Last Updated:
रिश्तों की डोर ऐसी होती है, जो किसी के भी टूटे नहीं टूटती है. नीदरलैंड से एक महिला अपनी मां और बहन को ढूंढते हुए रायपुर पहुंची है. उसने बताया कि पिता की एक साल पहले ही कैंसर से सऊदी अरब में मौत हो चुकी है. उन्होंने बताया था कि उनकी पत्नी और बेटी रायपुर में हैं. उन्हें ही खोजते हुए वह यहां पर पहुंची हैं. इसके बाद पुलिस की मदद से उन्होंने वीडियो कॉल की, तो उनकी आंखों से आंसुओं की धारा बह निकली.
नीदरलैंड से रायपुर मां-बहन को खोजते हुए पहुंची बेटी
रायपुर: जिंदगी कब कौन सा मोड़ ले आ जाए, कहा नहीं जा सकता. जब बात रिश्तों की हो, तो इंसान उन्हें निभाने के लिए किसी भी हद तक जा सकता है. इसकी एक बानगी छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में देखने को मिली है. जहां 40 साल से बिछड़े अपने परिवार से मिलने के लिए एक महिला सुनीता अब्दुला नीदरलैंड से सीधा रायपुर पहुंच गई है. बताया जा रहा है कि पुलिस की तरफ से मानवीय पहल हुई. इसके बाद डीसीपी तारकेश्वर पटेल की पहल पर वीडियो कॉल के माध्यम से दोनों की बात हुई. इससे उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा.
मरने से पहले पिता ने बताया था राज
सुनीता अब्दुला ने बताया कि वह नीदरलैंड से रायपुर अपनी मां और बहन को ढूंढने के लिए आई हैं. उन्होंने इस मामले को लेकर कमिश्नर और एसपी को पत्र भी लिखा है. उन्होंने लेटर में मां जमुना दत्त और बहन समीना मुस्तफा को ढूंढने की अपील की है. सुनीता ने अपने पत्र में बताया है कि उनके बचपन में ही मां और पिता अलग हो गए थे और एक साल पहले ही सऊदी अरब में रह रहे उनके पिता की कैंसर से मौत हो गई थी. इससे पहले पिता ने बताया था कि दोनों रायपुर में रहते हैं और इस बात की जानकारी लगते ही वह यहां पहुंची हैं.
40 साल से नहीं हुई है मुलाकात
DCP तारकेश्वर पटेल ने बेटी सुनीता की बहन से वीडियो कॉल पर बातचीत कराई है. पिछले 40 साल से उनकी कोई भी मुलाकात नहीं हुई है. पुलिस के द्वारा काफी खोजबीन के बाद पता चला है कि उनकी मां और बहन गुढियारी में रहती थी.
अभी मुंबई में रहती है मां और बहन
15 साल पहले उनकी बहन और मां गुढ़ियारी में रहते थे, लेकिन फिर मुंबई शिफ्ट हो गए थे. इसके बाद बहन का नंबर नंबर मिला और उनकी वीडियो कॉल पर बातचीत हो पाई है. जब उनकी वीडियो कॉल पर बात हो रही थी, तो सुनीता की आंखों से आंसू छलक पड़े और उसने यह भी कहा है कि वह उन्हें खूब मिस कर रही है. बताया जा रहा है कि उनकी बहन मुंबई से एक से दो दिन में रायपुर आएगी. इसके बाद नीदरलैंड से आई महिला सुनीता उससे मुलाकात करेगी. रायपुर की पुलिस की वजह से 40 साल से बिछड़े दो परिवारों के बीच बातचीत संभव हो पाई है.
(रिपोर्ट-विशु शुक्ला)