Job Alert : रिज्यूमे बनाकर युवा हो जाएं तैयार, त्योहारी सीजन में आ रहीं 2.5 लाख नौकरियां

Job Alert : रिज्यूमे बनाकर युवा हो जाएं तैयार, त्योहारी सीजन में आ रहीं 2.5 लाख नौकरियां


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Job Demand : युवाओं को नौकरियां देने का समय आ गया है. देश में त्योहारी सीजन के दौरान इस साल करीब 2.5 लाख जॉब आने का अनुमान है. एक रिपोर्ट में बताया गया है कि गिग वर्कर्स के साथ कंपनियां लंबे समय की भर्ती का भी प्लान कर रही हैं और त्योहारी सीजन में छोटे शहरों के युवाओं के लिए बड़े मौके सामने आ रहे हैं.

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त्योहारी सीजन में छोटे शहरों में ज्यादा नौकरियों के अवसर आएंगे.

नई दिल्ली. अक्टूबर से ही त्योहारी सीजन शुरू हो जाएगा. इस दौरान युवाओं के लिए पैसे कमाने के कई मौके आन ेवाले हैं. ग्लोबल तकनीक एवं डिजिटल टैलेंट सॉल्यूशंस उपलब्ध कराने वाली कंपनी एनएलबी सर्विसेज ने अपनी हालिया रिपोर्ट में बताया है कि इस साल त्योहारी सीजन में करीब 2.5 लाख नौकरियां आने का अनुमान है. रिपोर्ट में बताया गया है कि जुलाई से दिसंबर 2026 के दौरान दो से 2.5 लाख मौसमी और ‘गिग’ नौकरियां पैदा होने की संभावना है और त्योहारों के दौरान नियुक्तियों में 15-20 फीसदी की वृद्धि का अनुमान है.

ई-कॉमर्स जैसे क्षेत्रों में काम करने वाले अस्थायी कर्मियों को ‘गिग’ कहा जाता है. देश में त्योहारी सत्र शुरू होने के साथ ई-कॉमर्स, क्विक कॉमर्स, खुदरा, लॉजिस्टिक्स, हॉस्पिटैलिटी, यात्रा और उपभोक्ता सेवाओं से जुड़े कारोबार साल के सबसे व्यस्त डिमांड वाले दौर के लिए तैयारी कर रहे हैं. एनएलबी सर्विसेज के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं एपीएसी प्रमुख वरुण सचदेवा ने कहा कि त्योहारों का दौर भारत के जॉब मार्केट के लिए एक तरह की परीक्षा का समय बनता जा रहा है. नियोक्ता पहले से भर्ती शुरू कर रहे हैं और पारंपरिक रोजगार केंद्रों से आगे बढ़कर तकनीक आधारित, मजबूत और तुरंत काम पर लगाए जा सकने वाले कर्मचारियों पर अधिक निर्भर हो रहे हैं.

जरूरत नहीं, अब अवसर बन गए त्योहार
उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान मांग को पूरा करने के लिए होने वाली भर्ती अब केवल अल्पकालिक जरूरत नहीं रह गई है, बल्कि नए प्रतिभा समूहों तक पहुंचने, बड़े स्तर पर उनकी क्षमता परखने और दीर्घकालिक रोजगार के अवसर तैयार करने का जरिया भी बन रही है. कंपनियां त्योहारों के दौरान बढ़ती मांग से करीब 12-14 सप्ताह पहले ही भर्ती की अपनी जरूरत की योजना बनाना शुरू कर देती हैं. इससे उन्हें पहले से प्रतिभा समूह तैयार करने और कम समय में होने वाली भर्ती का दबाव घटाने में मदद मिलती है.

छोटे शहरों की बड़ी हिस्सेदारी
त्योहारों के दौरान भर्ती का दायरा भौगोलिक रूप से भी बढ़ रहा है. कुल त्योहारी भर्ती डिमांड में से करीब 45 फीसदी हिस्सेदारी दूसरी और तीसरी श्रेणी के शहरों से रहने की उम्मीद है, जबकि इन बाजारों में भर्ती 25-30 फीसदी बढ़ने का अनुमान है. ई-कॉमर्स, क्विक कॉमर्स, संगठित खुदरा और क्षेत्रीय ऑर्डर सप्लाई नेटवर्क के विस्तार से जयपुर, लखनऊ, इंदौर, सूरत, नागपुर, भुवनेश्वर, कोयंबटूर, चंडीगढ़ और कोच्चि जैसे शहरों में रोजगार की मांग बढ़ रही है.

फ्रेशर्स के लिए अच्छा मौका
रिपोर्ट में कहा गया है कि त्योहारों के दौरान पहली बार काम करने वाले युवा यानी फ्रेशर्स और महिलाएं महत्वपूर्ण प्रतिभा समूह के रूप में उभर रहे हैं. भारत में जैसे-जैसे गिग इकनॉमी उभर रही है, यहां रोजगार की डिमांड भी बढ़ती जा रही है. अब गिग वर्कर्स में सिर्फ गैर तकनीकी युवाओं की ही डिमांड नहीं रहती है, बल्कि प्रशिक्षित और तकनीकी रूप से सुदृढ़ युवाओं की भी खूब भर्तियां हो रही हैं.



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