देश का आईटी हब कह जाने वाले बेंगलुरु में एक बार की जांच के दौरान पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट और गाली गलौज का मामला सामने आया है. इस मामले में आंध्र प्रदेश कैडर के IAS अधिकारी विकास मरमट समेत चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. आरोप है कि बार में ग्राहकों के आईडी कार्ड की जांच कर रही पुलिस टीम के साथ चारों ने गाली-गलौज की, पुलिस इंस्पेक्टर और दूसरे पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट की. पुलिस ने 10 अक्टूबर को क्यूबन पार्क थाने में मामला दर्ज किया.
कौन हैं आरोपी IAS अधिकारी विकास मरमट?
पुलिस में दर्ज एफआईआर के मुताबिक, विकास मरमट आंध्र प्रदेश कैडर के IAS अधिकारी हैं और कुप्पम एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी में विशेष अधिकारी के पद पर तैनात हैं. इस मामले में उनके अलावा अभय उदय सिंह, नितीश और रोशन को भी आरोपी बनाया गया है. शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है.
यह कथित घटना बेंगलुरु के रेजिडेंसी रोड स्थित ‘कैवोर’ नाम के बार और रेस्टोरेंट में हुई. यह स्थान क्यूबन पार्क पुलिस थाने के अधिकार क्षेत्र में आता है. FIR में घटना का समय 10 अक्टूबर की रात करीब 1 बजे से 1:30 बजे के बीच बताया गया है.
देर रात बार में जांच करने पहुंची थी पुलिस
शिकायतकर्ता पुलिस इंस्पेक्टर अरुण सालुंके बेंगलुरु सिटी पुलिस की सेंट्रल क्राइम ब्रांच (CCB) की स्पेशल इन्क्वायरी विंग में तैनात हैं. FIR के अनुसार, बेंगलुरु पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर वह अपनी टीम के साथ क्यूबन पार्क और अशोक नगर पुलिस थाना क्षेत्रों में बार और रेस्टोरेंट की जांच कर रहे थे.
इसी अभियान के तहत पुलिस टीम 10 अक्टूबर की रात करीब 1:30 बजे कैवोर पहुंची. वहां पुलिसकर्मियों ने ग्राहकों की उम्र की पुष्टि करने के लिए उनके पहचान पत्रों की जांच शुरू की. शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इसी दौरान वहां मौजूद चार लोगों ने पुलिस टीम से बहस शुरू कर दी. विवाद बढ़ने पर उन्होंने कथित तौर पर पुलिसकर्मियों के साथ गाली-गलौज और मारपीट की.
इंस्पेक्टर और पुलिसकर्मियों से मारपीट का आरोप
FIR में आरोप है कि चारों लोगों ने इंस्पेक्टर अरुण सालुंके और उनके साथ मौजूद पुलिसकर्मियों के साथ बदसलूकी की, उन्हें धमकाया और उनकी ड्यूटी में बाधा डाली. शिकायत के मुताबिक, पुलिसकर्मियों पर कथित हमले के कारण इंस्पेक्टर को चिकित्सकीय उपचार भी कराना पड़ा.
बताया गया है कि सालुंके ने उपचार कराने और आराम करने के बाद क्यूबन पार्क पुलिस थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई. FIR में यह भी उल्लेख है कि वह 9 अक्टूबर को पूरे दिन ड्यूटी पर थे और उपचार के बाद शिकायत लेकर थाने पहुंचे. पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की.
BNS की किन धाराओं में दर्ज हुआ केस?
पुलिस ने विकास मरमट और अन्य तीन आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023 की पांच धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है. इनमें धारा 115(2) स्वेच्छा से चोट पहुंचाने, धारा 351(2) आपराधिक धमकी देने, धारा 352 शांति भंग कराने के इरादे से जानबूझकर अपमान करने, धारा 132 किसी लोक सेवक को उसके कर्तव्य के निर्वहन से रोकने के लिए हमला या आपराधिक बल प्रयोग करने और धारा 3(5) साझा मंशा से किए गए कृत्य से संबंधित है.