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Silk Saree for Dandiya Night: नवरात्रि में डांडिया और गरबा नाइट के लिए देहरादून के बाजारों में महिलाओं की खरीदारी बढ़ गई है. पलटन बाजार, आढ़त बाजार और राजपुर रोड के बुटीक में सिल्क साड़ियों की कई वैरायटी देखने को मिल रही हैं. तसर, मलबरी, कांजीवरम और एरी सिल्क जैसी साड़ियां पारंपरिक लुक पसंद करने वाली महिलाओं के लिए विकल्प बनी हुई हैं. डांडिया नाइट में साड़ी के साथ कैसी ज्वेलरी और फुटवियर अच्छे लगेंगे, इसका भी खास ध्यान रखा जा रहा है. अगर आप भी इस नवरात्रि गरबा या डांडिया खेलने जाने वाली हैं, तो जानिए कौन-सी सिल्क साड़ी आपके लुक को खास बना सकती है.
नवरात्रि के मौके पर डांडिया नाइट्स की तैयारी शुरू होते ही देहरादून के बाजारों में रौनक बढ़ गई है. पलटन बाजार से लेकर राजपुर रोड के बुटीक तक महिलाएं अपनी पसंद की साड़ियां खरीदने पहुंच रही हैं. डांडिया की जगमगाती रोशनी और गरबा के माहौल में सिल्क साड़ियों का अलग ही आकर्षण देखने को मिल रहा है. यही वजह है कि इन दिनों बाजारों में रेशम की साड़ियों की अलग-अलग वैरायटी देखने को मिल रही है.
दुकानदार महेश कपूर ने बताया कि, डांडिया नाइट्स के खास मौके पर तसर रेशम साड़ियों की मांग सबसे टॉप पर बनी हुई है. तसर सिल्क का नेचुरल रिच टेक्सचर और इसकी सुनहरी चमक इसे अन्य साड़ियों से बिल्कुल अलग बनाती है. देहरादून के बाजारों में इस सिल्क की बेहतरीन वैरायटी उपलब्ध है जो हर किसी का मन मोह लेती है. गरबा खेलते समय इसका रॉयल और क्लासिक लुक महिलाओं को एक पारंपरिक और सांस्कृतिक पहचान देता है. भारी कढ़ाई और एथनिक ज्वेलरी के साथ तसर सिल्क का यह कॉम्बिनेशन डांडिया रातों की शान में चार चांद लगा देता है.
इसके अलावा मलबरी सिल्क अपनी बेशकीमती चमक और बेजोड़ सादगी के लिए देहरादून की महिलाओं की खास पसंद बना हुआ है. मलबरी रेशम के धागे बेहद बारीक और मजबूत होते हैं जो साड़ी को एक शानदार फॉल और फिनिश देते हैं. डांडिया नाइट्स के दौरान जब महिलाएं मलबरी सिल्क की साड़ियां पहनकर निकलती हैं तो उनकी खूबसूरती देखते ही बनती है. यह साड़ी न सिर्फ दिखने में बेहद आकर्षक होती है बल्कि पहनने में भी काफी आरामदायक होती है.
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वहीं, दक्षिण भारत की शान कांजीवरम रेशम साड़ियां देहरादून के बाजारों में छाई हुईं हैं. कांजीवरम सिल्क साड़ियों की हैवी जरी बॉर्डर और चमकीले रंग डांडिया नाइट्स के लाइव म्यूजिक और डांस के साथ पूरी तरह मेल खाते हैं. इन साड़ियों की बुनाई में इस्तेमाल होने वाला शुद्ध रेशम और असली ज़री का काम इसे पीढ़ियों तक सहेजने वाला बनाता है. गरबा के ग्रेसफुल स्टेप्स लेते समय कांजीवरम साड़ियों की भव्यता और ग्रेस देखते ही बनता है.
जतिन डोरा ने बताया कि एरी सिल्क इस बार साड़ी लवर्स की पहली और सबसे अनूठी पसंद बनकर उभरा है. एरी रेशम का हल्का और आरामदायक अहसास लंबी डांडिया नाइट्स में बिना थके नाचने के लिए सबसे उत्तम माना जाता है. देहरादून के बुटीक्स में एरी सिल्क के प्राकृतिक और ईको-फ्रेंडली साड़ियों की एक बड़ा क्लेक्शन है. यह रेशम न सिर्फ पर्यावरण के अनुकूल है बल्कि त्वचा के लिए भी बेहद मुलायम और सुरक्षित होता है. डांडिया की मस्ती और उमंग के बीच एरी सिल्क का यह सहज अंदाज महिलाओं को पूरे विश्वास के साथ अपनी कला दिखाने का मौका देता है.
देहरादून के बड़े बाजारों जैसे पलटन बाजार, अराढ़ बाजार और राजपुर रोड के प्रतिष्ठित बुटीक इस समय सिल्क साड़ियों से गुलजार नजर आ रहे हैं. दुकानदारों ने ग्राहकों की भारी मांग को ध्यान में रखते हुए देश के विभिन्न हिस्सों से रेशम की अनूठी वैरायटी मंगाई हैं.
डांडिया नाइट्स में रेशम की इन साड़ियों के साथ सही एक्सेसरीज और फुटवियर का चयन आपके पूरे लुक को और अधिक निखार सकता है. तसर, मलबरी, कांजीवरम और एरी सिल्क साड़ियों के साथ ऑक्सीडाइज्ड ज्वैलरी और पारंपरिक गुजराती पोटली बैग का मेल बहुत जमता है.
महिलाएं अपने बालों में गजरा लगाकर या पारंपरिक बन बनाकर इस लुक को और भी ज्यादा ग्रेसफुल बना सकती हैं. गरबा के तेज और ऊर्जावान स्टेप्स लेते समय इन साड़ियों की प्लेट्स और पल्लू का मूवमेंट बहुत ही आकर्षक लगता है. सही मेकअप और कॉन्फिडेंस के साथ रेशम की यह साड़ियां आपको डांडिया नाइट की असली क्वीन बना सकती हैं.