दुनियाभर के शेयर मार्केट में मंगलवार को टेक्नोलॉजी कंपनियों के शेयरों पर दबाव देखने को मिला. दक्षिण कोरिया की बड़ी चिप कंपनियों सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स और SK Hynix के शेयर 7% से ज्यादा तक गिर गए. इन शेयरों में लगातार पांचवें कारोबारी सेशन में गिरावट जारी रही है. इसका असर साउथ कोरिया के शेयर बाजार कोस्पी (Kospi) पर भी पड़ा, जो कारोबार के दौरान 6.2% तक टूट गया. अमेरिका में भी चिप बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई. मेमोरी चिप बनाने वाली कंपनी माइक्रोन टेक्नोलॉजी का शेयर सोमवार को करीब 3.9% गिर गया.
शेयरों में इस गिरावट के पीछे दो बड़ी वजहें हैं. पहली, चीन की कंपनी CXMT मेमोरी चिप बनाने की नई तकनीक पर तेजी से काम कर रही है. दूसरी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी कंपनियों के शेयरों की बढ़ती कीमतों को लेकर निवेशकों की चिंता बढ़ रही है. निवेशकों को डर है कि अगर चीन की कंपनियां कम कीमत पर बेहतर चिप बनाने में सफल होती हैं, तो सैमसंग और एसके हाइनिक्स जैसी कंपनियों के कारोबार पर असर पड़ सकता है. वहीं, AI से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में आई तेजी कितने समय तक बनी रहेगी, इसे लेकर भी सवाल उठने लगे हैं.
सैमसंग और SK Hynix पर दबाव
चीन की चिप कंपनी CXMT नई मेमोरी तकनीक पर काम कर रही है. इसकी प्रगति की खबर से निवेशकों का ध्यान इस बात पर गया है कि आने वाले समय में चिप बाजार में मुकाबला कितना कड़ा हो सकता है. सैमसंग और एसके हाइनिक्स भी इसी तरह की तकनीक पर काम कर रही हैं.
मेमोरी चिप का इस्तेमाल मोबाइल फोन, कंप्यूटर और AI से जुड़े सिस्टम में होता है. इनकी मांग बढ़ने से चिप कंपनियों को पिछले कुछ समय में फायदा हुआ है. लेकिन अगर चीन की कंपनियां भी इस बाजार में अपनी पकड़ मजबूत कर लेती हैं, तो मौजूदा कंपनियों के लिए मुकाबला बढ़ सकता है.
निवेशकों को यह भी चिंता है कि सेमीकंडक्टर यानी चिप उद्योग में चल रही तेजी 2028 और उसके बाद भी जारी रहेगी या नहीं. यूजीन एसेट मैनेजमेंट के मुख्य निवेश अधिकारी हा सुक-क्यून के मुताबिक, भविष्य को लेकर बनी अनिश्चितता का असर चिप कंपनियों के शेयरों की कीमतों पर पड़ रहा है.
AI शेयरों में तेजी पर उठने लगे सवाल
चिप कंपनियों के शेयरों में गिरावट की दूसरी वजह AI सेक्टर को लेकर बढ़ती चिंता है. पिछले कुछ समय में AI से जुड़ी कंपनियों में निवेश बढ़ा है और इनके शेयरों की कीमतों में भी तेजी आई है. लेकिन अब निवेशक यह सोचने लगे हैं कि क्या इन कंपनियों की कीमतें उनकी कमाई और कारोबार की असली स्थिति के मुकाबले बहुत ज्यादा बढ़ गई हैं.
चिप और टेक्नोलॉजी कंपनियों को AI के बढ़ते इस्तेमाल से फायदा मिलने की उम्मीद है. हालांकि, अगर निवेशकों का भरोसा कमजोर पड़ता है या कंपनियों की कमाई उम्मीद के मुताबिक नहीं बढ़ती, तो शेयरों में गिरावट आ सकती है.
ब्रॉडकॉम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की AI शेयरों में निवेश की तुलना जुए जैसी स्थिति से करने वाली टिप्पणी ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ाई. इसका असर अमेरिकी चिप कंपनियों से लेकर दक्षिण कोरिया के बाजार तक देखने को मिला.
अमेरिका की चिप कंपनियों पर भी असर
चिप बाजार में गिरावट सिर्फ दक्षिण कोरिया तक सीमित नहीं रही. सोमवार को अमेरिकी बाजार में भी सेमीकंडक्टर कंपनियों के शेयर दबाव में रहे. मेमोरी चिप बनाने वाली माइक्रोन टेक्नोलॉजी का शेयर करीब 3.9% गिर गया.
इसका कारण यह है कि चिप इंडस्ट्री की बड़ी कंपनियां एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं. अगर निवेशकों को लगता है कि आने वाले समय में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी या AI से होने वाली कमाई को लेकर उम्मीदें कमजोर पड़ेंगी, तो वे एक साथ कई कंपनियों के शेयर बेच सकते हैं.
इस बिकवाली ने दक्षिण कोरिया के बाजार पर भी दबाव बढ़ाया. सैमसंग और एसके हाइनिक्स के शेयरों में 7% से ज्यादा की गिरावट के दौरान कोस्पी इंडेक्स 6.2% तक नीचे आ गया.
महंगे तेल और ब्याज दरों की चिंता भी बढ़ी
दक्षिण कोरिया के बाजार पर दबाव सिर्फ टेक्नोलॉजी सेक्टर की वजह से नहीं है. मिडिल ईस्ट में युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं. इससे महंगाई बढ़ने की चिंता है. वहीं, अमेरिकी सरकारी बॉन्ड पर मिलने वाला रिटर्न यानी ट्रेजरी यील्ड बढ़ने से भी बाजार पर दबाव पड़ रहा है.
निवेशकों को आशंका है कि महंगाई पर काबू पाने के लिए अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में और बढ़ोतरी कर सकता है. ब्याज दरें बढ़ने पर कंपनियों के लिए कर्ज लेना महंगा हो सकता है और शेयर बाजार में निवेश का आकर्षण भी कम हो सकता है.
दक्षिण कोरिया की सरकार ने बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी को नियंत्रित करने के लिए कदम उठाने का भरोसा दिया है. हालांकि, महंगाई अभी भी चिंता का विषय बनी हुई है.
आगे बाजार की चाल किन बातों पर निर्भर करेगी?
फिलहाल निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि चीन की कंपनियां मेमोरी चिप बाजार में कितनी तेजी से आगे बढ़ती हैं और AI से जुड़ी कंपनियों की कमाई कितनी मजबूत रहती है. अगर चिप की मांग बनी रहती है और बड़ी कंपनियां अपनी तकनीक में बढ़त बनाए रखती हैं, तो बाजार को सहारा मिल सकता है. लेकिन कॉम्पिटिशन बढ़ने और AI सेक्टर की ऊंची कीमतों को लेकर चिंता जारी रहने पर शेयरों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है.