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India Post GDS Document Verification: इंडिया पोस्ट जीडीएस मेरिट लिस्ट में नाम आने के बाद आगे की प्रक्रिया क्या है? जानिए पहले और दूसरे डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन (DV-1 व DV-2), जरूरी कागजातों की लिस्ट, मेडिकल टेस्ट और फाइनल जॉइनिंग लेटर मिलने तक का पूरा प्रोसेस.
India Post GDS Merit List: इंडिया पोस्ट जीडीएस भर्ती के लिए डॉक्यूमेंट्स 2 बार वेरिफाई किए जाएंगे
नई दिल्ली (India Post GDS Document Verification). इंडिया पोस्ट ने ग्रामीण डाक सेवक भर्ती की मेरिट लिस्ट जारी कर दै ही. शॉर्टलिस्टेड उम्मीदवारों की लिस्ट में नाम आने पर तुरंत आगे की तैयारी शुरू कर दें. इंडिया पोस्ट जीडीएस भर्ती के लिए लिखित परीक्षा या इंटरव्यू नहीं होता है. यह सरकारी नौकरी खास तौर पर 10वीं पास वालों के लिए है. इंडिया पोस्ट जीडीएस मेरिट लिस्ट में नाम आने के बाद असली प्रक्रिया शुरू होती है. इसके अपडेट्स indiapost.gov.in/gdsonlineengagement पर देखते रहें.
इंडिया पोस्ट ग्रामीण डाक सेवक मेरिट लिस्ट आउट
भारतीय डाक विभाग ने ग्रामीण डाक सेवक भर्ती 2026 की पहली मेरिट लिस्ट indiapostgdsonline.gov.in पर जारी कर दी है. इसके जरिए 23,757 रिक्त पद भरे जाएंगे. वेबसाइट पर जाकर अपने राज्य या सर्किल की मेरिट लिस्ट डाउनलोड कर सकते हैं. शॉर्टलिस्टेड उम्मीदवारों की सूची में Ctrl+F शॉर्टकट से रजिस्ट्रेशन नंबर या नाम, अलॉटेड पोस्ट, डिवीजन और 10वीं का प्रतिशत देख सकते हैं. चयनित अभ्यर्थियों को सभी मूल दस्तावेजों के साथ संबंधित डिविजनल ऑफिस में डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी करनी होगी.
चरण 1: पहला डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन
इंडिया पोस्ट जीडीएस मेरिट लिस्ट में हर उम्मीदवार के नाम के आगे उसके संबंधित डिविजनल हेड का नाम और वेरिफिकेशन कराने की अंतिम तिथि लिखी होती है. अभ्यर्थियों को उनके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और ईमेल पर भी इंटीमेशन मेसेज आता है.
- समय सीमा का रखें ध्यान: पहली मेरिट लिस्ट आने के बाद अभ्यर्थियों को अपने सभी ओरिजिनल डाक्यूमेंट्स के साथ निर्धारित डिविजनल ऑफिस में रिपोर्ट करने के लिए 10 से 15 दिनों का समय मिलता है.
- क्या होता है इस राउंड में?: आवेदन फॉर्म में भरे गए अंकों और जानकारियों का मिलान असली मार्कशीट और सर्टिफिकेट्स से किया जाता है. अगर सभी डॉक्यूमेंट सही पाए जाते हैं तो प्रोविजनल वेरिफिकेशन स्लिप दी जाती है.
चरण 2: जरूरी डॉक्यूमेंट्स की चेकलिस्ट
वेरिफिकेशन सेंटर पर जाते समय किसी भी हड़बड़ी से बचने के लिए अपने सभी कागजात पहले से ही तैयार रखें. सभी ओरिजिनल डाक्यूमेंट्स के साथ उनके 2-2 सेट Self-Attested फोटोकॉपी ले जाएं:
- 10वीं की मार्कशीट और बोर्ड सर्टिफिकेट (जिसमें जन्मतिथि दर्ज हो).
- जाति प्रमाणपत्र (ओबीसी/एससी/एसटी/EWS के लिए केंद्र सरकार के फॉर्मेट पर).
- पीडब्ल्यूडी प्रमाणपत्र (यदि लागू हो).
- पहचान पत्र (आधार कार्ड, पैन कार्ड या वोटर आईडी).
- निवास प्रमाणपत्र (Domicile/Residential Certificate).
- कंप्यूटर नॉलेज सर्टिफिकेट (यदि अलग से हो, वैसे 10वीं में विषय होने पर छूट मिलती है).
- कम्युनिटी/स्थानीय भाषा का ज्ञान प्रमाण (10वीं में पढ़ी गई भाषा).
- हाल ही में खींची गई पासपोर्ट साइज रंगीन फोटो (कम से कम 6 से 8 कॉपी).
चरण 3: दूसरा डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन
कई अभ्यर्थियों को पता नहीं होता कि डाक विभाग में 2 बार डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन होता है. पहला वेरिफिकेशन (DV-1) सिर्फ शुरुआती जांच होती है. DV-1 क्लियर होने के कुछ दिनों बाद DV-2 के लिए बुलाया जाता है.
- गहन जांच: इस चरण में डॉक्यूमेंट्स की बैकग्राउंड जांच कराई जाती है. 10वीं की मार्कशीट को संबंधित शिक्षा बोर्ड के पास वेरिफिकेशन के लिए भेजा जाता है कि वह असली है या फर्जी.
- पुलिस वेरिफिकेशन और मेडिकल: इसी दौरान पुलिस वेरिफिकेशन फॉर्म भरवाया जाता है और किसी सरकारी हॉस्पिटल के मेडिकल अफसर (CMO) से मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट बनवाने का निर्देश दिया जाता है.
चरण 4: सिस्टम ट्रेनिंग और फाइनल अलॉटमेंट लेटर
दोनों चरण के वेरिफिकेशन और मेडिकल क्लीयरेंस के बाद अभ्यर्थियों को 5 से 15 दिनों की प्रैक्टिकल और सिस्टम ट्रेनिंग के लिए भेजा जाता है. ब्रांच पोस्टमास्टर (BPM) के पद पर चुने गए हैं तो ‘DARPAN’ डिवाइस चलाने, डाक लेनदेन, खाते खोलने और जमा-निकासी की डिजिटल ट्रेनिंग दी जाती है. ट्रेनिंग पूरी होने के बाद डाक विभाग फॉर्मल जॉइनिंग यानी अलॉटमेंट लेटर देता है. इसके तुरंत बाद आवंटित किए गए ब्रांच पोस्ट ऑफिस (BO) या सब पोस्ट ऑफिस (SO) में जाकर कार्यभार संभालना होता है.