दिल्ली में चल रहे कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन के बीच बड़ी खबर सामने आ रही है. 13 अक्टूबर को भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर गंभीर आरोप लगाए हैं. बीजेपी का आरोप लगाया कि 12 अक्टूबर को विपक्ष के विरोध प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी ने एक गर्भवती महिला पत्रकार को धक्का मारा. कहा गया कि पत्रकार रिचा पाराशर प्रदर्शन के दौरान कवरेज कर रही थीं, तभी उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया. फिलहाल महिला अस्पताल में भर्ती है और उनका इलाज इलाज चल रहा है.
बीजेपी विधायक उमंग बजाज ने मीडिया से कहा कि रात 10 बजे उन्हें जानकारी मिली कि महिला पत्रकार रिचा पराशर के साथ दुर्व्यवहार हुआ है. उनसे मिलने के लिए बजाज अस्पताल पहुंचे. उनके साथ बीजेपी नेता प्रदीप भंडारी, राजेश भाटिया और स्थानीय मंडल अध्यक्ष भी थे. उन्होंने पत्रकार की हालत का जायजा लेने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया.
बजाज ने इस कथित घटना की निंदा करते हुए पोस्ट किया, “जो व्यक्ति ‘पितृसत्ता को तोड़ने’ की बात करता है, वह एक महिला पत्रकार के साथ, जो सिर्फ अपना काम कर रही थी, ऐसा व्यवहार कैसे कर सकता है? मैं इसकी कड़ी निंदा करता हूं.”
वहीं बीजेपी नेता राजेश भाटिया ने भी इन आरोपों को दोहराते हुए बताया कि करीब रात 8 से 8:30 बजे एक लड़की उनके राजेंद्र नगर स्थित कार्यालय में आई और अपनी बहन के लिए मदद मांगी. लड़की ने कहा कि उसकी बहन पत्रकार है, 3 महीने की गर्भवती है. जब वह जंतर-मंतर के विरोध प्रदर्शन को कवर कर रही थी तो राहुल गांधी ने उसे धक्का मार दिया, जिससे वह घायल हो गई. उसे इलाज की सख्त जरूरत है.
बीजेपी नेता प्रदीप भंडारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया. उन्होंने दावा किया कि रिचा पराशर तीन महीने की गर्भवती हैं और प्रदर्शन कवर करते समय उन पर हमला हुआ. भंडारी ने अस्पताल में पत्रकार से मुलाकात का वीडियो भी साझा किया. जिसमें रिचा अस्पताल के बेड पर लेटे हुए अपने साथ हुई घटना को बताती हुई नजर आईं.
हालांकि इन आरोपों की अभी तक पुष्टि नहीं हुई है. राहुल गांधी या कांग्रेस की ओर से इन आरोपों पर फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.
बता दें कि कई दिनों से दिल्ली में सीईसी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन चल रहा है. सोमवार को विपक्षी नेता और समर्थक दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट की ओर ‘लोकतंत्र के लिए मार्च’ निकाल रहे थे. विपक्ष ने चुनावी नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं और ‘वोट चोरी’ का आरोप लगाते हुए यह प्रदर्शन किया.
मार्च का नेतृत्व राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे कर रहे थे. इसमें प्रियंका गांधी वाड्रा, आरजेडी नेता तेजस्वी यादव, सीपीआई नेता डी. राजा सहित इंडिया गठबंधन के कई नेता शामिल थे. विपक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है और चुनावी प्रक्रिया में बदलाव की भी मांग रखी है.
बीजेपी नेताओं के अनुसार, पत्रकार रिचा पराशर इसी प्रदर्शन को कवर कर रही थीं, जब कथित घटना हुई. पुलिस या अस्पताल प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान अभी तक सामने नहीं आया है. घटना की पुष्टि और आगे की जांच की प्रतीक्षा है.
फिलहाल राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का यह सिलसिला जारी है. विपक्ष चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठा रहा है, जबकि सत्ताधारी दल विपक्षी नेताओं के व्यवहार को लेकर हमलावर है. इस पूरे प्रकरण में तथ्यों की स्पष्टता के लिए स्वतंत्र जांच की जरूरत महसूस की जा रही है.