‘महिला प्रदर्शनकारियों के साथ गलत किया’, CRPF ऑफिसर ने दिल्ली पुलिस की शिकायत
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‘महिला प्रदर्शनकारियों के साथ गलत किया’, यह आरोप लगाते हुए CRPF के एक अधिकारी ने दिल्ली पुलिस की शिकायत की है. मणिपुर में तैनात असिस्टेंट कमांडेंट राहुल सोलंकी ने राष्ट्रीय महिला आयोग, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और दिल्ली पुलिस आयुक्त से निष्पक्ष जांच की मांग की है. मामला दिल्ली में कथित ‘वोट चोरी’ के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान महिला प्रदर्शनकारियों के साथ कथित दुर्व्यवहार से जुड़ा है. अधिकारी ने शिकायत के साथ सोशल मीडिया पर वायरल तीन वीडियो के लिंक भी साझा किए हैं. हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने खुद वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है. उन्होंने वीडियो का फॉरेंसिक जांच कराने और आरोप सही पाए जाने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.
दिल्ली में ‘वोट चोरी’ के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान महिला प्रदर्शनकारियों से कथित दुर्व्यवहार पर CRPF अधिकारी राहुल सोलंकी ने जांच की मांग की है. (फोटो PTI)
दिल्ली में कथित ‘वोट चोरी’ के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान महिला प्रदर्शनकारियों के साथ गलत व्यवहार किए जाने का आरोप लगा है. मामला इतना गंभीर है कि CRPF के एक असिस्टेंट कमांडेंट ने दिल्ली पुलिस के खिलाफ शिकायत कर दी है. अधिकारी ने राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) से भी इस मामले में दखल देने की मांग की है. शिकायत में पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों पर महिला प्रदर्शनकारियों के साथ कथित दुर्व्यवहार के आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने की अपील की गई है. अधिकारी का कहना है कि अगर आरोप सही साबित होते हैं तो जिम्मेदार लोगों पर कानूनी और विभागीय कार्रवाई होनी चाहिए. वहीं अगर वीडियो में छेड़छाड़ की पुष्टि होती है तो उस पहलू की भी जांच की जाए.
ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार मणिपुर में तैनात CRPF असिस्टेंट कमांडेंट राहुल सोलंकी ने अपनी शिकायत के साथ सोशल मीडिया पर वायरल तीन वीडियो के लिंक भी दिए हैं. द ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने यह शिकायत एक जिम्मेदार नागरिक के तौर पर व्यक्तिगत स्तर पर की है. सोलंकी ने साफ किया है कि उन्होंने खुद इन वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है. इसलिए वीडियो में दिख रहे घटनाक्रम और उनसे जुड़े आरोपों की जांच जरूरी है. उन्होंने संबंधित अधिकारियों से पूरे फुटेज और घटना की परिस्थितियों की पड़ताल करने का अनुरोध किया है. अब इस मामले में जांच एजेंसियों का रुख अहम होगा. साथ ही यह भी देखा जाएगा कि वीडियो में लगाए गए आरोपों की पुष्टि होती है या नहीं.
सोशल मीडिया पर वायरल तीन वीडियो के लिंक सौंपे
राहुल सोलंकी ने अपनी शिकायत में सोशल मीडिया पर वायरल तीन वीडियो के लिंक शेयर किए हैं. उनके मुताबिक इन वीडियो में कथित तौर पर पुलिस और सुरक्षा बलों के जवान महिला प्रदर्शनकारियों के साथ दुर्व्यवहार करते नजर आते हैं. हालांकि अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया है कि उन्होंने खुद वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं की है. ऐसे में वीडियो की प्रामाणिकता और उसमें दिख रही घटनाओं का स्वतंत्र सत्यापन अहम होगा.
वीडियो की फॉरेंसिक जांच कराने की मांग
CRPF अधिकारी ने राष्ट्रीय महिला आयोग, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और दिल्ली पुलिस आयुक्त से वीडियो की निष्पक्ष जांच कराने की अपील की है. उन्होंने फुटेज का फॉरेंसिक सत्यापन करने और घटना से जुड़ी परिस्थितियों की पड़ताल करने को कहा है. शिकायत में दो संभावित स्थितियों का जिक्र किया गया है. अगर आरोप सही साबित होते हैं तो जिम्मेदार पुलिसकर्मियों, सुरक्षा बलों के जवानों और संबंधित पर्यवेक्षी अधिकारियों पर कानूनी तथा विभागीय कार्रवाई की जाए. वहीं अगर वीडियो फर्जी पाए जाते हैं या उनमें छेड़छाड़ की पुष्टि होती है तो कानून के मुताबिक उचित कदम उठाए जाएं और भ्रामक सामग्री हटाई जाए.
महिला प्रदर्शनकारियों से निपटने वाले जवानों को प्रशिक्षण देने की अपील
सोलंकी ने शिकायत में महिला प्रदर्शनकारियों से जुड़े मामलों में तैनात पुलिसकर्मियों और सुरक्षा बलों के जवानों के लिए लैंगिक संवेदनशीलता प्रशिक्षण की जरूरत पर भी जोर दिया है. उन्होंने संबंधित संस्थाओं से इस दिशा में उचित निर्देश जारी करने का अनुरोध किया है. उनका कहना है कि ऐसे प्रशिक्षण से महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा के साथ उनके कानूनी अधिकारों की रक्षा करने में मदद मिल सकती है.
पुलिस और सुरक्षा बलों की भूमिका को भी सराहा
शिकायत में सोलंकी ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने और नागरिकों की सुरक्षा में पुलिस तथा वर्दीधारी बलों की भूमिका को स्वीकार किया है. उन्होंने कहा कि शिकायत का उद्देश्य बलों की सेवाओं को कमजोर करना नहीं है. मकसद किसी भी वास्तविक दुर्व्यवहार की निष्पक्ष जांच कराना और संस्थानों की प्रतिष्ठा बनाए रखना है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वीडियो के लिंक और उन्हें उपलब्ध कराने वाले व्यक्तियों या संगठनों का विवरण केवल सत्यापन के लिए साझा किया गया है. इसे उन लोगों के विचारों या बयानों का समर्थन नहीं माना जाना चाहिए.