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अगर आप कोई ऐसा बिजनेस करना चाहते हैं जिसे बताने में भी आपको ठीक लगे तो आप सोने-चांदी का बिजनेस कर सकते हैं. दरअसल, बहुत से युवा सिर्फ इस वजह से कोई धंधा या काम नहीं शुरू करते क्योंकि उन्हें लगता है कि लोग क्या कहेंगे. यदि आप इस दौर से बाहर निकल चुके हैं और कुछ करना चाहते हैं तो हम आपको एक बेहतरीन बिजनेस आइडिया देने जा रहे हैं.
आर्या झा/मधुबनी: अगर आप अपना खुद का बिजनेस शुरू करना चाहते हैं और इस दुविधा में हैं कि क्या काम शुरू किया जाए तो आज हम आपको एक बढ़िया कमाई वाले बिजनेस के बारे में बताने जा रहे हैं. हो सकता है कि कई बार आपके मन में भी उस बिजनेस के बारे में ख्याल आया हो. आज हम बात करेंगे ज्वैलरी के बिजनेस के बारे में. इसे सोने-चांदी का बिजनेस भी कह सकते हैं. इस बारे में जानकारी के लिए हमने सोने-चांदी का बिजनेस कर रहे सनी सोने से बात की. सनी सोनी मधुबनी के रहने वाले हैं और इनका परिवार कई पीढ़ियों से सोने-चांदी के कारोबर से जुड़ा है. इससे आपको उनका अनुभव जानने को मिलेगा जो सोने-चांदी के बिजनेस में आपकी समझ बढ़ाएगा.
सनी सोनी ने बताया कि सोने-चांदी का बिजनेस 15-20 लाख रुपए से शुरू कर सकते हैं. उन्होंने बताया कि अभी राजनगर में उन्होंने अपनी ज्वेलरी की एक और यानी दूसरी दुकान खोला है. उन्होंने बताया कि 20 लाख रुपये इस धंधे में लगने वाली शुरुआती रकम है. इसके बाद आप इसमें जितना पैसा लगाते जाएंगे आपका मुनाफा और कमाई उतना ही बढ़ता जाएगा. सोने-चांदी के डिमांड की बात करें तो इसकी डिमांड बनी रहती है. शादी-विवाह और दीवाली के समय तो इसकी डिमांड और दाम दोनों बढ़ जाता है.
टैक्स और नापतौल विभाग करते हैं विजिट
ज्वैलरी शॉप खोलते समय कुछ चीजों पर सावधानी बरतें. इसके लिए जीएसटी का होना जरूरी है. इसके अलावा हर साल इनकम टैक्स वाले आकर विजिट करते हैं ताकि आप जितने का उन्हें टैक्स दे रहे हैं उतना इनकम है या उससे ज्यादा है. इसके अलावा कहते हैं कि कांटा मशीन का भी हर साल रिन्युअल विभाग की तरफ से होता है. अगर कांटे में अंतर हुआ तो फिर आप पर केस लग सकता है. ऐसे में नापतौल में हेरफेर के बारे में सोचें भी नहीं.
अगर जमीन या दुकान आपकी खुद की है तो फिर ज्यादा मुनाफा होगा क्योंकि काफी ज्यादा पैसा तो किराया देने में ही खर्च हो जाता है. कई जगह बाजार के लिए कोई तय नियम नहीं होते तो फिर दुकान खाली करने और बाकी चीजों की भी टेंशन रहती है. ऐसे में अपनी दुकान होने पर फायदा ज्यादा होता है. हालांकि, इसका मतलब ऐसा बिल्कुल नहीं है कि अगर खुद की दुकान नहीं है तो आप बिजनेस ही ना करें. लोग किराए पर बिजनेस करके खुद की दुकान और जमीन खरीद लेते हैं. इस धंधे की खास बात यह है कि इसमें कभी नुकसान होता नहीं दिखता है. दुकानदार ने बताया कि सोने-चांदी का भाव समय के साथ बढ़ता ही जाता है. हालांकि, इसके दाम में रोज-उतार चढ़ाव होता है लेकिन, एक बार धंधे की समझ आने के बाद ज्यादातर यह हमेशा मुनाफे का ही धंधा रहता है.