वनडे में ग्यारहवें नंबर पर उतरकर सबसे बड़ी पारी खेलने वाले 5 बल्लेबाज
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Number eleven 5 batsman top scoring in an innings ODI: क्रिकेट में अक्सर सुर्खियां बड़े बल्लेबाज बटोरते हैं, लेकिन असली रोमांच उन अनसुने किरदारों में है जो सबसे आखिर में उतरकर इतिहास रचते हैं. वनडे क्रिकेट में नंबर ग्यारह के बल्लेबाजों ने कई बार अपनी टीम के लिए सबसे बड़ा स्कोर खड़ा किया है. जोएल गार्नर की 37 रनों की नाबाद पारी से लेकर मोहम्मद आमिर के ऐतिहासिक 58 रनों तक, इन खिलाड़ियों ने साबित कर दिया है कि मैदान पर कोई भी खिलाड़ी छोटा नहीं होता.
वनडे में 11वें नंबर पर उतरकर बड़ी पारी खेलने वाले टॉप 5 बल्लेबाज.
नई दिल्ली. क्रिकेट के मैदान पर अक्सर सुर्खियां बड़े बल्लेबाज और तूफानी गेंदबाज बटोरते हैं. रिकॉर्ड किताबों के पन्ने हमेशा शतकों, अर्धशतकों और पांच विकेट हॉल से भरे रहते हैं. लेकिन क्रिकेट की असली खूबसूरती उसके उन अनसुने किरदारों में छिपी है, जो मैदान पर सबसे आखिर में उतरते हैं और कभी-कभी ऐसा करिश्मा कर दिखाते हैं जो दिग्गजों के लिए भी प्रेरणा बन जाता है. बात जब वनडे क्रिकेट में नंबर ग्यारह के बल्लेबाजों की होती है, तो आमतौर पर यही माना जाता है कि उनका काम क्रीज पर टिककर मुख्य बल्लेबाज का साथ देना या सिर्फ ओवर निकालना है. लेकिन इस लिस्ट के आंकड़े कुछ और ही दास्तान बयां करती हैं.
क्रिकेट इतिहास में कई ऐसे लम्हे आए हैं जब बल्लेबाजी क्रम के आखिरी पायदान यानी नंबर ग्यारह पर उतरने वाले खिलाड़ी ने अपनी टीम के लिए सबसे बड़ा स्कोर खड़ा किया. 9 जून 1983 को मैनचेस्टर का मैदान गवाह है एक ऐतिहासिक मुकाबले का, जहां वेस्टइंडीज और भारत आमने-सामने थे. कैरेबियाई टीम की पारी के दौरान जब विकेट नियमित अंतराल पर गिर रहे थे, तब नंबर ग्यारह पर उतरे जोएल गार्नर. अपने लंबे कद और घातक गेंदबाजी के लिए मशहूर गार्नर ने उस दिन बल्ले से भी कमाल दिखाया. उन्होंने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 37 रनों की नाबाद पारी खेली. यह सिर्फ रन नहीं थे, बल्कि उस पारी में वह वेस्टइंडीज की तरफ से संयुक्त रूप से सर्वोच्च स्कोरर रहे.
प्रिंगल और ओगोंडो का जुझारू प्रदर्शन
समय का पहिया आगे बढ़ा और तारीख बदली एक नवंबर 1994. गुवाहाटी में न्यूजीलैंड और वेस्टइंडीज के बीच मुकाबला खेला जा रहा था. कीवी टीम की पारी के अंतिम छोर पर क्रीज पर आए सी प्रिंगल. उन्होंने धैर्य और सूझबूझ का परिचय देते हुए 34 रनों की नाबाद पारी खेली और टीम के स्कोर को सम्मानजनक स्थिति तक पहुंचाया. इसके कुछ साल बाद 18 अगस्त 2001 को नैरोबी के जिमखाना क्लब मैदान पर केन्या और वेस्टइंडीज के बीच मुकाबला था. केन्या के पीजे ओगोंडो ने नंबर ग्यारह पर उतरते हुए कैरेबियाई गेंदबाजी आक्रमण के सामने डटकर मुकाबला किया और 36 रनों की बहुमूल्य पारी खेली.
बॉन्ड का संयम और शोएब अख्तर का तूफान
पंद्रह सितंबर 2002 को कोलंबो के एसएससी मैदान पर न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीमों की भिड़ंत थी. न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज एसई बॉन्ड ने मुश्किल परिस्थिति में बल्लेबाजी करते हुए 26 रन बनाए और साबित किया कि वह सिर्फ गेंद से ही नहीं, बल्कि जरूरत पड़ने पर बल्ले से भी योगदान दे सकते हैं. इसके बाद 22 फरवरी 2003 को केपटाउन में एक और यादगार मुकाबला हुआ. पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच खेले गए इस मैच में शोएब अख्तर ने अपनी आक्रामक शैली का मुजाहिरा किया. रावलपिंडी एक्सप्रेस के नाम से मशहूर शोएब ने नंबर ग्यारह पर उतरकर तूफानी अंदाज में 43 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली और हर किसी को हैरान कर दिया.
मोहम्मद आमिर का ऐतिहासिक अर्धशतक
लेकिन इस फेहरिस्त में सबसे चमकदार और अविश्वसनीय पारी मोहम्मद आमिर के नाम दर्ज है. तीस अगस्त 2016 का दिन नॉटिंघम के ट्रेंट ब्रिज मैदान पर अंग्रेजी गेंदबाजों के लिए एक चुनौती बन गया था. पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच मैच में जब पाकिस्तानी पारी लड़खड़ा गई थी, तब बाएं हाथ के युवा तेज गेंदबाज मोहम्मद आमिर क्रीज पर आए. उन्होंने किसी मंजे हुए शीर्ष क्रम के बल्लेबाज की तरह बल्लेबाजी करते हुए अंग्रेजों के गेंदबाजी आक्रमण की धज्जियां उड़ा दीं. आमिर ने उस मैच में शानदार 58 रनों की पारी खेली. यह केवल नंबर ग्यारह पर बनाया गया एक बड़ा स्कोर ही नहीं था, बल्कि उस पारी में वह पाकिस्तान की तरफ से संयुक्त रूप से शीर्ष स्कोरर भी रहे.
नए दौर में भी जारी रहा टेलएंडर्स का कमाल
इसके बाद 13 जनवरी 2018 को ड्युनेडिन में न्यूजीलैंड के खिलाफ मैच में रुम्मन रईस ने नंबर ग्यारह पर उतरकर 16 रन जोड़े. क्रिकेट के बदलते दौर में भी यह सिलसिला थमा नहीं. चार अक्टूबर 2024 को अबू धाबी में आयरलैंड और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेले गए मुकाबले में सीए यंग ने 29 रनों की नाबाद पारी खेली. वहीं हाल ही में 29 मई 2025 को बर्मिंघम में वेस्टइंडीज और इंग्लैंड के बीच हुए मैच में जेएनटी सील्स ने भी नंबर ग्यारह पर बल्लेबाजी करते हुए नाबाद 29 रन बनाए और टीम के लिए संकटमोचन की भूमिका निभाई.