फुल एसी ट्रेन, ऑटोमेटिक दरवाजे, फिर वंदे भारत के अंदर कैसे घुसीं मधुमक्खियां? खजुराहो में 12 पैसेंजर्स को नोचा


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खजुराहो रेलवे स्टेशन पर वंदे भारत ट्रेन पर मधुमक्खियों के हमले में 12 लोग बुरी तरह से घायल हो गए.कई लोगों के चेहरे और हाथों पर सूजन आ गई. जब मधुमक्खियों ने हमला किया, तो लोग प्लेटफॉर्म पर मौजूद थे और फिर जान बचाने के लिए वंदे भारत ट्रेन के अंदर भागे. लेकिन मधुमक्खियां वहां भी घुस गईं. कुछ लोगों ने टॉयलेट में घुसकर बचने की कोशिश की, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली.

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वंदे भारत ट्रेन के अंदर कैसे घुसी मधुमक्खियां (AI तस्वीर)

बुंदेलखंड की ऐतिहासिक और पर्यटन नगरी खजुराहो के रेलवे स्टेशन पर एक ऐसा वाकया हुआ, जिसने यात्रियों को सहमा दिया और रेलवे अधिकारियों के भी होश उड़ा दिए. खजुराहो से दिल्ली (हजरत निजामुद्दीन) जाने वाली देश की सबसे आधुनिक वंदे भारत एक्सप्रेस पर मधुमक्खियों के एक विशाल झुंड ने हमला बोल दिया, जिससे ट्रेन के अंदर और प्लेटफॉर्म पर हड़कंप मच गया. इस हमले में करीब 12 से 14 यात्री घायल हो गए, जिन्हें डंक लगने से काफी दर्द और सूजन का सामना करना पड़ा.लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि जब वंदे भारत एक्सप्रेस पूरी तरह से एयरटाइट, ऑटोमेटिक दरवाजों और आधुनिक सुरक्षा फीचर्स से लैस बंद ट्रेन है, तो आखिर मधुमक्खियां इसके अंदर कैसे दाखिल हो गईं?

खड़ी वंदे भारत ट्रेन में चल रही थी साफ सफाई
दरअसल यह घटना रविवार को दोपहर करीब तीन बजे की बताई जा रही है, जहां दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन से चलकर वंदे भारत ट्रेन नंबर-22469 खजुराहो पहुंची थी. इसके बाद उसकी साफ सफाई चल रही थी. दूसरी तरफ खजुराहो से दिल्ली जाने वाले यात्री खड़े हुए थे. इसी कड़ी में ट्रेन की साफ सफाई चल रही थी. दूसरी तरफ खजुराहो से दिल्ली जाने वाले यात्री प्लेटफॉर्म पर खड़े थे.

जहां पास में ही निर्माण कार्य चल रहा था, जहां गलती से मधुमक्खियों का छत्ता अचानक टूट गया. छत्ता टूटते ही भड़की हुई हज़ारों मधुमक्खियां आस-पास मौजूद लोगों पर टूट पड़ीं. इससे लोग बुरी तरह से घबरा गए और इधर-उधर भागने लगे.

परिस्थितियों की वजह से वंदे भारत ट्रेन के अंदर घुस गई मधुमक्खियां
वंदे भारत एक्सप्रेस पूरी तरह सील और एयर कंडीशनर होती है. लेकिन मधुमक्खियों के प्रवेश करने का रास्ता तकनीकी कमी नहीं, बल्कि परिस्थिति की वजह से बना. जब ट्रेन की साफ सफाई चल रही थी, तो उसके दरवाजे खुले हुए थे. बचने के लिए यात्रियों ने बदहवासी में ट्रेन के कोच (विशेषकर A-2 कोच) की तरफ दौड़ लगा दी.

लोगों के साथ डिब्बों के अंदर पहुंची मधुमक्खियां
लोग खुद को बचाने के लिए तेजी से डिब्बे के अंदर घुसे. उनके साथ-साथ और उनके कपड़ों से चिपकी हुई मधुमक्खियां भी डिब्बे के अंदर पहुंच गईं. दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक कई यात्री खुद को बचाने के लिए टॉयलेट के अंदर गए, लेकिन वहां भी मधुमक्खियां पहुंच गईं. इस दौरान यात्री चिल्लाते रहे, लेकिन उन्हें कोई भी मदद नहीं मिली. लेकिन हमले में 12 यात्री घायल हो गए और मधुमक्खियों ने उन्हें बुरी तरह से काट खाया था.

बाद में झांसी रेलवे स्टेशन पर उन लोगों को डॉक्टर मिला और लोगों का इलाज किया गया. रेलवे प्रशासन ने इस पूरी घटना की जांच के आदेश दिए हैं कि स्टेशन परिसर में निर्माण कार्य के दौरान ऐसी लापरवाही कैसे हुई?



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