Pope Leo News: पोप लियो को लंग कैंसर, 90 मिनट चला ऑपरेशन, डॉक्टरों ने निकाला फेफड़े का हिस्सा


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पोप लियो को लंग कैंसर, 90 मिनट चला ऑपरेशन, डॉक्टरों ने निकाला फेफड़े का हिस्सा

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Pope Leo News: पोप लियो XIV को फेफड़ों का कैंसर होने की पुष्टि हुई है. वेटिकन के मुताबिक, मंगलवार को रोम के जेमेली अस्पताल में उनका करीब 90 मिनट तक ऑपरेशन चला. डॉक्टरों ने उनके दाएं फेफड़े का निचला हिस्सा निकाल दिया. जांच में लंग एडेनोकार्सिनोमा नाम के कैंसर का पता चला. ऑपरेशन के दौरान कोई परेशानी नहीं हुई और पोप होश में आने के बाद अस्पताल में आराम कर रहे हैं.

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पोप लियो को लंग कैंसर, 90 मिनट चला ऑपरेशन, डॉक्टरों ने निकाला फेफड़े का हिस्साZoom

पोप लियो के फेफड़े का हिस्सा सर्जरी से निकाला गया. (Reuters)

Pope Leo Lung Surgery: पोप लियो को फेफड़ों के कैंसर होने की पुष्टि हुई है. मंगलवार को 90 मिनट तक पोप लियो XIV का ऑपरेशन हुआ. वेटिकन की ओर से जारी मेडिकल बुलेटिन के मुताबिक, डॉक्टरों ने उनके दाएं फेफड़े का निचला हिस्सा निकाल दिया. जांच में पता चला कि उन्हें लंग एडेनोकार्सिनोमा है, जो फेफड़ों के कैंसर का एक आम प्रकार है. 71 साल के पोप फिलहाल रोम के जेमेली अस्पताल में भर्ती हैं और ऑपरेशन के बाद आराम कर रहे हैं.

डॉक्टरों ने क्या बताया?

पोप लियो को हाल ही में हेल्थ चेकअप के दौरान फेफड़े में एक गांठ का पता चला था. इसके बाद मंगलवार को उन्हें रोम के जेमेली अस्पताल में भर्ती कराया गया. वहां डॉक्टरों ने उनके दाएं फेफड़े के निचले हिस्से को निकालने के लिए ऑपरेशन किया. अस्पताल में छाती की सर्जरी के प्रमुख प्रोफेसर स्टेफानो मार्गरिटोरा के मुताबिक, डॉक्टरों ने वीडियो टेक्निक की मदद से सर्जरी की. इसका मकसद गांठ को निकालकर बीमारी का इलाज करना था. ऑपरेशन के दौरान टिश्यू की जांच की गई. इसमें फेफड़ों के कैंसर की पुष्टि हुई. डॉक्टरों को सर्जरी से पहले की जांच में भी इस बीमारी का शक था. वेटिकन के मुताबिक, ऑपरेशन करीब 90 मिनट चला और इस दौरान कोई परेशानी नहीं हुई. पोप को होश सामान्य तरीके से आया और वह अपने अस्पताल के कमरे में आराम कर रहे हैं. हालांकि, उनकी सेहत को लेकर इससे ज्यादा जानकारी नहीं दी गई है.

20 अक्टूबर तक के सभी कार्यक्रम रद्द

पोप लियो मंगलवार को स्थानीय समय के मुताबिक दोपहर करीब 1 बजे वेटिकन से अस्पताल के लिए रवाना हुए. उनका काफिला रोम में करीब नौ किलोमीटर का सफर तय करके जेमेली अस्पताल पहुंचा. अस्पताल पहुंचने पर पोप ने वहां मौजूद अधिकारियों से हाथ मिलाया. इस दौरान उनके ठीक होने की कामना कर रहे लोग भी वहां मौजूद थे. पोप ने गाड़ी से हाथ हिलाकर लोगों का अभिवादन किया. वेटिकन ने पहले बताया था कि पोप को करीब एक हफ्ते तक अस्पताल में रहना पड़ सकता है. उनकी सेहत को देखते हुए 20 अक्टूबर तक के सभी सार्वजनिक कार्यक्रम रद्द कर दिए गए हैं.

मई 2025 में बने पोप

पोप लियो का जन्म 1955 में अमेरिका के शिकागो में रॉबर्ट प्रीवोस्ट के रूप में हुआ था. मई 2025 में उन्हें कैथोलिक चर्च का प्रमुख चुना गया. पोप बनने से पहले उन्होंने पेरू में कई दशक तक मिशनरी और बिशप के तौर पर काम किया था. दुनिया भर में कैथोलिक चर्च के करीब 1.4 अरब अनुयायी हैं. पोप इस चर्च के सबसे बड़े धार्मिक नेता हैं. उनकी तबीयत खराब होने पर कोई उप-प्रमुख अपने आप उनकी जगह जिम्मेदारी नहीं संभालता, हालांकि वेटिकन का प्रशासनिक काम चलता रहता है. पोप लियो खेलों में भी दिलचस्पी रखते हैं और टेनिस खेलना पसंद करते हैं. उनके धूम्रपान करने की जानकारी भी सामने नहीं आई है. मौजूदा बीमारी से पहले उनकी सेहत को लेकर कोई बड़ी समस्या सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आई थी.

पहले भी गंभीर बीमारी से जूझ चुके हैं पोप लियो

पोप लियो ने पहले बताया था कि 1985 में पेरू के चुलुकानास में युवा पादरी के तौर पर काम करते समय उन्हें टाइफाइड बुखार हुआ था. बीमारी इतनी गंभीर थी कि उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था. एक किताब में छपे इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि उस दौरान उन्हें इतना दर्द होता था कि उन्होंने भगवान से इस तकलीफ को खत्म करने की प्रार्थना की थी. बाद में उन्होंने अपनी जान बचने को इस संकेत के तौर पर देखा कि धरती पर उनका कोई उद्देश्य बाकी है.



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