पद्मिनी कोल्हापुरे की ब्लॉकबस्टर से मिली पहचान, एक्टर बन बैठा विलेन, राज कपूर ने एक्टर से बना दिया स्टार विलेन


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बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर रजा मुराद ने अपने करियर से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा साझा किया है. उन्होंने बताया कि कैसे दिवंगत फिल्ममेकर राज कपूर ने फिल्म ‘प्रेम रोग’ के जरिए उन्हें विलेन के तौर पर नई पहचान दिलाई थी. साल 1982 में रिलीज हुई इस फिल्म के बाद रजा मुराद ने ‘राम तेरी गंगा मैली’ और ‘हिना’ जैसी फिल्मों में भी दमदार निगेटिव किरदार निभाए. एक्टर ने राज कपूर के साथ अपने जुड़ाव को याद करते हुए बताया कि आरके फिल्म्स की लगातार तीन फिल्मों में विलेन बनने का मौका मिलना उनके लिए बड़ी बात थी.

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फिल्म में रोल से मचा दिया था तहलका

नई दिल्ली. हिंदी सिनेमा में रजा मुराद ने ज्यादातर नेगेटिव रोल ही निभाए. लेकिन राज कपूर की फिल्मों में निभाए गए रोल के बाद तो वह ऐसे विलेन बन गए थे कि उन्हें कोई टक्कर देने वाला नहीं था.साल 1982 में आई प्रेम रोग में भी उन्होंने अपने काम से अपनी एक्टिंग से लोगों को हैरान कर दिया था. इतना ही नहीं राज कपूर की ‘राम तेरी गंगा मैली’ में भी उन्होंने नेगेटिर रोल से लोगों का दिल जीत लिया था.

बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर रजा मुराद ने अपने करियर से जुड़ी एक खास याद साझा की है. उन्होंने बताया कि मशहूर फिल्ममेकर राज कपूर ने 1982 में आई फिल्म ‘प्रेम रोग’ में उन्हें विलेन के रोल में कास्ट करके उनके करियर को एक नई दिशा दी थी. इसके बाद रजा मुराद ने राज कपूर के बैनर आरके फिल्म्स के तहत लगातार तीन फिल्मों में खलनायक की भूमिकाएं निभाईं. एक्टर ने सोशल मीडिया पर अपनी पुरानी यादें ताजा करते हुए राज कपूर का शुक्रिया भी अदा किया.

‘प्रेम रोग’ से विलेन के तौर पर मिली नई पहचान

रजा मुराद ने सोशल मीडिया पर अपने फिल्मी सफर को याद करते हुए बताया कि ‘प्रेम रोग’ उनके करियर की एक बेहद खास फिल्म थी. साल 1982 में रिलीज हुई इस फिल्म में उन्होंने सुमेरगढ़ के ठाकुर वीरेंद्र प्रताप सिंह का किरदार निभाया था. इसी फिल्म से उन्हें विलेन के तौर पर एक नई पहचान मिली. अपने पोस्ट में रजा मुराद ने लिखा, ‘विलेन के तौर पर मेरी पहली फिल्म. राज कपूर ने 1982 में अपनी शानदार फिल्म ‘प्रेम रोग’ में मुझे सुमेरगढ़ के ठाकुर वीरेंद्र प्रताप सिंह के रूप में एक नए अंदाज में पेश किया. इसके बाद उन्होंने मुझे ‘राम तेरी गंगा मैली’ (1985) में भी मौका दिया और फिर इतिहास बन गया. इसके बाद मैंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. रजा मुराद के मुताबिक, राज कपूर ने उनकी अभिनय क्षमता को पहचाना और उन्हें ऐसे किरदार निभाने का मौका दिया, जिन्होंने हिंदी सिनेमा में उनकी अलग पहचान बनाने में मदद की.

आरके फिल्म्स की लगातार तीन फिल्मों में बने विलेन

‘प्रेम रोग’ के बाद रजा मुराद ने राज कपूर के बैनर आरके फिल्म्स की फिल्म ‘राम तेरी गंगा मैली’ में भी काम किया. साल 1985 में रिलीज हुई इस फिल्म में भी उनके निगेटिव किरदार को काफी अहमियत मिली. इसके बाद साल 1991 में आई फिल्म ‘हिना’ में उन्होंने शाहबाज खान नाम के एक चालाक पाकिस्तानी पुलिस अधिकारी का किरदार निभाया. इस तरह रजा मुराद को आरके फिल्म्स की लगातार तीन फिल्मों में प्रमुख खलनायक की भूमिका निभाने का मौका मिला. इस अनुभव को याद करते हुए एक्टर ने कहा कि प्रतिष्ठित आरके फिल्म्स के बैनर तले लगातार तीन फिल्मों में मुख्य विलेन का किरदार निभाना उनके लिए सौभाग्य की बात थी. उन्होंने बताया कि ‘हिना’ में उनका किरदार एक ऐसे पाकिस्तानी पुलिस अधिकारी का था, जो अपनी चालाकियों से कहानी में अहम भूमिका निभाता है. रजा मुराद ने इस मौके के लिए आभार भी जताया.

रजा मुराद ने नेगेटिवर रोल से लूट ली थी महफिल.

कई फिल्मों में अपनी एक्टिंग का दम दिखा चुके हैं रजा मुराद

रजा मुराद ने अपने लंबे करियर में हिंदी सिनेमा की कई यादगार फिल्मों में काम किया है. खास तौर पर विलेन के किरदारों में उन्हें खूब पहचान मिली. ‘प्रेम रोग’, ‘राम तेरी गंगा मैली’ और ‘हिना’ के अलावा वह ‘त्रिदेव’, ‘आंखें’, ‘मोहरा’, ‘गुप्त: द हिडन ट्रुथ’, ‘जोधा अकबर’, ‘बाजीराव मस्तानी’, ‘पद्मावत’ और ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ जैसी फिल्मों में भी नजर आए हैं. फिल्मों के साथ-साथ रजा मुराद ने टेलीविजन पर भी काम किया है. वह आखिरी बार हिंदी टीवी सीरीज ‘मेघा बरसेंगे’ में नजर आए थे.

बता दें कि हाल ही में रजा मुराद एक और वजह से चर्चा में आए थे. उन्होंने दिग्गज अभिनेता मुश्ताक खान के निधन के बाद बॉलीवुड के बड़े सितारों की गैरमौजूदगी पर सवाल उठाए थे. मुश्ताक खान का 24 सितंबर को निधन हो गया था. रजा मुराद ने एक वीडियो संदेश के जरिए फिल्म इंडस्ट्री के बड़े नामों की आलोचना की थी. उन्होंने सवाल उठाया कि करीब पांच दशक तक हिंदी सिनेमा में काम करने वाले अभिनेता को अंतिम विदाई देने के लिए इंडस्ट्री के कई बड़े चेहरे क्यों नहीं पहुंचे.फिलहाल, राज कपूर के साथ अपने पुराने जुड़ाव को याद करके रजा मुराद ने एक बार फिर अपने करियर के उस दौर को चर्चा में ला दिया है, जब ‘प्रेम रोग’ ने उन्हें विलेन के तौर पर एक नई पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी.



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