Last Updated:
Patna NEET Student Death Case: पटना में NEET छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में विशेष POCSO अदालत ने CBI की क्लोजर रिपोर्ट पर सुनवाई की. कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 6 नवंबर की तारीख तय की. सुनवाई के दौरान जांच में कथित लापरवाही को लेकर सवाल उठे और CBI की वकील को फटकार लगाए जाने की बात सामने आई. जहानाबाद की रहने वाली छात्रा 6 जनवरी 2026 को पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में बेहोश मिली थी. इलाज के दौरान 11 जनवरी को उसकी मौत हो गई. पहले बिहार पुलिस की SIT ने जांच की थी. बाद में मामला CBI को सौंपा गया.
CBI की क्लोजर रिपोर्ट पर कोर्ट सख्त
पटना: बिहार की राजधानी पटना में NEET छात्रा की संदिग्ध मौत का मामला एक बार फिर चर्चा में है. पटना की विशेष POCSO अदालत में CBI की क्लोजर रिपोर्ट पर सुनवाई हुई. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने अगली तारीख 6 नवंबर तय की है. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने CBI की वकील को फटकार भी लगाई. जांच के दौरान कई बिंदुओं पर लापरवाही बरतने को लेकर सवाल उठे हैं. अगली सुनवाई में CBI और पटना पुलिस की SIT को कई सवालों के जवाब देने होंगे.
हॉस्टल में बेहोश मिली थी छात्रा
बता दें कि मृत छात्रा पटना के चित्रगुप्त नगर स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहकर NEET की तैयारी कर रही थी. छात्रा 5 जनवरी 2026 को हॉस्टल पहुंची थी. अगले दिन, 6 जनवरी को वह अपने कमरे में बेहोश मिली. इसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया. हालांकि, इलाज के दौरान 11 जनवरी को उसकी मौत हो गई. इस घटना के बाद परिवार ने कई सवाल उठाए थे. छात्रा के पिता के बयान पर 9 जनवरी को चित्रगुप्त नगर थाने में FIR दर्ज की गई थी. परिवार ने छात्रा के शरीर पर चोट के निशान होने की बात कही थी. उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की थी.
पहले SIT ने की जांच, फिर CBI को मिली जिम्मेदारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए बिहार पुलिस की विशेष जांच टीम यानी SIT ने जांच शुरू की थी. बाद में बिहार सरकार ने मामले की जांच CBI को सौंप दी. इसके बाद केंद्रीय जांच एजेंसी ने अलग-अलग पहलुओं की पड़ताल की. जांच के दौरान मेडिकल और फॉरेंसिक रिपोर्ट भी सामने आईं. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चोट के निशान का जिक्र था. वहीं, फॉरेंसिक जांच में छात्रा के कपड़ों पर स्पर्म मिलने की बात सामने आई थी. CBI ने मामले में कई लोगों से पूछताछ की. DNA जांच भी कराई गई. एक रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 30 लोगों के DNA सैंपल लिए गए थे. हालांकि, किसी का DNA संबंधित सैंपल से मेल नहीं खाया.
क्लोजर रिपोर्ट पर उठे सवाल
करीब आठ महीने की जांच के बाद CBI ने अदालत में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की थी. एजेंसी का कहना था कि किसी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए पर्याप्त ठोस सबूत नहीं मिले. इसके बाद छात्रा का परिवार अदालत पहुंचा. मृतका की मां ने न्याय की गुहार लगाई. परिवार को CBI की रिपोर्ट पर आपत्ति दर्ज कराने का मौका मिला है. अब विशेष POCSO अदालत में क्लोजर रिपोर्ट पर सुनवाई जारी है. ताजा सुनवाई में जांच के कुछ पहलुओं पर सवाल उठे. कोर्ट ने CBI की वकील को फटकार लगाई. जांच में कथित लापरवाही से जुड़े बिंदुओं पर भी जवाब मांगे जाने की बात सामने आई है.
6 नवंबर को फिर होगी सुनवाई
अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 6 नवंबर की तारीख तय की है. अगली सुनवाई में CBI और पटना पुलिस की SIT से कई सवाल पूछे जा सकते हैं. जांच के दौरान सामने आए तथ्यों और उठाए गए सवालों पर जवाब मांगे जाएंगे. फिलहाल, छात्रा की मौत के मामले में अंतिम फैसला नहीं हुआ है. CBI की क्लोजर रिपोर्ट पर अदालत का निर्णय महत्वपूर्ण होगा. कोर्ट रिपोर्ट को स्वीकार कर सकता है या मामले में आगे की जांच का निर्देश दे सकता है. अब मृतका के परिवार को अगली सुनवाई से उम्मीद है.