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कूनो नेशनल पार्क से दुखद खबर सामने आई है. एक 8 महीने के शावक की मौत हो गई है. इस शावक को नामीबियाई मादा चीता आशा ने जन्म दिया था. आशा ने 5 बच्चों को जन्म दिया था. अब उसके 4 शावक बचे हैं. वन अधिकारियों के मुताबिक, मॉनिटरिंग के दौरान एक आशा का एक बच्चा गायब दिखा, तो सर्च ऑपरेशन चलाया गया. इस दौरान वह शावक मृत मिला. अब उसकी पोस्ट मार्टम रिपोर्ट का इंतजार हो रहा है.
कूनो नेशनल पार्क में एक शावक की मौत हो गई.
भोपाल. कूनो नेशनल पार्क में 8 के शावक की मौत हो गई है. इस शावक को आशा नाम की नामीबियाई मादा चीता ने जन्म दिया था. आशा ने 8 महीने पहले 5 शावकों को जन्म दिया था, जिसमें से एक की मौत हुई है. सुबह मॉनिटरिंग के दौरान आशा के साथ चार शावक ही दिखे थे. वन विभाग के कर्मचारियों ने 1 लापता शावक की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया. सर्च ऑपरेशन के दौरान यह शावक मृत अवस्था में मिला शावक. मौत की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाई है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट की रिपोर्ट आने के बाद ही इसका पता चल पाएगा.
इस शावक की मौत के बाद से अब कूनो नेशनल पार्क में चीतों की संख्या 53 रह गई. इनमें भारत में जन्मे 40 चीते शामिल हैं. गांधी सागर अभयारण्य में 4 और वीडीटीआर में 2 चीते मौजूद. देश में चीतों की कुल संख्या घटकर 59 हो गई है. बता दें, हाल में कूनो में ही KJP21 नाम की चीता ने 5 स्वस्थ शावकों को जन्म दिया था, जिसके बाद भारत में चीतों की संख्या 60 हो गई थी.
कूनो में ही KJP21 नाम की चीता ने 5 शावकों को जन्म दिया था.
केजेपी 21 ने जिन 5 शावकों को जन्म दिया है, उनके पिता बोत्सवाना से लाया गया नर चीता है. इनके जन्म से भारत में बोत्सवाना वंशावली की शुरुआत हुई है और एक नई आनुवंशिक वंशावली का समावेश हुआ है.