SIR की समय सीमा बढ़ी, 10 नवंबर तक होगा निपटारा; महाराष्ट्र में चुनाव आयोग को लेकर आया नया अपडेट


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Maharashtra SIR News: वोटर लिस्ट के एसआईआर और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर दिल्ली में जारी सियासी टकराव के बीच महाराष्ट्र के मतदाताओं के लिए राहत भरी खबर सामने आई है फडणवीस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी दी कि चुनाव आयोग ने मसौदा मतदाता सूची पर दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अंतिम तारीख बढ़ाकर 26 अक्टूबर कर दी है.

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26 अक्टूबर तक दर्ज कराएं दावे, SIR को लेकर चुनाव आयोग ने जारी किया नया शेड्यूलZoom

महाराष्ट्र में मतदाता सूची पर दावे-आपत्तियों की समय सीमा बढ़ा दी गई है. (फाइल फोटो)

Maharashtra SIR News: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर जानकारी दी है कि मतदाता सूची के मसौदे पर दावे और आपत्तियां दर्ज करने की समय सीमा बढ़ा दी गई है. चुनाव आयोग ने यह समय सीमा 26 अक्टूबर तक बढ़ा दी है.

मुख्यमंत्री ने बताया कि मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत मसौदा मतदाता सूची पर दावे-आपत्तियां दर्ज करने की अवधि बढ़ाई गई है. यह प्रक्रिया मतदाता सूची को सटीक और अपडेट रखने के लिए की जा रही है.

सीएम फडणवीस द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार नए शेड्यूल में दावे और आपत्तियां दर्ज करने की अवधि 31 अगस्त से 26 अक्टूबर तक है. दावे और आपत्तियों के निपटान की प्रक्रिया 31 अगस्त से 10 नवंबर तक है. अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 16 नवंबर को किया जाएगा.

मुख्यमंत्री ने पात्र मतदाताओं से अपील की है कि वे मसौदा मतदाता सूची में अपना नाम और विवरण जांच लें. अगर किसी का नाम छूट गया है तो उसे जोड़ने के लिए आवेदन करें, अगर जानकारी में कोई गलती है तो सुधार के लिए आवेदन करें और जरूरत होने पर 26 अक्टूबर से पहले आपत्ति दर्ज कराएं.

उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया हर पात्र नागरिक के वोट देने के अधिकार को सुरक्षित रखने के लिए की जा रही है, इसलिए पात्र नागरिकों को इस बढ़ाई गई समय सीमा का लाभ उठाना चाहिए. बता दें कि इसी बीच दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) को लेकर इंडिया ब्लॉक का प्रदर्शन जारी है.

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस प्रदर्शन को ‘संविधान बचाने की लड़ाई’ बताया है और चुनाव आयोग पर सरकार के साथ मिलीभगत का आरोप लगाया है. विपक्ष लगातार चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहा है, जबकि चुनाव आयोग मतदाता सूची को अपडेट करने की प्रक्रिया में जुटा है.



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