यूपी के इन 5 जिलों की बदलेगी किस्मत, आगरा-लखनऊ और बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के बीच बनेंगे इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, आलू कारोबारी छापेंगे नोट

यूपी के इन 5 जिलों की बदलेगी किस्मत, आगरा-लखनऊ और बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के बीच बनेंगे इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, आलू कारोबारी छापेंगे नोट


इटावा: यूपी की योगी सरकार सपा के गढ़ कहे जाने वाले इटावा जिले में विकास की एक नई राह दिखाने जा रही है. इटावा जिले में आगरा लखनऊ एक्सप्रेस-वे और बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे पर कुदरैल कट केवल एक सड़क का जोड़ नहीं है, बल्कि यह इटावा, मैनपुरी, औरैया, कन्नौज और जालौन के लिए तरक्की का नया गेटवे बनने जा रहा है. सरकार इस कट के आसपास ‘विशेष आर्थिक क्षेत्र’ और इंडस्ट्रियल कॉरिडोर विकसित करने की योजना पर काम कर रही है. इस स्थान पर सड़क किनारे आधुनिक जनसुविधाएं जैसे बड़े लॉजिस्टिक्स पार्क, मालवाहक गाड़ियों के लिए वेयरहाउस, आधुनिक फ्यूल स्टेशन, होटल और ट्रॉमा सेंटर बनाए जाएंगे.

इससे इटावा और आसपास के जिलों के किसानों के उत्पाद (जैसे आलू, डेयरी और अनाज) सीधे देश की बड़ी मंडियों तक पहुंचेंगे और स्थानीय युवाओं को रोजगार के हजारों नए अवसर मिलेंगे. बताते चलें कि इटावा जिला उत्तर प्रदेश का उद्योग शून्य जिले की श्रेणी में शुमार है और अब इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के निर्माण के बाद इटावा में विकास के नए पंख लगना शुरू हो जाएंगे.

इन जिलों के लोगों को मिलेगा फायदा
इटावा के अलावा मैनपुरी, कन्नौज, औरैया जालौन जैसे जिलों को भी इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का फायदा बड़ी संख्या में यहां के लोगों को मिलेगा. इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के निर्माण के साथ ही लॉजिस्टिक्स पार्क, वेयरहाउसिंग, आधुनिक जनसुविधाओं और रोजगार के अवसरों की संभावनाओं से क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा.

कुदरैल कट बन सकता है भविष्य
इटावा भाजपा जिलाध्यक्ष अन्नू गुप्ता ने बताया कि बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे और आसपास के प्रमुख सड़क मार्गों से जुड़ा कुदरैल कट आने वाले समय में इटावा सहित आसपास के जनपदों के आर्थिक एवं औद्योगिक विकास के लिए महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है. इस क्षेत्र के आसपास विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) और इंडस्ट्रियल कॉरिडोर विकसित किए जाने की संभावनाएं स्थानीय विकास, निवेश और रोजगार की दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं.

लॉजिस्टिक्स पार्क से लेकर एक्सप्रेस-वे के किनारे बनेंगे ट्रॉमा सेंटर
औरैया भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ सर्वेश कठेरिया ने बताया कि कुदरैल कट के आसपास औद्योगिक एवं परिवहन संबंधी सुविधाओं का विकास होने से इटावा, मैनपुरी, औरैया, कन्नौज और जालौन के आर्थिक परिदृश्य में सकारात्मक बदलाव की संभावनाएं हैं. लॉजिस्टिक्स पार्क, मालवाहक वाहनों के लिए वेयरहाउस, आधुनिक फ्यूल स्टेशन, होटल, ट्रॉमा सेंटर और अन्य सड़क किनारे जनसुविधाओं का विकास होने पर इस क्षेत्र को परिवहन एवं माल ढुलाई के एक प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने में मदद मिल सकती है.

आलू और अनाज व्यापारियों की बढ़ेगी आमदनी
कन्नौज भाजपा जिलाध्यक्ष वीर सिंह भदौरिया ने कहा कि इस विकास का सबसे महत्वपूर्ण लाभ क्षेत्र के किसानों और स्थानीय उद्यमियों को मिल सकता है. इटावा एवं आसपास के जिलों में उत्पादित आलू, अनाज, दुग्ध उत्पाद और अन्य कृषि उपज के भंडारण, परिवहन तथा बड़े बाजारों तक पहुंच की बेहतर व्यवस्था बनने से किसानों को नए विपणन अवसर मिल सकते हैं. साथ ही, परिवहन, भंडारण, होटल, व्यापार और सहायक उद्योगों के विस्तार से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावनाएं हैं.

जालौन भाजपा जिलाध्यक्ष उर्वीजा दीक्षित ने क्या कहा? 
कुदरैल कट की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए यहां योजनाबद्ध औद्योगिक विकास क्षेत्र की कनेक्टिविटी का बेहतर उपयोग कर सकता है. हालांकि, विशेष आर्थिक क्षेत्र और इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से संबंधित योजनाओं की आधिकारिक स्वीकृति, प्रस्तावित स्वरूप और समयसीमा की पुष्टि संबंधित सरकारी विभागों से होना आवश्यक है.

भाजपा इटावा जिला मीडिया प्रभारी रोहित शाक्य ने कहा कि कुदरैल कट का सुनियोजित विकास इटावा और आसपास के जनपदों को कृषि आधारित अर्थव्यवस्था से आगे बढ़कर उद्योग, व्यापार, लॉजिस्टिक्स और निवेश के नए अवसरों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है. एक्सप्रेस-वे केवल आवागमन का माध्यम नहीं, बल्कि औद्योगिक गतिविधियों और आर्थिक विकास को विस्तार देने का अवसर भी हैं. इटावा के ताखा क्षेत्र में प्रस्तावित औद्योगिक कॉरिडोर का समयबद्ध विकास, आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता और उद्योगों में निवेश को प्रोत्साहन देना महत्वपूर्ण होगा. इससे क्षेत्र की आर्थिक क्षमता का बेहतर उपयोग किया जा सकेगा.



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