जाए तो अभय सिंह का दमदार दिखना जरूरी भी है. क्योंकि जिस विधानसभा सीट से वह विधायक हैं, वहां बीजेपी के कद्दावर नेता खब्बू तिवारी उनके प्रतिद्वंद्वी हैं. इस बार दोनों ही नेता गोसाईगंज से टिकट की मांग करेंगे. ऐसे में जो ताकतवर दिखाई देगा, बीजेपी उसको टिकट देगी.

कौन हैं अभय सिंह
अभय सिंह कद्दावर नेता माने जाते हैं. वह अयोध्या की गोसाईगंज विधानसभा सीट से विधायक हैं. अभय सिंह की गिनती बाहुबली और प्रभावी नेताओं में होती है, जिनका प्रभाव आसपास के जिलों तक फैला हुआ है. 2022 में अभय सिंह ने खब्बू तिवारी की पत्नी आरती तिवारी को हराया था. आरती तिवारी तब बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ी थीं. बता दें कि गोसाईगंज सीट, जब से अस्तित्व में आई है, तब से दो बार अभय सिंह का कब्जा रहा है. एक बार 2012 में और फिर 2022 में.

अभय सिंह के आने से क्या बदलेगा गोसाईगंज व अयोध्या का समीकरण
अब सवाल यह है कि अभय सिंह के बीजेपी में आने के बाद क्या उनके साथ सपा का वोटबैंक ट्रांसफर होगा. राजनीतिकों का मानना है कि अभय सिंह के बीजेपी में जाने से सपा का पूरा वोटबैंक तो ट्रांसफर नहीं होगा. स्थानीय राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि गोसाईगंज सीट पर जिसने निषाद, कुर्मी और यादव मतदाताओं को साध लिया, वह यहां का सिकंदर है. इन तीनों जातियों के अलावा जो सबसे अहम जाति है, वह है ब्राह्मण. इस सीट पर ठाकुर वोटबैंक बहुत कम है.



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